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नरौरा बैराज से 2.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, गंगा में उफान

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:13 AM IST
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शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में चितार गांव के पास गंगा से हो रहा भूमि कटान। संवाद
शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में चितार गांव के पास गंगा से हो रहा भूमि कटान। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से लबालब हुए उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधों-बैराजों से पानी छोड़ने का सिलसिला बढ़ गया है। नरौरा बैराज से रविवार शाम से 2.30 लाख क्यूसेक पानी की निकासी शुरू हो गई है। इससे गंगा में उफान आ गया है। यही नहीं, अन्य बैराजों से पानी की निकासी बढ़ने से गंगा की सहायक रामगंगा का जलस्तर बीते 24 घंटे में लगभग 10 सेंटीमीटर बढ़ा है और नदी परौर क्षेत्र के कई गांवों की ओर बढ़ रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
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हालांकि, सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। इधर, शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों के जलस्तर में बीते दिन की तुलना में कुछ कमी है, लेकिन उनमें पानी का बहाव सामान्य से अधिक है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार विभिन्न बांधों और बैराजों से डिस्चार्ज हो रहे पानी की मात्रा रविवार शाम से बढ़ गई है। नरौरा बैराज से गंगा में 230007 क्यूसेक पानी निकल रहा है जो कि बीते दिन की तुलना में 146032 क्यूसेक अधिक है। पानी की निकासी बढ़ने से गंगा बदायूं के कछला घाट से लेकर मिर्जापुर के ढाई घाट और कलान के भैंसार बांध तक बढ़ रही है। बताया गया कि कछला घाट पर गंगा 95 सेमी बढ़कर 162.28 मीटर पर और भैंसार बांध पर 70 सेमी बढ़कर 142.13 मीटर पर पहुंच गई है। उधर, रामगंगा में खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से 53137 क्यूसेक पानी निकल रहा है जो कि बीते दिन की तुलना में 20100 क्यूसेक ज्यादा है। इस वजह से बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद में कलान तहसील के परौर क्षेत्र तक रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार चौबारी में रामगंगा का जलस्तर 10 सेमी बढ़कर 158.08 मीटर हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान क्षेत्र में बारिश थमी होने और ड्यूनी डाम से पानी की निकासी 425 क्यूसेक घटकर 940 क्यूसेक हो जाने से शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों में पानी कम हो गया है। बीते दिन की तुलना में गर्रा 15 सेमी घटकर 143.90 मीटर और खन्नौत 10 सेमी कम होकर 142.55 मीटर पर पहुंच गई है।

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परौर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
परौर। रामगंगा ने क्षेत्र के मजरा नारायण नगर पश्चिमी व मोहनपुर की तरफ रुख कर लिया है। पानी बढ़ने से जिओ ठोकरें बीच धारा में आ गईं हैं। क्षेत्र में रामगंगा लंबे अरसे से कटान कर रही है। रामगंगा की बाढ़ ने सन 2000 से लेकर अब तक नारायण नगर और मंझा गांव के बड़े हिस्से को काटकर कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है। कुंडलिया व चपरा गांवों में भी बाढ़ से पहले काफी नुकसान हो चुका है और अब फिर इन गांवों के लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। वर्ष 2019 में परौर रियासत के राजा रहे अजय कुमार सिंह व पूर्व प्रधान जगदीश चंद्र शुक्ला के प्रयास से कटान रोकने को मजरा मोहनपुर, मंझा बाजार, बिचपुरी आदि गांवों के पास जिओ ट्यूब के तटबंधों का निर्माण कराया गया, लेकिन अब जलस्तर बढ़ने से नदी की धारा इन गांवों की ओर फिर से बढ़ रही है। सिंचाई विभाग ने इन गांवों को कटान से बचाव को जिओ ट्यूब की ठोकरें बनाने का काम शुरू करा दिया है।
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गंगा-रामगंगा में पानी बढ़ने के बावजूद अभी बाढ़ के हालात नहीं हैं। रामगंगा किनारे के जिन गांवों की ओर बढ़ रही है, वहां जिओ ट्यूब की ठोकरें बनाने का काम तेज करा दिया गया है। सहायक अभियंता अनूप कुमार से निगरानी कराई जा रही है।
-सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

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