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देवरास बिजली उपकेंद्र के इनकमिंग पैनल में लगी आग
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खुदागंज। क्षेत्र के गांव देवरास में बने 33 केवी बिजली उपकेंद्र के इनकमिंग पैनल में शॉर्ट सर्किट के कारण स्पार्किंग होने से शुक्रवार शाम आग लग गई। कंट्रोल यूनिट के मुख्य पैनल में आग लगने से उपकेंद्र के सभी फीडर बंद हो जाने के कारण उनसे जुड़े आसपास के करीब 35 गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे तक ठप रही। शनिवार शाम पैनल बदलने के बाद प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी।
पहले देवरास समेत आसपास के गांव कस्बे के बिजली उपकेंद्र से रोशन होते थे, लेकिन लाइनें ओवरलोड होने से उनमें आए दिन खराबियां पैदा होने के कारण देवरास में उपकेंद्र स्थापित किया गया। अब इस उपकेंद्र से जुड़े फीडरों पर बिजली की मांग बढ़ने से वह भी ओवरलोड होने लगे हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को शाम लगभग पांच बजे अचानक वहां के इनकमिंग पैनल में स्पार्किंग होने से केबिल जलने लगे।
वहां मौजूद कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते पैनल ने आग पकड़ ली, जिससे वहां पर अफरातफरी हो गई। कर्मचारियों ने तत्परता बरतते हुए बमुश्किल आग पर काबू पाया गया। इससे बिजली उपकेंद्र के यार्ड में लगी अन्य कीमती मशीनरी लपटों की चपेट में आने से बच गई, लेकिन उपकेंद्र से जुड़े गांवों के सैकड़ों घरों की बत्ती गुल हो गई। ग्रामीणों ने पूरी रात अंधेरे में बिताई और उन्हें शनिवार को भी दिन भर बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
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इस बीच, आग लगने की जानकारी पाकर जेई राजेश कुमार सैनी उपकेंद्र पहुंचे और बिजली आपूर्ति शुरू कराने का देर रात तक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार शाम करीब छह बजे दूसरे इनकमिंग पैनल को लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। जेई सैनी के अनुसार इनकमिंग पैनल जलने के बाद यह पता लगाया जा रहा है कि किस फीडर पर बिजली भर क्षमता से अधिक है, जिससे उससे संबंधित लाइन पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जा सके।
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पहले देवरास समेत आसपास के गांव कस्बे के बिजली उपकेंद्र से रोशन होते थे, लेकिन लाइनें ओवरलोड होने से उनमें आए दिन खराबियां पैदा होने के कारण देवरास में उपकेंद्र स्थापित किया गया। अब इस उपकेंद्र से जुड़े फीडरों पर बिजली की मांग बढ़ने से वह भी ओवरलोड होने लगे हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को शाम लगभग पांच बजे अचानक वहां के इनकमिंग पैनल में स्पार्किंग होने से केबिल जलने लगे।
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वहां मौजूद कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते पैनल ने आग पकड़ ली, जिससे वहां पर अफरातफरी हो गई। कर्मचारियों ने तत्परता बरतते हुए बमुश्किल आग पर काबू पाया गया। इससे बिजली उपकेंद्र के यार्ड में लगी अन्य कीमती मशीनरी लपटों की चपेट में आने से बच गई, लेकिन उपकेंद्र से जुड़े गांवों के सैकड़ों घरों की बत्ती गुल हो गई। ग्रामीणों ने पूरी रात अंधेरे में बिताई और उन्हें शनिवार को भी दिन भर बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
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इस बीच, आग लगने की जानकारी पाकर जेई राजेश कुमार सैनी उपकेंद्र पहुंचे और बिजली आपूर्ति शुरू कराने का देर रात तक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार शाम करीब छह बजे दूसरे इनकमिंग पैनल को लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। जेई सैनी के अनुसार इनकमिंग पैनल जलने के बाद यह पता लगाया जा रहा है कि किस फीडर पर बिजली भर क्षमता से अधिक है, जिससे उससे संबंधित लाइन पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जा सके।