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आजादनगर और इस्लामनगर में घुसा बाढ़ का पानी, 12 मकान जलमग्न, घर छोड़ने लगे लोग
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कमतरी-आजादनगर मार्ग पर बैलगाड़ी से सुरक्षित स्थान पर पलायन करता एक परिवार। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बिजनौर के नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़ने जाने से गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार को गंगा का जलस्तर छह सेमी और बढ़ गया। इससे मिर्जापुर इलाके के आजादनगर और इस्लामनगर में बाढ़ का पानी घुस गया। वहां के 12 मकान जलमग्न हो गए, जिससे ग्रामीण घर छोड़कर जाने लगे हैं। सड़कों के ऊपर से पानी उतरने से लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है। उधर, कलान इलाके में रामगंगा का कटान जारी है।
नरौरा बैराज से सोमवार को एक लाख 42 हजार 352 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इससे गंगा के खादर में बसी मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी का मजरा आजादनगर चौतरफा बाढ़ से घिर गया है। मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर करीब तीन फीट पानी चल रहा है। गांव के किनारे के लगभग एक दर्जन घर जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीण तख्त और बैलगाड़ियों में अपनी गृहस्थी का सामान रखकर समय काट रहे हैं। तमाम ग्रामीणों ने बाढ़ से बचने के लिए रिश्तेदारियों या फिर आसपास के सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। आजादनगर से बमुश्किल 100 मीटर दूर फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी और चितार के लोगों की स्थिति बेहद खराब है। इन गांवों में गंगा की तेज धारा से भूमि कटान भी हो रहा है।
इसी क्षेत्र के गांव इस्लामनगर के दक्षिणी भाग में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। पैलानी उत्तर ग्राम पंचायत की प्रधान मोईन बेगम के पति फारुक अली और समाजसेवी रिजवान अहमद ने बताया कि आजाद नगर के इशरत, मो. सद्दीक, नफीस, राजू, साबिर, नाजिम, इशहाक, भोला आदि कई ग्रामीणों के छप्परदार घरों में बाढ़ का पानी भर जाने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। इन परिवारों के लोगों ने तख्त और बैलगाड़ी पर अपनी गृहस्थी समेट ली और पानी उतरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ का पानी चौंरा गांव के दक्षिणी भाग में पहुंच रहा है। चौंरा से कमथरी जाने वाले लिंक रोड पर भी पानी आ गया है। इसी रोड पर ग्राम इस्लामनगर में बनी डिप पर तेज पानी का बहाव है, जिससे आम लोगों को आजाद नगर, कमथरी और चितार की ओर जाना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि नरौरा बैराज से सोमवार को एक लाख 42 हजार 352 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। उन्होंने बताया कि बदायूं के कछला घाट पर दूसरे दिन भी गंगा के जलस्तर में मामूली कमी हुई, लेकिन रात में हुई बारिश के कारण जनपद में गंगा का उफान अभी कम नहीं हुआ है। उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में 13353 क्यूसेक पानी रिलीज हो रहा है जो कि बीते दिन की तुलना में लगभग छह हजार क्यूसेक कम है। इसीलिए बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा बीते दिन की तुलना में 24 सेमी कम होकर 159.51 मीटर पर बह रही है, लेकिन जलस्तर घटने के साथ जिले में रामगंगा के तटीय इलाकों में भूमि कटान की समस्या कम होने के बजाय बढ़ रही है।
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दहेलिया में कटान का एडीएम ने किया निरीक्षण
परौर। एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार ने बीते दिन यहां आकर रामगंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने के दौरान दहेलिया गांव जाकर वहां ध्वस्त हुई पुलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार अजय कुमार यादव को कटान से प्रभावित गांवों में जमीन और फसलों को पहुंचे नुकसान का सर्वे और उसकी फोटोग्राफी कराकर राहत सहायता उपलब्ध कराने को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि जिन ग्रामीणों की फसलों समेत जमीनें कट गई हैं, उनकी रोजी-रोटी की समस्या के निराकरण के लिए जल्द जरूरी कदम उठाएं।
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रात में फिर हुई 21 मिमी बारिश, दिन में बढ़ी उमस
बाढ़ के लिहाज से शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियां सोमवार को पांचवें दिन भी उतार पर रहीं। बीते 24 घंटे के दौरान गर्रा पांच सेमी कम होकर 144.60 मीटर पर और खन्नौत दस सेमी घटकर 142.60 मीटर पर आ गई है। ड्यूनी डाम से गर्रा में पानी की निकासी भी लगातार तीसरे दिन बंद रही, लेकिन रात में हुई 21 मिमी बरसात इन दोनों नदियां का जलस्तर बढ़ा सकती है। गनीमत रही कि दिन में बादल छाए रहने के बावजूद पानी नहीं बरसा, लेकिन धूप निकलने से उमस बढ़ गई। इसी वजह से दिन में अधिकतम तापमान भी 0.5 डिग्री बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस हो गया। उन्होंने बताया कि हवा के कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बावजूद मानसून अभी सक्रिय है। इसलिए मंगलवार को भी शाम तक हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। बारिश होने की दशा में खन्नौत फिर से उफना सकती है क्योंकि उसका बहाव सीमित चौड़ाई में है जबकि गर्रा के दोनों किनारे फैलाव लिए हुए हैं। संवाद
