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Shahjahanpur News: मत्स्य विभाग में योजनाओं की भरमार, लाभार्थियों का अकाल

Tue, 07 Nov 2023 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 07 Nov 2023 12:23 AM IST
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Flood of schemes in Fisheries Department, famine of beneficiaries
शाहजहांपुर। मत्स्य विभाग की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में लाभार्थी इनका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। हालत यह है कि नाममात्र के आवेदन ही आ रहे हैं।
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वर्ष 2022-23 में प्रदेश सरकार की ओर से निषाद राज बोट योजना चलाई गई। इसके तहत मछुआ समुदाय के व्यक्ति को एक बोट, एक जाल, एक लाइफ जैकेट, एक आइस बॉक्स दिया जाना था। इसकी कीमत 67 हजार रुपये रखी गई। 50 हजार रुपये बोट और बाकी अन्य सामान के लिए थे। इसमें मत्स्य विभाग की ओर से 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाना था। शर्त यह थी कि मछुआ समुदाय के व्यक्ति के पास पट्टे का तालाब होना चाहिए। योजना में इस वित्तीय वर्ष में मात्र तीन आवेदन आए। इनमें से भी एक निरस्त हो गया।
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मछुआ आवास योजना में आए 50 आवेदन : मछुआ आवास योजना मछुआ समुदाय के लिए चलाई गई। इसके तहत इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 50 आवेदन आए। अगस्त में सत्यापन कार्य शुरू हुआ। आवेदनकर्ता लगातार विभाग के चक्कर लगाते रहे। नवंबर के प्रथम सप्ताह में सत्यापन कार्य पूरा हो पाया। इस योजना के तहत लाभार्थी को आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाने हैं। सत्यापन के बाद अब कब लाभार्थियों को इसका लाभ मिल पाएगा, इसका अभी कुछ पता नहीं है। मत्स्य विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की आपदा में जनहानि होने पर मछुआ समुदाय के लोगों को आपदा राहत दी जाएगी, लेकिन इस योजना के तहत अभी तक एक भी आवेदन नहीं आया है।
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बीमारी अवस्था योजना में नहीं आया कोई आवेदन : मत्स्य विभाग की ओर से बीमारी अवस्था योजना चलाई गई है। इसमें अगर मछुआ समुदाय का कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसके इलाज में जो भी खर्च होगा, उसे सरकार देगी। बीमार व्यक्ति के बिल को सीएमओ से सत्यापित कराकर उनका भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन इस योजना का एक भी आवेदन नहीं आया है।

सहायक निदेशक मत्स्य अमरेश श्रीवास्तव ने बताया कि मत्स्य विभाग की ओर से निषाद राज वोट योजना, मछुआ आवास योजना, आपदा योजना और बीमार अवस्था योजना चलाई जा रही है। लोगों के आवेदन बहुत कम आ रहे हैं। विभाग के पास प्रचार-प्रसार के लिए बजट नहीं है।
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