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Shahjahanpur News: 24 साल के बाद भी बाढ़ से निपटने के नहीं किए इंतजाम
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- पुराने जिला अस्पताल का सिटी अस्पताल के लिए रूप में होता था संचालन
-जगह का अभाव होने के कारण मोहल्ला अजीजगंज में बनाया गया था अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बनाए गए राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। सड़क से पांच फुट नीचा होने के चलते बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। जल निकासी का इंतजाम नहीं होने से आए दिन डॉक्टर से लेकर मरीज तक जूझते हैं। इसे लेकर जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
वर्ष 2000 से पहले मोहल्ला अंटा में जिला अस्पताल का संचालन होता था। ओपीडी से लेकर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था थी। शहर का विस्तार होने पर स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अजीजगंज में जिला अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा गया। उस समय जगह के अभाव के चलते मोहल्ला अजीजगंज के किनारे गर्रा नदी के किनारे जगह को चुना गया।
330 बेड की क्षमता वाले अस्पताल को बनाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम कर दिया, पर बाढ़ आने पर बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी चहारदीवारी तक नहीं बनवाई गई। नालियों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने व नाले के उफनाने पर सारा पानी अस्पताल में भर जाता है।
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मुख्य गेट पर हर समय रहता जलभराव
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर पूरे साल जलभराव की समस्या रहती है। हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट आने के बाद भी जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। गेट पर पानी भरने से मरीजों को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है।
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-जगह का अभाव होने के कारण मोहल्ला अजीजगंज में बनाया गया था अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बनाए गए राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। सड़क से पांच फुट नीचा होने के चलते बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। जल निकासी का इंतजाम नहीं होने से आए दिन डॉक्टर से लेकर मरीज तक जूझते हैं। इसे लेकर जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
वर्ष 2000 से पहले मोहल्ला अंटा में जिला अस्पताल का संचालन होता था। ओपीडी से लेकर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था थी। शहर का विस्तार होने पर स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अजीजगंज में जिला अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा गया। उस समय जगह के अभाव के चलते मोहल्ला अजीजगंज के किनारे गर्रा नदी के किनारे जगह को चुना गया।
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330 बेड की क्षमता वाले अस्पताल को बनाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम कर दिया, पर बाढ़ आने पर बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी चहारदीवारी तक नहीं बनवाई गई। नालियों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने व नाले के उफनाने पर सारा पानी अस्पताल में भर जाता है।
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मुख्य गेट पर हर समय रहता जलभराव
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर पूरे साल जलभराव की समस्या रहती है। हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट आने के बाद भी जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। गेट पर पानी भरने से मरीजों को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है।