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नरौरा बैराज से सोमवार को एक लाख 42 हजार 352 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इससे गंगा के खादर में बसी मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी का मजरा आजादनगर चौतरफा बाढ़ से घिर गया है। मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर करीब तीन फीट पानी चल रहा है। गांव के किनारे के लगभग एक दर्जन घर जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीण तख्त और बैलगाड़ियों में अपनी गृहस्थी का सामान रखकर समय काट रहे हैं। तमाम ग्रामीणों ने बाढ़ से बचने के लिए रिश्तेदारियों या फिर आसपास के सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। आजादनगर से बमुश्किल 100 मीटर दूर फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी और चितार के लोगों की स्थिति बेहद खराब है। इन गांवों में गंगा की तेज धारा से भूमि कटान भी हो रहा है।
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इसी क्षेत्र के गांव इस्लामनगर के दक्षिणी भाग में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। पैलानी उत्तर ग्राम पंचायत की प्रधान मोईन बेगम के पति फारुक अली और समाजसेवी रिजवान अहमद ने बताया कि आजाद नगर के इशरत, मो. सद्दीक, नफीस, राजू, साबिर, नाजिम, इशहाक, भोला आदि कई ग्रामीणों के छप्परदार घरों में बाढ़ का पानी भर जाने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। इन परिवारों के लोगों ने तख्त और बैलगाड़ी पर अपनी गृहस्थी समेट ली और पानी उतरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ का पानी चौंरा गांव के दक्षिणी भाग में पहुंच रहा है। चौंरा से कमथरी जाने वाले लिंक रोड पर भी पानी आ गया है। इसी रोड पर ग्राम इस्लामनगर में बनी डिप पर तेज पानी का बहाव है, जिससे आम लोगों को आजाद नगर, कमथरी और चितार की ओर जाना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि नरौरा बैराज से सोमवार को एक लाख 42 हजार 352 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। उन्होंने बताया कि बदायूं के कछला घाट पर दूसरे दिन भी गंगा के जलस्तर में मामूली कमी हुई, लेकिन रात में हुई बारिश के कारण जनपद में गंगा का उफान अभी कम नहीं हुआ है। उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में 13353 क्यूसेक पानी रिलीज हो रहा है जो कि बीते दिन की तुलना में लगभग छह हजार क्यूसेक कम है। इसीलिए बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा बीते दिन की तुलना में 24 सेमी कम होकर 159.51 मीटर पर बह रही है, लेकिन जलस्तर घटने के साथ जिले में रामगंगा के तटीय इलाकों में भूमि कटान की समस्या कम होने के बजाय बढ़ रही है।
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दहेलिया में कटान का एडीएम ने किया निरीक्षण
परौर। एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार ने बीते दिन यहां आकर रामगंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने के दौरान दहेलिया गांव जाकर वहां ध्वस्त हुई पुलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार अजय कुमार यादव को कटान से प्रभावित गांवों में जमीन और फसलों को पहुंचे नुकसान का सर्वे और उसकी फोटोग्राफी कराकर राहत सहायता उपलब्ध कराने को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि जिन ग्रामीणों की फसलों समेत जमीनें कट गई हैं, उनकी रोजी-रोटी की समस्या के निराकरण के लिए जल्द जरूरी कदम उठाएं।
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रात में फिर हुई 21 मिमी बारिश, दिन में बढ़ी उमस
बाढ़ के लिहाज से शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियां सोमवार को पांचवें दिन भी उतार पर रहीं। बीते 24 घंटे के दौरान गर्रा पांच सेमी कम होकर 144.60 मीटर पर और खन्नौत दस सेमी घटकर 142.60 मीटर पर आ गई है। ड्यूनी डाम से गर्रा में पानी की निकासी भी लगातार तीसरे दिन बंद रही, लेकिन रात में हुई 21 मिमी बरसात इन दोनों नदियां का जलस्तर बढ़ा सकती है। गनीमत रही कि दिन में बादल छाए रहने के बावजूद पानी नहीं बरसा, लेकिन धूप निकलने से उमस बढ़ गई। इसी वजह से दिन में अधिकतम तापमान भी 0.5 डिग्री बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस हो गया। उन्होंने बताया कि हवा के कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बावजूद मानसून अभी सक्रिय है। इसलिए मंगलवार को भी शाम तक हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। बारिश होने की दशा में खन्नौत फिर से उफना सकती है क्योंकि उसका बहाव सीमित चौड़ाई में है जबकि गर्रा के दोनों किनारे फैलाव लिए हुए हैं। संवाद