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Shahjahanpur News: पहले लुभाया...अब न लोन मिल रहा न जमीन, बुरे फंसे 98 निवेशक

Fri, 15 Sep 2023 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:45 AM IST
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First lured...now neither getting loan nor land, 98 investors stranded
अरुण पांडेय, सहायक विकास अ​धिकारी, उद्योग केंद्र। संवाद
शाहजहांपुर। इस वर्ष आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में औद्योगिक इकाइयों को स्थापित कर रोजगार देने के वादों की हवा निकल गई। समिट के दौरान सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलने की आस लगाकर एमओयू साइन करने वाले निवेशकों को अब लोन और जमीन नहीं मिल रही। 98 निवेशकों की फाइल में पेंच फंसने के चलते उन्हें अलग सूचीबद्ध किया गया है। इनमें अधिकतर बैंक से राहत न मिलने के कारण उद्योग लगाने से हाथ खड़े कर रहे हैं।
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इन्वेस्टर्स समिट के दौरान जिले के करीब 168 निवेशकों ने 60 हजार करोड़ रुपये के ओएमयू साइन किए थे। इनके जरिये 10798 लोगों को रोजगार देने वादा किया था। शासन के पोर्टल पर इसके बाद भी कई एमओयू आए थे, जिसे सूचीबद्ध किया था। समिट के दौरान निवेशकों को उद्योग लगाने में आने वाली दुश्वारियों को दूर करने के वादे भी किए गए थे।
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उद्यमी लुभावने वादों में आ गए और अपनी-अपनी फाइलें जमा कर दीं। सात महीने बीतने के बाद भी उद्योग जमीनी स्तर पर नहीं आ सके हैं। उद्योग केंद्र से ओएमयू साइन करने वालों से बात शुरू की गई तो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में मात्र 39 निवेशक ही तैयार हुए, जबकि 98 निवेशकों ने दिक्कतों को बताते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, लोन न मिलने के कारण उद्यमी सबसे ज्यादा परेशान हैं। वहीं उद्योग स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि मिलना भी संभव नहीं हो पा रही है। इससे निवेशक पीछे हट रहे हैं।
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केस 1
गैस चूल्हा, चिमनी की इकाई लगाने के लिए एमओयू साइन किया था। अब बैंक पात्र नहीं मान रही है। अनुदान के लिए भी मानक पर खरा नहीं उतरना बताया गया। इसके चलते उद्योग लगाना संभव नहीं है। - निर्विकल्प द्विवेदी, निवेशक

केस टू

सोने के जेवर बनाने के लिए तीन करोड़ की इकाई लगाने का प्रस्ताव था। लोन के लिए बैंकों के चक्कर लगाते रहे। बरेली तक में अफसरों से बैठक हुई। सात महीने के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका है। - कपिल सिंह वर्मा

केस तीन-
बेड के गद्दे बनाने का उद्योग लगाने की तैयारी थी। दो बैंकों में संपर्क साधा, लेकिन वहां से लिमिट पर मामला अटका दिया गया। जिलास्तरीय अधिकारी भी कोई सटीक जवाब नहीं दे रहे हैं। - शाहबाज अंसारी, निवेशक

58 हजार करोड़ का निवेश करने वाली कंपनी लापता
जिले में 58 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर एजुकेशन हब बनाने के लिए एमओयू साइन करने वाली अमेरिकन कंपनी का अब तक कुछ पता नहीं लग सका है। कंपनी को कई बार ई-मेल भी भेजे जा चुके हैं। इस तरह की कई और कंपनियों के लापता होने की सूचना है। हालांकि सिर्फ ई-मेल के भरोसे एमओयू साइन करा लेने से प्रशासन की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।




बैंक और जमीन को लेकर दिक्कत आ रही है। लोन के लिए सीडीओ ने कई बार बैंकों को दिशा-निर्देश दिए हैं। उद्योग केंद्र से हाेने वाली समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- अरुण पांडेय, सहायक विकास अधिकारी, उद्योग केंद्र
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