{"_id":"632e11b266dec256ad6b6e48","slug":"fireworks-storage-will-be-monitored-in-dense-population-shahjahanpur-news-bly498575066","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली से पहले आतिशबाजी विक्रेताओं की खुफिया जांच करेगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली से पहले आतिशबाजी विक्रेताओं की खुफिया जांच करेगी पुलिस
सार
दिवाली के त्योहार में अभी समय बाकी है लेकिन पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी है।दिवाली से पहले आतिशबाजी विक्रेताओं की खुफिया तरीके से जांच के निर्देश दिए गए हैं।एसपी ने थाना प्रभारियों से क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं और भंडारण करने वालों की खुफिया जांच करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विस्तार
शाहजहांपुर। दिवाली के त्योहार में अभी समय बाकी है लेकिन पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी है। दिवाली से पहले आतिशबाजी विक्रेताओं की खुफिया तरीके से जांच के निर्देश दिए गए हैं। घनी आबादी में आतिशबाजी बनाने और भंडारण पर नजर रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं।
जिले में आतिशबाजी बनाने और बेचने के लिए 17 लाइसेंस निर्गत हैं। इतने कम लाइसेंस होने के बाद भी हर गली-मोहल्ले में दिवाली से पहले आतिशबाजी की दुकानें सज जाती हैं। मानक को दरकिनार कर आतिशबाजी विक्रेता घनी आबादी में घरों में पटाखे बनाना शुरू कर देते हैं। वहीं त्योहार पर महंगा बेचने के लिए भंडारण भी कर लेते हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। फायर विभाग ने आतिशबाजी से किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सीएफओ के अनुरोध पर एसपी एस. आनंद ने सभी थाना प्रभारियों को पत्र भेजा है। एसपी ने थाना प्रभारियों से क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं और भंडारण करने वालों की खुफिया जांच करने के निर्देश दिए हैं।
आतिशबाजी बनाने का यह हैं मानक
घनी आबादी से दूर आतिशबाजी बनाना चाहिए
आतिशबाजी बनाने के प्लेटफार्म से 15 मीटर दूर उसे सुखा सकते हैं।
पटाखों बनाने के स्थान से 15 मीटर दूर बारूद को मिलाना चाहिए।
जिस जगह पर आतिशबाजी बना रहे, वहां पर अग्निशमन यंत्र अवश्य हो।
रेत और पानी का इंतजाम भी रखा जाएं, जिससे आग बुझाई जा सके।
बेचने का यह है मानक
जिस दुकान में आतिशबाजी की बिक्री हो रही। उसके ऊपर कोई दुकान न हो।
दुकान के अंदर से किसी घर के जाने का रास्ता नहीं होना चाहिए।
पटाखे की दुकान के आस-पास चिंगारी उत्पन्न करने वाला व्यापार न होता हो।
त्योहार से पहले आतिशबाजी का भंडारण और घनी आबादी में पटाखे बनाने वालों पर कार्रवाई के लिए एसपी ने थाना प्रभारियों को पत्र भेजा है। प्रयास है कि नियमों के साथ आतिशबाजी की बिक्री कराई जाए। - रेहान अली, सीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में आतिशबाजी बनाने और बेचने के लिए 17 लाइसेंस निर्गत हैं। इतने कम लाइसेंस होने के बाद भी हर गली-मोहल्ले में दिवाली से पहले आतिशबाजी की दुकानें सज जाती हैं। मानक को दरकिनार कर आतिशबाजी विक्रेता घनी आबादी में घरों में पटाखे बनाना शुरू कर देते हैं। वहीं त्योहार पर महंगा बेचने के लिए भंडारण भी कर लेते हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। फायर विभाग ने आतिशबाजी से किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सीएफओ के अनुरोध पर एसपी एस. आनंद ने सभी थाना प्रभारियों को पत्र भेजा है। एसपी ने थाना प्रभारियों से क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं और भंडारण करने वालों की खुफिया जांच करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
आतिशबाजी बनाने का यह हैं मानक
घनी आबादी से दूर आतिशबाजी बनाना चाहिए
आतिशबाजी बनाने के प्लेटफार्म से 15 मीटर दूर उसे सुखा सकते हैं।
पटाखों बनाने के स्थान से 15 मीटर दूर बारूद को मिलाना चाहिए।
जिस जगह पर आतिशबाजी बना रहे, वहां पर अग्निशमन यंत्र अवश्य हो।
रेत और पानी का इंतजाम भी रखा जाएं, जिससे आग बुझाई जा सके।
बेचने का यह है मानक
जिस दुकान में आतिशबाजी की बिक्री हो रही। उसके ऊपर कोई दुकान न हो।
दुकान के अंदर से किसी घर के जाने का रास्ता नहीं होना चाहिए।
पटाखे की दुकान के आस-पास चिंगारी उत्पन्न करने वाला व्यापार न होता हो।
त्योहार से पहले आतिशबाजी का भंडारण और घनी आबादी में पटाखे बनाने वालों पर कार्रवाई के लिए एसपी ने थाना प्रभारियों को पत्र भेजा है। प्रयास है कि नियमों के साथ आतिशबाजी की बिक्री कराई जाए। - रेहान अली, सीएफओ
विज्ञापन