{"_id":"5ee7b4848ebc3e42ba5631d6","slug":"family-arrived-from-delhi-in-containment-zone-village-reached-home-shahjahanpur-news-bly409399825","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंटेन्मेंट जोन गांव में दिल्ली से आया परिवार पहुंच गया घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंटेन्मेंट जोन गांव में दिल्ली से आया परिवार पहुंच गया घर
विज्ञापन
पुवायां। कंटेन्मेंट जोन घोषित गांव में दिल्ली से आए दंपती पुत्र सहित अपने घर पहुंच गए, लेकिन सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस को हवा तक नहीं लग सकी। गांव के लोगों की शिकायत तो जानकारी हुई। इसके बाद तीनों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
गांव कहमारा में दंपती और उनका पुत्र कोरोना संक्रमित पाए गए थे। 12 जून को उनको इलाज के लिए भेजने के बाद गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर सील कर पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। गांव में तैनात पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि एक दंपती अपने पुत्र के साथ दिल्ली से सोमवार सुबह पुवायां आए और सीएचसी से थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद खेतों के रास्ते गांव पहुंच गए। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। गांव के लोगों को पता चला तो उन्होंने दंपती और उनके पुत्र का सैंपल नहीं लिए जाने को लापरवाही बताते हुए पुलिस से शिकायत की। तब जाकर पुलिस को जानकारी हो सकी। इसके बाद गांव के 12 लोगों के साथ दंपती और उनके पुत्र का भी सैंपल लेकर जिला मुख्यालय भेजा गया। गांव की आबादी 18 सौ सब्जी का मात्र एक ठेला लगवाया गया है। गांव में आवागमन रोकने के लिए तीन बैरिकेडिंग हैं और दो बैरियर लगाए गए हैं। इसमें दो बैरियर पर दो सिपाही और दो होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
गांव से बैंक पहुंच गई वृद्धा
पुवायां। गांव कहमारा की एक बुजुर्ग महिला सुबह घर से निकलकर पुवायां कस्बे में बैंक पहुंच गई। जब वह वापस गांव पहुंची तो बैरियर पर दरोगा मतीन खां ने उन्हें रोककर फटकार लगाई। जबकि खास बात है कि सरकार ने बुजुर्गों और बच्चों को घर से निकलने पर पाबंदी लगा रखी है।
विज्ञापन
लोग गांव में किस तरह पहुंच रहे हैं इसकी भी जानकारी की जाएगी। पुलिस को और मुस्तैद रहने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
- नवनीत कुमार नायक, सीओ पुवायां
विज्ञापन
गांव कहमारा में दंपती और उनका पुत्र कोरोना संक्रमित पाए गए थे। 12 जून को उनको इलाज के लिए भेजने के बाद गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर सील कर पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। गांव में तैनात पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि एक दंपती अपने पुत्र के साथ दिल्ली से सोमवार सुबह पुवायां आए और सीएचसी से थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद खेतों के रास्ते गांव पहुंच गए। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। गांव के लोगों को पता चला तो उन्होंने दंपती और उनके पुत्र का सैंपल नहीं लिए जाने को लापरवाही बताते हुए पुलिस से शिकायत की। तब जाकर पुलिस को जानकारी हो सकी। इसके बाद गांव के 12 लोगों के साथ दंपती और उनके पुत्र का भी सैंपल लेकर जिला मुख्यालय भेजा गया। गांव की आबादी 18 सौ सब्जी का मात्र एक ठेला लगवाया गया है। गांव में आवागमन रोकने के लिए तीन बैरिकेडिंग हैं और दो बैरियर लगाए गए हैं। इसमें दो बैरियर पर दो सिपाही और दो होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
गांव से बैंक पहुंच गई वृद्धा
पुवायां। गांव कहमारा की एक बुजुर्ग महिला सुबह घर से निकलकर पुवायां कस्बे में बैंक पहुंच गई। जब वह वापस गांव पहुंची तो बैरियर पर दरोगा मतीन खां ने उन्हें रोककर फटकार लगाई। जबकि खास बात है कि सरकार ने बुजुर्गों और बच्चों को घर से निकलने पर पाबंदी लगा रखी है।
विज्ञापन
लोग गांव में किस तरह पहुंच रहे हैं इसकी भी जानकारी की जाएगी। पुलिस को और मुस्तैद रहने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
- नवनीत कुमार नायक, सीओ पुवायां