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Shahjahanpur News: आठ माह में पांच बड़े हादसे... फिर भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार

Wed, 08 Jan 2025 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 08 Jan 2025 12:49 AM IST
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Five major accidents in eight months... yet the responsible people are not alert
खुटार के तिकुनियां चौराहे पर ट्राली की टक्कर से क्षतिग्रसत बस को क्रेन से हटवाते पुलिसकर्मी। सं
खुटार। टूरिस्ट के नाम पर लखीमपुर, बहराइच, बाराबंकी से तमाम बसें देश के विभिन्न शहरों तक यात्रियों को ले जा रही हैं। ज्यादा दूरी और समय से चक्कर पूरा करने के कारण तेज रफ्तार बसों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। खुटार में छह दिन में दो बड़े हादसे होने के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग की नींद नहीं टूटी है।
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खुटार से नेपाल की सीमा 80 किमी है। लखीमपुर के कई कस्बे नेपाल सीमा से मिले हुए हैं, यहीं स्थिति बहराइच की है। नेपाल के लोग भारी संख्या में भारत के बड़े शहरों में काम करने जाते हैं, इसमें महिलाओं की बड़ी संख्या है। नेपाल के यात्री बार्डर से चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, जयपुर, अहमदाबाद, दिल्ली, पुणे के लिए बसें पकड़ते हैं। इस कारण नेपाल के सीमावर्ती शहरों में डग्गामार बसों का धंधा खूब फलफूल रहा है। कई बड़े ट्रांसपोर्ट बसों को देश के विभिन्न शहरों के लिए बसें चलाते हैं। टूरिस्ट के नाम पर ये बसें डग्गामारी करती हैं और यात्रियों को फुटकर में बैठाकर ले जाते हैं।
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अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
दो जनवरी को नेपाल के यात्रियों को लेकर पुणे जा रही तेज रफ्तार बस मैलानी में पलट जाने से 30 से अधिक यात्री घायल हो गए थे। सभी यात्रियों का खुटार सीएचसी पर इलाज हुआ था। इसके चार दिन बाद ही छह जनवरी को नेपाल के यात्रियों को लेकर चंडीगढ़ जा रही बस खुटार में ट्रैक्टर ट्राॅली से टकराने से 20 से अधिक यात्री घायल हो गए, लेकिन दो बड़े हादसों के बाद भी डग्गामार बसों पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई है।
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तमाम कस्बों में खुले हैं टिकट काउंटर
टूरिस्ट के नाम पर चलने वाली बसों के संचालकों ने खुटार सहित कई कस्बों में टिकट काउंटर खुलवा रखे हैं। यहां सवारियां एडवांस में और यात्रा के दिन तक टिकट बुक करा सकती हैं। बसें खुटार के तिकुनियां चौराहे से सवारियां बिठाती हैं। यहां हर समय पुलिस की मौजूदगी के बाद भी कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी जाती है।

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परिवहन विभाग के अधिकारी ट्रकों पर करते हैं कार्रवाई
खुटार से पूरनपुर और गोला मार्ग पर भारी संख्या में ट्रक और डग्गामार बसें निकलती हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी ट्रकों का चालान काटते हैं, लेकिन एक भी बस को न सीज किया जाता है और न ही चालान किया जाता है। चर्चा है कि सांठगांठ के चलते बस चालकों को चेकिंग आदि की पहले ही जानकारी दे दी जाती है। यदि इसके बाद भी कोई बस खुटार आ जाती है तो उस पर कार्रवाई नहीं होती है।
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खुटार में हुए बड़े बस हादसे
- 19 अप्रैल 2024 : निघासन से देहरादून जा रही श्रमिकों से भरी बस खुटार के लौहंगापुर में ट्रक से टकराई, 11 यात्री हुए थे घायल।
- 24 मई 2024 : लखनऊ के तीर्थयात्रियों की बस पर खुटार में ट्रक पलटने से 12 यात्रियों की मौत, 24 घायल।
- छह अक्तूबर 2024 : दिल्ली से नेपाल जा रही निजी बसे खुटार में लौहंगापुर जंगल में कंटेनर से टकराई। 12 नेपाली यात्री घायल।
- दो जनवरी 2025 : मैलानी क्षेत्र में नेपाल से पुणे जा रही बस पलटने से 30 यात्री घायल।
- छह जनवरी 2025 : नेपाल से चंडीगढ़ जा रही निजी बस के ट्राली से टकराने से 20 यात्री घायल।
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चेकिंग के दौरान कोई कमी मिलने पर कार्रवाई की जाती है। परिवहन विभाग बसों का परमिट जारी करता है, पुलिस से कोई मतलब नहीं है।
निष्ठा उपाध्याय, सीओ पुवायां
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