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वाणिज्य कर पंजीयन नहीं कराने पर भरना होगा जुर्माना
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Thu, 16 Jun 2016 08:30 PM IST
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पांच लाख रुपये और इससे अधिक सालाना टर्न ओवर वाले जिले के तमाम व्यापारी वाणिज्य कर विभाग में पंजीकरण अनिवार्य होने के बावजूद पंजीयन कराए बगैर बेखौफ होकर अपना धंधा चमकाने में जुटे हैं। यह हाल तब है, जब पंजीकरण शुल्क मात्र सौ रुपये निर्धारित किया गया है और रजिस्ट्रेशन के बदले व्यवसायिक सुरक्षा को बीमा आदि लाभ मिलने तय हैं। इस ओर से व्यापारी इस व्यवस्था को भाव नहीं दे रहे हैं। ऐसे व्यापारियों को पंजीयन के दायरे में लाने के लिए विभाग के अफसरों ने उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करके प्रतिदिन सौ रुपये जुर्माना वसूलने का निर्णय किया है।
मास्टर रजिस्टर पर दर्ज हुए गैर पंजीकृत व्यापारी
जिले में खोखा-पटरी दुकानदारों को छोड़कर छोटे-बड़े करीब 20 हजार व्यापारी हैं। इनमें दस हजार से अधिक ऐसे व्यापारी हैं, जिनका वार्षिक व्यवसाय पांच लाख रुपये और इससे अधिक है। उप्र मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 की धारा-3 में निहित प्राविधानों के अनुसार पांच लाख रुपये से अधिक टर्न ओवर होने अथवा राज्य के बाहर माल की खरीद-बिक्री किए जाने पर विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य घोषित किया गया है। विभाग ने करीब दो हजार ऐसे व्यापारी चिन्हित किए हैं जो बेनामी फर्मों और दुकानों के जरिए पांच लाख रुपये सालाना टर्नओवर को क्रॉस कर रहे हैं। इन व्यापारियों का ब्यौरा मास्टर रजिस्टर में दर्ज किया गया है और इसी रजिस्टर के आधार पर नोटिस जारी करने का निर्णय किया गया।
इसलिए जुर्माना वसूले जाने की आई नौबत
इस श्रेणी के व्यापारियों को विभाग में फर्म रजिस्टर्ड कराने के लिए गत वित्त वर्ष में शहर के विभिन्न स्थानों समेत जिले के अन्य नगरों और कसबों में लगभग 40 कैंप लगाए गए। शहर के चौक, खिरनीबाग और जलालनगर में व्यापार संगठनों द्वारा प्रायोजित शिविरों में तमाम व्यापारी उमड़े। उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म भी लिए, लेकिन रजिस्ट्रेशन केवल 1300 हो सके। चालू वित्त वर्ष में विभाग को शासन से 1300 नए पंजीकरण करने का लक्ष्य मिला। इसके सापेक्ष पहली तिमाही में बमुश्किल 350 नई फर्में पंजीकृत हो सकीं जबकि विभाग पंजीयन आपके द्वार थीम को अपनाकर लगातार विशेष शिविर लगा रहा है।
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नोटिस जारी होने पर मिले 25 पंजीयन आवेदन
वाणिज्य कर उपायुक्त अमित मोहन के अनुसार विभाग का उद्देश्य नोटिस जारी कर व्यापारियों को धमकाना नहीं, बल्कि उन्हें पंजीकरण को प्रेरित करना है। इसीलिए नोटिस के जवाब में जो आवेदन मिल रहे हैं, उनका तत्काल पंजीयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नोटिस के जवाब मेें मदनापुर के 16 और जलालाबाद के नौ व्यापारियों ने पंजीकरण करा लिया। डिप्टी कमिश्नर मोहन के अनुसार शुक्रवार को पुवायां में और 20 जून को खुदागंज कसबे में पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।
पंजीकृत व्यापारियों को मिलेंगी यह सुविधाएं
0 पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा।
0 पंजीकृत व्यापारियों को टैक्स इनवाइस के माध्यम से खरीद-बिक्री की सुविधा एवं आईटीसी के लाभ की अनुमन्यता।
0 50 लाख रुपये वार्षिक टर्न ओवर होने पर डीम्ड कर निर्धारण।
0 रिटर्न समेत सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।
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मास्टर रजिस्टर पर दर्ज हुए गैर पंजीकृत व्यापारी
जिले में खोखा-पटरी दुकानदारों को छोड़कर छोटे-बड़े करीब 20 हजार व्यापारी हैं। इनमें दस हजार से अधिक ऐसे व्यापारी हैं, जिनका वार्षिक व्यवसाय पांच लाख रुपये और इससे अधिक है। उप्र मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 की धारा-3 में निहित प्राविधानों के अनुसार पांच लाख रुपये से अधिक टर्न ओवर होने अथवा राज्य के बाहर माल की खरीद-बिक्री किए जाने पर विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य घोषित किया गया है। विभाग ने करीब दो हजार ऐसे व्यापारी चिन्हित किए हैं जो बेनामी फर्मों और दुकानों के जरिए पांच लाख रुपये सालाना टर्नओवर को क्रॉस कर रहे हैं। इन व्यापारियों का ब्यौरा मास्टर रजिस्टर में दर्ज किया गया है और इसी रजिस्टर के आधार पर नोटिस जारी करने का निर्णय किया गया।
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इसलिए जुर्माना वसूले जाने की आई नौबत
इस श्रेणी के व्यापारियों को विभाग में फर्म रजिस्टर्ड कराने के लिए गत वित्त वर्ष में शहर के विभिन्न स्थानों समेत जिले के अन्य नगरों और कसबों में लगभग 40 कैंप लगाए गए। शहर के चौक, खिरनीबाग और जलालनगर में व्यापार संगठनों द्वारा प्रायोजित शिविरों में तमाम व्यापारी उमड़े। उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म भी लिए, लेकिन रजिस्ट्रेशन केवल 1300 हो सके। चालू वित्त वर्ष में विभाग को शासन से 1300 नए पंजीकरण करने का लक्ष्य मिला। इसके सापेक्ष पहली तिमाही में बमुश्किल 350 नई फर्में पंजीकृत हो सकीं जबकि विभाग पंजीयन आपके द्वार थीम को अपनाकर लगातार विशेष शिविर लगा रहा है।
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नोटिस जारी होने पर मिले 25 पंजीयन आवेदन
वाणिज्य कर उपायुक्त अमित मोहन के अनुसार विभाग का उद्देश्य नोटिस जारी कर व्यापारियों को धमकाना नहीं, बल्कि उन्हें पंजीकरण को प्रेरित करना है। इसीलिए नोटिस के जवाब में जो आवेदन मिल रहे हैं, उनका तत्काल पंजीयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नोटिस के जवाब मेें मदनापुर के 16 और जलालाबाद के नौ व्यापारियों ने पंजीकरण करा लिया। डिप्टी कमिश्नर मोहन के अनुसार शुक्रवार को पुवायां में और 20 जून को खुदागंज कसबे में पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।
पंजीकृत व्यापारियों को मिलेंगी यह सुविधाएं
0 पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा।
0 पंजीकृत व्यापारियों को टैक्स इनवाइस के माध्यम से खरीद-बिक्री की सुविधा एवं आईटीसी के लाभ की अनुमन्यता।
0 50 लाख रुपये वार्षिक टर्न ओवर होने पर डीम्ड कर निर्धारण।
0 रिटर्न समेत सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।