शराबी बेटे की हत्या: पिता ने सीने में मारी गोली, नशे के लिए बेच दिए थे घर के खिड़की-दरवाजे; पढ़ें पूरी वारदात
शाहजहांपुर के तिलहर में नशा करने के लिए युवक ने अपने घर के दरवाजे और खिड़कियां तक बेच डाली। सोमवार को रुपयों के लिए वह पिता और मां पर हमलावर हो गया था। इसी दौरान गुस्से में बंदूक से उसके सीने में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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शाहजहांपुर के तिलहर के मोहल्ला निजामगंज में चीनी मिल से सेवानिवृत्त सहायक लेखाकार ओमकार गंगवार ने अपने बेटे हर्षवर्धन गंगवार उर्फ चिंटू (32 वर्ष) के सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। नशे की लत के कारण वह अक्सर पिता से पैसे मांगता था और घर वालों को परेशान करता था। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लिया है।
ओमकार गंगवार अपने तीसरे नंबर के बेटे हर्षवर्धन की गलत संगत से तंग आ चुके थे। नशे का आदी होने के कारण वह आए दिन रुपये देने के लिए झगड़ा करता था। शराब की लत पूरी करने के लिए उसने मकान के खिड़की-दरवाजे समेत अन्य सामान बेच दिया था। सोमवार को पिता व मां पर हमलावर हुआ तो ओमकार बंदूक निकाल लाए। फिर जो कुछ हुआ, उसमें हर्षवर्धन की जान चली गई।
चीनी मिल में सहायक लेखाकार पद पर रहे ओमकार मूलत: तिलहर से करीब तीन किलोमीटर दूर गांव रज्जाकपुर के रहने वाले हैं। नौकरी लगने के बाद उन्होंने निजामगंज में मकान बनवा लिया था। वह यहां पत्नी कलावती व चार बेटों के साथ रहने लगे थे। बड़ा बेटा नीरज कहीं बाहर नौकरी करता है। दूसरा बेटा नीरज पीआरडी जवान है और सबसे छोटा आलोक चीनी मिल में ही कार्यरत हैं।
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नशा करने के लिए परिजनों से मांगता था रुपये
तीसरे नंबर का हर्षवर्धन गलत संगत में पड़ा तो उससे छुड़ाना मुश्किल हो गया। शराब पीने के साथ ही अन्य तरह के नशे भी करने लगा। लत को पूरी करने के लिए उसने परिवार वालों से रुपये मांगना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, रोजाना खर्चा देने से परिजन ने इंकार किया तो हर्षवर्धन ने मकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
ओमकार व कलावती ने मना किया तो बेल्चे के साथ वहां पड़ी हथौड़ी लेकर हमलावर हो गया। माता-पिता को दौड़ा लिया। परेशान होकर ओमकार लाइसेंसी बंदूक निकाल लाए। बंदूक को देखकर हर्षवर्धन भी भिड़ गया। इस बीच चली गोली सीने में लगने से हर्षवर्धन की मौत हो गई। बताते हैं कि इससे पहले भी दो बार हर्षवर्धन अपने पिता के सिर पर हमला कर चुका था, जिससे उन्हें काफी चोट आई थी।
परिजन के नहीं थम रहे आंसू
हर्षवर्धन की मौत से कलावती के आंसू नहीं थम रहे हैं। उनके ऊपर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। बेटे के जान से जाने के साथ ही पति भी जेल जाएंगे। वारदात की सूचना पर बेटी शिल्पी भी आ गई। उसने परिजन को किसी तरह संभालने का प्रयास किया।
एसपी देहात दीक्षा भांवरे अरुण ने बताया कि हर्षवर्धन आए दिन परिजनों से झगड़ा करता था। उसने हथौड़ी से परिजनों पर हमला करने की कोशिश की। झीनाझपटी में चली गोली लगने से उसकी मौत हुई है।