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Shahjahanpur News: पानी उतरा, पीछे छोड़ गया संक्रमण का खतरा
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लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर। खन्नौत नदी में आई बाढ़ भले ही एक सप्ताह पहले उतर गई, लेकिन खाली प्लाॅटों और गड्ढों में जमा पानी अब लोगों के लिए नई मुसीबत बन गया है। तेज धूप में पानी और कूड़ा सड़ने से दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। लोधीपुर और सुभाषनगर के लोगों का आरोप है कि एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव तथा फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। कई स्थानों पर अब भी कोई प्रभावी छिड़काव नहीं हुआ है। वहीं, सुभाषनगर में सबमर्सिबल, हैंडपंप और पाइप लाइन से गंदा पानी आने की शिकायत ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
25 सितंबर से लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद खन्नौत नदी का जलस्तर 27 सितंबर को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से लोधीपुर के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया था। बंका घाट, ख्वाजा फिरोजा, दिलावरगंज, छोटी बिसरात और दलेलगंज समेत कई इलाके जलमग्न हो गए थे। चार-पांच दिन बाद नदी का पानी उतर गया, लेकिन निचले स्थानों, खाली प्लाॅटों और गड्ढों में जमा पानी अब तक नहीं निकल सका है।
तेज धूप में पानी सड़ने से दुर्गंध बढ़ गई है। पानी में घास और कूड़ा जमा होने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगह एक बार छिड़काव के बाद टीमें दोबारा नहीं पहुंचीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं।
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सुभाषनगर में पीने के पानी की भी दिक्कत
सुभाषनगर कॉलोनी में खाली प्लाॅटों और गड्ढों में जलभराव के साथ ही पीने के पानी की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार सबमर्सिबल, हैंडपंप और वाटर पाइप लाइन से गंदा पानी आने के कारण इसे पीने में डर लग रहा है। लोगों ने जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने, नियमित छिड़काव कराने और स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
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लोगों से बातचीत
मकान के पास पानी भरा है। कूड़ा सड़ने से दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है। मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब तक प्रभावी छिड़काव नहीं हुआ है।
- साजिद, लोधीपुर
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दुकान के पास पानी और कूड़ा जमा है। दो दिन पहले बुखार आया था, अभी पूरी तरह आराम नहीं मिला है। एक बार टीम आई थी और छिड़काव करके चली गई।
- फैजान, लोधीपुर
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बाढ़ के बाद से सबमर्सिबल, हैंडपंप और वाटर पाइप लाइन से गंदा पानी आ रहा है। पानी पीने लायक नहीं है। कई परिवारों में लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है।
- शिवम, सुभाषनगर कॉलोनी
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घर के सामने प्लाॅट में पानी भरा है। पानी सड़ने से काफी परेशानी हो रही है। सबमर्सिबल में भी गंदा पानी आ रहा है। मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
- आरिफा, सुभाषनगर कॉलोनी
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निगम की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ फॉगिंग कराई जा रही है। शिकायत के आधार पर संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। टीमें लगातार क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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शहर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में पूर्व में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए थे। अब आवश्यकता पड़ने पर दोनों ही स्थानों पर फिर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ
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नगर आयुक्त को साफ-सफाई कराने के साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही सीएमओ को प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के लिए कहा गया है। अगर कहीं पर किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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25 सितंबर से लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद खन्नौत नदी का जलस्तर 27 सितंबर को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से लोधीपुर के तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया था। बंका घाट, ख्वाजा फिरोजा, दिलावरगंज, छोटी बिसरात और दलेलगंज समेत कई इलाके जलमग्न हो गए थे। चार-पांच दिन बाद नदी का पानी उतर गया, लेकिन निचले स्थानों, खाली प्लाॅटों और गड्ढों में जमा पानी अब तक नहीं निकल सका है।
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तेज धूप में पानी सड़ने से दुर्गंध बढ़ गई है। पानी में घास और कूड़ा जमा होने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा, ब्लीचिंग पाउडर और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगह एक बार छिड़काव के बाद टीमें दोबारा नहीं पहुंचीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए हैं।
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सुभाषनगर में पीने के पानी की भी दिक्कत
सुभाषनगर कॉलोनी में खाली प्लाॅटों और गड्ढों में जलभराव के साथ ही पीने के पानी की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार सबमर्सिबल, हैंडपंप और वाटर पाइप लाइन से गंदा पानी आने के कारण इसे पीने में डर लग रहा है। लोगों ने जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने, नियमित छिड़काव कराने और स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
लोगों से बातचीत
मकान के पास पानी भरा है। कूड़ा सड़ने से दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है। मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब तक प्रभावी छिड़काव नहीं हुआ है।
- साजिद, लोधीपुर
दुकान के पास पानी और कूड़ा जमा है। दो दिन पहले बुखार आया था, अभी पूरी तरह आराम नहीं मिला है। एक बार टीम आई थी और छिड़काव करके चली गई।
- फैजान, लोधीपुर
बाढ़ के बाद से सबमर्सिबल, हैंडपंप और वाटर पाइप लाइन से गंदा पानी आ रहा है। पानी पीने लायक नहीं है। कई परिवारों में लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है।
- शिवम, सुभाषनगर कॉलोनी
घर के सामने प्लाॅट में पानी भरा है। पानी सड़ने से काफी परेशानी हो रही है। सबमर्सिबल में भी गंदा पानी आ रहा है। मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
- आरिफा, सुभाषनगर कॉलोनी
निगम की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एंटी लार्वा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ फॉगिंग कराई जा रही है। शिकायत के आधार पर संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। टीमें लगातार क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
शहर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में पूर्व में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए थे। अब आवश्यकता पड़ने पर दोनों ही स्थानों पर फिर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ
नगर आयुक्त को साफ-सफाई कराने के साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही सीएमओ को प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के लिए कहा गया है। अगर कहीं पर किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद

लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद

लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद

लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद

लोधीपुर में एकत्र गंदे पानी और कूड़े के पास खड़े बच्चे। संवाद