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बिजली संकट: ओवरलोडिंग की जवाबदेही एक-दूसरे पर टाल रहे अभियंता

Mon, 13 Jun 2022 12:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 12:33 AM IST
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Engineers deferring the responsibility of overloading on each other
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी के दौर में बिजली की औसत मासिक मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। अप्रैल माह की तुलना में मई में सिर्फ शहरी क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड द्वितीय में करीब दो मिलियन यूनिट बिजली ज्यादा खर्च की गई। इससे 33 और 11 केवी क्षमता वाली हाईटेंशन लाइनें ओवरलोडिंग से खराब हो रही हैं। आए दिन ट्रांसफार्मर भी गर्म होकर जल रहे हैं, लेकिन विद्युत निगम के अभियंता इसकी जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है। ट्रांसमिशन (पारेषण खंड) और डिस्ट्रीब्यूशन (वितरण खंड) के अभियंता ओवरलोडिंग के लिए एक-दूसरे की लाइनों को खराब ठहराते हुए उनमें बदलाव की जरूरत बता रहे हैं।
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मार्च में शहरी डिवीजन में करीब 20 मिलियन यूनिट बिजली जलाई गई। अप्रैल में बिजली खपत का आंकड़ा करीब 23 मिलियन यूनिट पहुंच गया और मई में बिजली खपत बढ़कर 25 मिलियन यूनिट हो गई। विद्युत निगम के एक्सईएन (सिटी) प्रशांत गुप्ता का कहना है कि शहर की सभी लाइनों को सुधारा जा चुका है और अब ओवरलोडिंग की समस्या नहीं हैं। उनका मानना है कि आगामी जुलाई से सितंबर तक गर्मी के साथ उमस बढ़ने पर बिजली की खपत बढ़कर 28 मिलियन यूनिट तक हो जाने के आसार हैं। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में ओवरलोडिंग से बिजली संकट भी बढ़ना तय है।
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ओवरलोडिंग के दायरे में यह सभी फीडर
33 केवी बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र के जेल रोड एवं विकास भवन फीडर, अब्दुल्लागंज के अजीजगंज फीडर, हथौड़ा के लोधीपुर फीडर, निगोही रोड स्थित गदियाना के जलालनगर एवं बाईबाग फीडर, सरायकाइयां के अहमदपुर रेती फीडर, गोविंदगंज के डीएम कंपाउंड कालोनी फीडर और ककरा कलां उपकेंद्र के ककरा व आनंदपुरम फीडर और अब्दुल्लागंज के विभिन्न फीडरों से जुड़े जियाखेल, मतानी, चारखंभा, अजीजगंज आदि दो दर्जन से अधिक मोहल्लों की लाइनें ओवरलोडिंग के शिकंजे में जकड़ी हैं।
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अभियंताओं की बात
वितरण खंड की लाइनें भी ठीक हैं, लेकिन पारेषण खंड की लाइनें इस लायक नहीं हैं कि सिस्टम कंट्रोल के निर्देशानुसार सभी क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल सके। ट्रांसमिशन डिवीजन की लाइनें अक्सर ओवरलोडिंग की चपेट में आ रही हैं। इससे नगरीय निकाय के तहसील मुख्यालयों व कस्बों समेत ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त बिजली नहीं पहुंच रही है। -रंजीत कुमार, एक्सईएन, वितरण खंड प्रथम (ग्रामीण), विद्युत निगम

ट्रांसमिशन डिवीजन की सभी हाईटेंशन लाइनें समुन्नत करके इस लायक बनाई जा चुकी हैं कि अगले दो-तीन वर्ष तक जनपद में ओवरलोडिंग से बिजली आपूर्ति में रुकावट नहीं पड़े। वितरण खंड की लाइनें अक्सर खराब हो रही हैं और ऐसी स्थिति में संबंधित एक्सईएन के अनुरोध पर ट्रांसमिशन लाइनों को शट डाउन करना पड़ता है। सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर नगर निकायों और ग्रामीण फीडरों पर चार से छह घंटे आपात कटौती हो रही है। -रोशन कुमार, एसडीओ, पारेषण खंड, विद्युत निगम
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