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गांवों के आसपास भरा बाढ़ का पानी, सड़ांध से बीमारियों का खतरा

Mon, 03 Oct 2022 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 12:40 AM IST
सार

इससे तटीय गांवों के रास्तों से पानी उतरने के साथ जलालाबाद-एटा स्टेट हाईवे पर आवागमन शुरू हो गया लेकिन नदियों के किनारे बसे गांवों के आसपास भरे बाढ़ के पानी और कीचड़ से उठ रही सड़ांध से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। गंगा के खादर में बसे गांव आजादनगर के गलियारों में भरा बाढ़ का पानी अब कीचड़ में तब्दील हो रहा है। इन गांवों के ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने के लिए प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की थी।

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Flood water filled around villages, risk of diseases due to rot

विस्तार

शाहजहांपुर। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में रविवार को भी गिरावट जारी रही। 24 घंटे के दौरान कलान के भैंसार बांध पर गंगा 25 सेमी घट गई और बरेली के चौबारी घाट से लेकर जिले के परौर क्षेत्र तक रामगंगा के जलस्तर में भी 12 सेमी की कमी आई है। इससे तटीय गांवों के रास्तों से पानी उतरने के साथ जलालाबाद-एटा स्टेट हाईवे पर आवागमन शुरू हो गया लेकिन नदियों के किनारे बसे गांवों के आसपास भरे बाढ़ के पानी और कीचड़ से उठ रही सड़ांध से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
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गंगा के खादर में बसे गांव आजादनगर के गलियारों में भरा बाढ़ का पानी अब कीचड़ में तब्दील हो रहा है। गंगा में पानी बढ़ते ही सबसे पहले मजरा आजादनगर और इस्लामनगर ही बाढ़ से घिरे थे। इन गांवों के ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने के लिए प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की थी। ग्रामीणों ने अब नाव का सहारा लेना बंद कर दिया क़्योंकि रविवार को गांव के गलियारों और निचले घरों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। हालांकि अब घरों और दरवाजों पर बाढ़ घटने के बाद जमा पानी से कीचड़ बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मौसमी रोग भी पनप रहे हैं, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कैंप लगाकर इलाज की व्यवस्था नहीं की है। प्रधान पति फारूख अली ने सीएमओ से तटवर्ती गांवों में चिकित्सा शिविर लगाकर जरूरी दवाएं वितरित कराने की मांग की है।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के सभी बांधों-बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी लगातार घट रही है। आज नरौरा बैराज से गंगा में जाने वाले पानी का बहाव घटकर 49077 क्यूसेक हो गया। इसी तरह खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से रामगंगा में सिर्फ 6184 क्यूसेक पानी निकल रहा है। ड्यूनी डॉम से गर्रा में भी अब 1530 क्यूसेक पानी निकल रहा है जो बीते दिन से 50 फीसदी कम है।
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