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सेनेटरी व्यापारी के हत्यारोपी रूबल समेत परिवार के चार सदस्यों पर अभिलेखों में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज
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शाहजहांपुर। केरूगंज में सेनेटरी व्यापारी मनीष कपूर हत्याकांड के आरोपी रूबल यादव पर परिवार के चार सदस्यों पर अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने व शपथ पत्र में तथ्यों को छिपाकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने पर मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी के आदेश पर चौक कोतवाली के इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा की ओर से केस कराया। इस समय आरोपी रूबल यादव व उसका सहयोगी मोहब्बत अली जेल में है।
23 अक्टूबर, 2021 को चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला विसरात निवासी रूबल यादव उर्फ आकाश यादव पुत्र फूल सिंह यादव व उसके सहयोगी मोहब्बत अली ने घूरनतलैया निवासी मनीष कपूर की केरूगंज में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया था। दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि रूबल यादव का असली नाम आकाश यादव है। उसने मुकदमों के विवेचक और थाने की पुलिस को अपना नाम रूबल यादव बताया। इसी नाम से मुकदमों में जमानत कराई।
चौक इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि रूबल के पिता फूल सिंह यादव के नाम पर 315 बोर का शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत था। 2019 में फूल सिंह यादव की मृत्यु के बाद रूबल ने अपने असली नाम आकाश यादव के नाम से प्रचलित सभी अभिलेख आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड के आधार पर शस्त्र लाइसेंस विरासत के आधार पर अपने नाम स्थानांतरित करते हुए लाइसेंस कोतवाली से प्राप्त कर लिया। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए शस्त्र लिपिक से संपर्क कर लिखित रिपोर्ट व आकाश यादव द्वारा किए शस्त्र लाइसेंस आवेदन के अभिलेखों की प्रतियां प्राप्त कर लीं।
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इसमें आकाश यादव के नाम पर शस्त्र स्थानांतरित कराने में उनकी मां लक्ष्मी देवी, बहन काजल यादव, भाई रोबिन यादव ने अपने शपथ पत्र देकर सहमति दी थी। आकाश ने शपथ पत्र में अपना आपराधिक रिकार्ड व उर्फियत वाला नाम रूबल यादव छिपाते हुए शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था। रूबल यादव उर्फ आकाश यादव को जारी शस्त्र लाइसेंस पर लगे फोटो व अभियोग में थाने पर गिरफ्तारी के दौरान सीसीटीएनएस में फीड फोटो से मिलान करने पर स्पष्ट हुआ कि रूबल यादव ही आकाश यादव है।
उसकी शैक्षिक स्थिति की पड़ताल करने के लिए आकाश यादव की हाईस्कूल के अंक पत्र का सत्यापन कराया गया। इसके अनुक्रमांक में अंक पत्र आकाश कुमार पुत्र आनंद कुमार के नाम से निकला। जिसे एडिट कर फर्जी तरीके से आकाश यादव पुत्र फूल सिंह यादव का बना दिया। इसी से आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य अभिलेख बनवा लिए। इस बीच विवेचक ने जेल के अंदर बयान लिए तो उसने अपना असली नाम आकाश यादव कुबूल किया। उसने कक्षा एक से पांच तक डॉ. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कालेज में पढ़ाई की।
हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट अलीगढ़ से पांच-पांच हजार रुपये में बनवाई थी। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने जानबूझकर आपराधिक इतिहास छिपाते हुए अपने पिता की लाइसेंसी रायफल अपने नाम स्थानांतरित कराने के लिए शस्त्र लाइसेंस आवेदन पत्र के साथ झूठा शपथ पत्र पेश करने पर आरोपी रूबल, उसकी मां लक्ष्मी यादव, बहन काजल यादव, भाई रोबिन यादव निवासी विसरात रोशनगंज के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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23 अक्टूबर, 2021 को चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला विसरात निवासी रूबल यादव उर्फ आकाश यादव पुत्र फूल सिंह यादव व उसके सहयोगी मोहब्बत अली ने घूरनतलैया निवासी मनीष कपूर की केरूगंज में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया था। दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि रूबल यादव का असली नाम आकाश यादव है। उसने मुकदमों के विवेचक और थाने की पुलिस को अपना नाम रूबल यादव बताया। इसी नाम से मुकदमों में जमानत कराई।
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चौक इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि रूबल के पिता फूल सिंह यादव के नाम पर 315 बोर का शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत था। 2019 में फूल सिंह यादव की मृत्यु के बाद रूबल ने अपने असली नाम आकाश यादव के नाम से प्रचलित सभी अभिलेख आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड के आधार पर शस्त्र लाइसेंस विरासत के आधार पर अपने नाम स्थानांतरित करते हुए लाइसेंस कोतवाली से प्राप्त कर लिया। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए शस्त्र लिपिक से संपर्क कर लिखित रिपोर्ट व आकाश यादव द्वारा किए शस्त्र लाइसेंस आवेदन के अभिलेखों की प्रतियां प्राप्त कर लीं।
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इसमें आकाश यादव के नाम पर शस्त्र स्थानांतरित कराने में उनकी मां लक्ष्मी देवी, बहन काजल यादव, भाई रोबिन यादव ने अपने शपथ पत्र देकर सहमति दी थी। आकाश ने शपथ पत्र में अपना आपराधिक रिकार्ड व उर्फियत वाला नाम रूबल यादव छिपाते हुए शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था। रूबल यादव उर्फ आकाश यादव को जारी शस्त्र लाइसेंस पर लगे फोटो व अभियोग में थाने पर गिरफ्तारी के दौरान सीसीटीएनएस में फीड फोटो से मिलान करने पर स्पष्ट हुआ कि रूबल यादव ही आकाश यादव है।
उसकी शैक्षिक स्थिति की पड़ताल करने के लिए आकाश यादव की हाईस्कूल के अंक पत्र का सत्यापन कराया गया। इसके अनुक्रमांक में अंक पत्र आकाश कुमार पुत्र आनंद कुमार के नाम से निकला। जिसे एडिट कर फर्जी तरीके से आकाश यादव पुत्र फूल सिंह यादव का बना दिया। इसी से आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य अभिलेख बनवा लिए। इस बीच विवेचक ने जेल के अंदर बयान लिए तो उसने अपना असली नाम आकाश यादव कुबूल किया। उसने कक्षा एक से पांच तक डॉ. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कालेज में पढ़ाई की।
हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट अलीगढ़ से पांच-पांच हजार रुपये में बनवाई थी। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने जानबूझकर आपराधिक इतिहास छिपाते हुए अपने पिता की लाइसेंसी रायफल अपने नाम स्थानांतरित कराने के लिए शस्त्र लाइसेंस आवेदन पत्र के साथ झूठा शपथ पत्र पेश करने पर आरोपी रूबल, उसकी मां लक्ष्मी यादव, बहन काजल यादव, भाई रोबिन यादव निवासी विसरात रोशनगंज के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।