{"_id":"688e62ab0d14bca0b80fe37d","slug":"even-after-spending-crores-the-children-are-not-safe-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-149567-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: करोड़ों खर्च करने के बाद भी सुरक्षित नहीं नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: करोड़ों खर्च करने के बाद भी सुरक्षित नहीं नौनिहाल
विज्ञापन
निगोही विकासखंड के ककरौआ के स्कूल की छत से दिख रही सरिया। संवाद
- फोटो : वीडियो ग्रैब
शाहजहांपुर / जैतीपुर। स्कूलों पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। जर्जर स्कूलों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। किसी भी दिन हादसा होने का डर बना रहता है। जनपद में 885 स्कूलों को चिह्नित कर जर्जर घोषित किया गया। मगर शिक्षा विभाग के अफसरों ने मात्र आदेश जारी कर इतिश्री कर ली।
कैसी है पाठशाला मुहिम के तहत शनिवार को जैतीपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय खेड़ारठ में पहुंचे। यहां पर तीन कक्ष बने हैं। उनकी हालत ठीक थी, लेकिन 15 से 20 बच्चों को एनपीआरसी भवन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इस भवन की स्थिति बेहतर नहीं दिखी। छत की सरिया दिख रही थी।
ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कुछ समय पहले ही प्लास्टर टूटकर गिर गया हो। प्रधानाध्यापक बताने लगे कि गर्मी के चलते भवन में बच्चों को बैठा दिया था। इसी ब्लॉक का कुनिया ताल्लुक धुबला करीमनगर प्राथमिक विद्यालय भी काफी जर्जर स्थिति में था। 50 छात्र संख्या होने के चलते कक्षाएं जर्जर होने पर अतिरिक्त कक्षा-कक्ष में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।
विज्ञापन
--
स्कूल तक जाने वाले रास्ते पर भरा गंदा पानी
निगोही विकासखंड के अहिरबाड़ा स्कूल को ककरौआ में विलय कर दिया गया। दोनों ही गांवों के बीच में करीब आठ सौ मीटर का रास्ता है। लेकिन, इस रास्ते पर बच्चों का निकलना मुश्किल होता है। रास्ते में गंदा पानी भरा होने के कारण बच्चे परेशान हैं। हालांकि, अब अहिरबाड़ा स्कूल के विलय खत्म होने की उम्मीद जगी है। जबकि इस स्कूल के भवन की छत की सरिया तक दिख रही है।
--
शौचालय गंदे, झाड़ियों से घिरा स्कूल
रोजा। ब्लाॅक भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत चौढेरा में प्राथमिक विद्यालय में शौचालय की स्थिति बहुत ही खराब है। शौचालय में पानी डालने के लिए लगा बॉक्स व पानी की टंकी टूटी पड़ी है।
विद्यालय परिसर में रखे कूड़ादान के पास घनी झाड़ियां और कूड़े का ढेर लगा हुआ है। बच्चों के लिए बने शौचालय में भयंकर गंदगी है। ऐसा प्रतीत होता है कि महीने से इसकी सफाई नहीं की गई है। पीने के पानी को लगी टंकियों के पास जलभराव के साथ ही गंदगी का ढेर लगा हुआ है। विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 280 छात्र-छात्राएं हैं। संवाद
--
जर्जर स्कूल में कक्षाएं नहीं चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विभाग काफी संवेदनशील है।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
विज्ञापन
कैसी है पाठशाला मुहिम के तहत शनिवार को जैतीपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय खेड़ारठ में पहुंचे। यहां पर तीन कक्ष बने हैं। उनकी हालत ठीक थी, लेकिन 15 से 20 बच्चों को एनपीआरसी भवन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इस भवन की स्थिति बेहतर नहीं दिखी। छत की सरिया दिख रही थी।
विज्ञापन
ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कुछ समय पहले ही प्लास्टर टूटकर गिर गया हो। प्रधानाध्यापक बताने लगे कि गर्मी के चलते भवन में बच्चों को बैठा दिया था। इसी ब्लॉक का कुनिया ताल्लुक धुबला करीमनगर प्राथमिक विद्यालय भी काफी जर्जर स्थिति में था। 50 छात्र संख्या होने के चलते कक्षाएं जर्जर होने पर अतिरिक्त कक्षा-कक्ष में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।
विज्ञापन
स्कूल तक जाने वाले रास्ते पर भरा गंदा पानी
निगोही विकासखंड के अहिरबाड़ा स्कूल को ककरौआ में विलय कर दिया गया। दोनों ही गांवों के बीच में करीब आठ सौ मीटर का रास्ता है। लेकिन, इस रास्ते पर बच्चों का निकलना मुश्किल होता है। रास्ते में गंदा पानी भरा होने के कारण बच्चे परेशान हैं। हालांकि, अब अहिरबाड़ा स्कूल के विलय खत्म होने की उम्मीद जगी है। जबकि इस स्कूल के भवन की छत की सरिया तक दिख रही है।
शौचालय गंदे, झाड़ियों से घिरा स्कूल
रोजा। ब्लाॅक भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत चौढेरा में प्राथमिक विद्यालय में शौचालय की स्थिति बहुत ही खराब है। शौचालय में पानी डालने के लिए लगा बॉक्स व पानी की टंकी टूटी पड़ी है।
विद्यालय परिसर में रखे कूड़ादान के पास घनी झाड़ियां और कूड़े का ढेर लगा हुआ है। बच्चों के लिए बने शौचालय में भयंकर गंदगी है। ऐसा प्रतीत होता है कि महीने से इसकी सफाई नहीं की गई है। पीने के पानी को लगी टंकियों के पास जलभराव के साथ ही गंदगी का ढेर लगा हुआ है। विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 280 छात्र-छात्राएं हैं। संवाद
जर्जर स्कूल में कक्षाएं नहीं चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विभाग काफी संवेदनशील है।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए