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नमाज और रोजा के साथ ढाई प्रतिशत जकात की अदायगी भी बेहद जरूरी : शहर इमाम
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शाहजहांपुर में रमजान के दूसरे जुमे की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। रमजान-उल-मुबारक का बरकतों वाला महीना चल रहा है। अल्लाह की रजामंदी के लिए लोग रोजा रखने के साथ पांच वक्त की नमाज भी अदा कर रहे हैं। मुबारक महीने के दूसरे जुमे की नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सभी से गरीबों की मदद करने और जकात देने पर जोर दिया गया।
जामा मस्जिद में नमाज से पहले शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने तकरीर की। उन्होंने कहा कि इस्लाम की बुनियाद पांच चीजों पर टिकी हैं। नमाज और रोजा के साथ जकात की अदायगी बेहद जरूरी है। जकात देना फर्ज है। कुरआन पाक में अल्लाह ने फरमाया कि नमाज पढ़ो और जकात दो। कहा कि अपने माल में ढाई प्रतिशत जकात देना फर्ज है। यह जकात फकीरों और मिस्कीनों का हक है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में मदरसों में जहां गरीब बच्चे पढ़ते हैं। उन्हें जकात दी जाए। इस बीच शहर पेश इमाम ने दो रकआत नमाज फर्ज अदा कराई। उन्होंने मुल्क में अमनो-अमान व देश को नफरत की आग में झोंकने का प्रयास करने वालों को अक्ल देने की दुआ की। इसी तरह शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज के बाद दुआ की गई।
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जामा मस्जिद में नमाज से पहले शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने तकरीर की। उन्होंने कहा कि इस्लाम की बुनियाद पांच चीजों पर टिकी हैं। नमाज और रोजा के साथ जकात की अदायगी बेहद जरूरी है। जकात देना फर्ज है। कुरआन पाक में अल्लाह ने फरमाया कि नमाज पढ़ो और जकात दो। कहा कि अपने माल में ढाई प्रतिशत जकात देना फर्ज है। यह जकात फकीरों और मिस्कीनों का हक है।
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उन्होंने कहा कि आज के दौर में मदरसों में जहां गरीब बच्चे पढ़ते हैं। उन्हें जकात दी जाए। इस बीच शहर पेश इमाम ने दो रकआत नमाज फर्ज अदा कराई। उन्होंने मुल्क में अमनो-अमान व देश को नफरत की आग में झोंकने का प्रयास करने वालों को अक्ल देने की दुआ की। इसी तरह शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज के बाद दुआ की गई।
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