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Shahjahanpur News: हत्या के दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
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दूसरे पक्ष के तीन भाइयों को भी पांच-पांच वर्ष की कैद
शाहजहांपुर। प्रधानी के चुनाव की रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या करने के दोषी पिता-पुत्र को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। वहीं, इसी मामले में दूसरे पक्ष के तीन भाइयों को भी जानलेवा हमले में पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
बंडा थाना क्षेत्र के भांभी गांव में रहने वाले प्रमोद सिंह ने 24 मई 2012 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के ब्रजेश सक्सेना, उसका बेटा अवधेश, श्यामा सिंह व उसका बेटा वरुण सिंह उनके परिवार से रंजिश मानते थे।
आए दिन रास्ते में घेरकर परेशान करते थे। 24 मई की शाम छह बजे वह और उनका छोटा भाई जितेंद्र गांव में ही मजदूरों की गिनती करके वापस घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के राजवीर सिंह के घर के पास पहले से घात लगाए ब्रजेश, श्यामा सिंह, वरुण और अवधेश ने हथियार लेकर उन लोगों को घेर लिया और गाली देने लगे।
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उन लोगों ने विरोध किया तो हमलावरों ने भाई को पीटना शुरू कर दिया। मौका पाकर वे दोनों लोग भागने लगे, तभी हमलावरों ने जितेंद्र को दौड़ाकर पकड़ लिया। श्यामा सिंह ने रायफल से गोली चला दी। गोली लगने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए चले गए।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। वरुण सिंह की नामजदगी झूठी पाई गई। पुलिस ने ब्रजेश, अवधेश के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। श्यामा सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने ब्रजेश सक्सेना उर्फ ब्रज बिहारी और अवधेश सक्सेना को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
वहीं, ब्रजेश सक्सेना की पत्नी संतोष ने पुलिस को तहरीर दी थी कि प्रधानी के चुनाव के कारण गांव के काविल सिंह उनके परिवार से रंजिश मानता है। 24 मई 2012 को वह अपने बेटे अवधेश के साथ बिलसंडा से खरीदारी करके वापस आ रही थी। रास्ते में घात लगाकर बैठे काविल सिंह, उनके बेटे प्रमोद, सनोद और विनोद ने हमला कर दिया।
काविल सिंह ने बंदूक से फायर किया। उन लोगों ने अवधेश के सिर पर तलवारों से हमला किया। अवधेश के पैर बांधकर घसीटते हुए अपने घर के अंदर ले जाकर मरा हुआ समझकर बंद कर दिया। पुलिस ने पहुंचकर बेटे को आजाद कराया। पुलिस ने प्रमोद, विनोद और सनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा।
काविल सिंह उर्फ वीरेंद्र सिंह की नामजदगी झूठी पाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने प्रमोद, विनोद और सनोद को पांच-पांच साल की कैद की सजा सुनाई।
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तस्करी के दोषी को पांच वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी एक तस्कर को अदालत ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
थाना सदर बाजार के उपनिरीक्षक अमर सिंह यादव ने 10 सितंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि चार बदमाश एक कार में पशुओं की तस्करी के लिए निगोही रोड से पंचपीर चौराहे की ओर जा रहे हैं। पुलिस टीम ने पंचपीर चौराहे के पास घेराबंदी की। उन्हें कार आती दिखाई दी तो उसे रुकने का इशारा किया। इस पर कार चालक ने उन्हें कुचलने की कोशिश की और अंदर से फायरिंग की गई। पुलिस ने किसी तरह कार को रोका। पुलिस ने अकबर उर्फ पगला निवासी निगोही, कल्लू कुरैशी निवासी मोहल्ला खेड़ा, निगोही, गुड्डू निवासी जमुनिया, सिंधौली को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से तमंचे और चाकू बरामद हुई। कार की तलाशी में 400 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कल्लू कुरैशी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने कल्लू कुरैशी को पांच वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। संवाद
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शाहजहांपुर। प्रधानी के चुनाव की रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या करने के दोषी पिता-पुत्र को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। वहीं, इसी मामले में दूसरे पक्ष के तीन भाइयों को भी जानलेवा हमले में पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
बंडा थाना क्षेत्र के भांभी गांव में रहने वाले प्रमोद सिंह ने 24 मई 2012 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के ब्रजेश सक्सेना, उसका बेटा अवधेश, श्यामा सिंह व उसका बेटा वरुण सिंह उनके परिवार से रंजिश मानते थे।
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आए दिन रास्ते में घेरकर परेशान करते थे। 24 मई की शाम छह बजे वह और उनका छोटा भाई जितेंद्र गांव में ही मजदूरों की गिनती करके वापस घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के राजवीर सिंह के घर के पास पहले से घात लगाए ब्रजेश, श्यामा सिंह, वरुण और अवधेश ने हथियार लेकर उन लोगों को घेर लिया और गाली देने लगे।
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उन लोगों ने विरोध किया तो हमलावरों ने भाई को पीटना शुरू कर दिया। मौका पाकर वे दोनों लोग भागने लगे, तभी हमलावरों ने जितेंद्र को दौड़ाकर पकड़ लिया। श्यामा सिंह ने रायफल से गोली चला दी। गोली लगने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए चले गए।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। वरुण सिंह की नामजदगी झूठी पाई गई। पुलिस ने ब्रजेश, अवधेश के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। श्यामा सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने ब्रजेश सक्सेना उर्फ ब्रज बिहारी और अवधेश सक्सेना को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
वहीं, ब्रजेश सक्सेना की पत्नी संतोष ने पुलिस को तहरीर दी थी कि प्रधानी के चुनाव के कारण गांव के काविल सिंह उनके परिवार से रंजिश मानता है। 24 मई 2012 को वह अपने बेटे अवधेश के साथ बिलसंडा से खरीदारी करके वापस आ रही थी। रास्ते में घात लगाकर बैठे काविल सिंह, उनके बेटे प्रमोद, सनोद और विनोद ने हमला कर दिया।
काविल सिंह ने बंदूक से फायर किया। उन लोगों ने अवधेश के सिर पर तलवारों से हमला किया। अवधेश के पैर बांधकर घसीटते हुए अपने घर के अंदर ले जाकर मरा हुआ समझकर बंद कर दिया। पुलिस ने पहुंचकर बेटे को आजाद कराया। पुलिस ने प्रमोद, विनोद और सनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र अदालत भेजा।
काविल सिंह उर्फ वीरेंद्र सिंह की नामजदगी झूठी पाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने प्रमोद, विनोद और सनोद को पांच-पांच साल की कैद की सजा सुनाई।
तस्करी के दोषी को पांच वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी एक तस्कर को अदालत ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
थाना सदर बाजार के उपनिरीक्षक अमर सिंह यादव ने 10 सितंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि चार बदमाश एक कार में पशुओं की तस्करी के लिए निगोही रोड से पंचपीर चौराहे की ओर जा रहे हैं। पुलिस टीम ने पंचपीर चौराहे के पास घेराबंदी की। उन्हें कार आती दिखाई दी तो उसे रुकने का इशारा किया। इस पर कार चालक ने उन्हें कुचलने की कोशिश की और अंदर से फायरिंग की गई। पुलिस ने किसी तरह कार को रोका। पुलिस ने अकबर उर्फ पगला निवासी निगोही, कल्लू कुरैशी निवासी मोहल्ला खेड़ा, निगोही, गुड्डू निवासी जमुनिया, सिंधौली को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से तमंचे और चाकू बरामद हुई। कार की तलाशी में 400 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कल्लू कुरैशी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने कल्लू कुरैशी को पांच वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। संवाद