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नेपाल के हाथियों ने फिर मचाया जमकर उत्पात, कई किसानों की धान की फसल नष्ट की
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खुटार में हाथियों के झुंड ने नष्ट धान की फसल की बाली बीनते किसान
- फोटो : POWAYAN
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खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार के गांव कुभिया माफी, निहालपुर के बाद शुक्रवार रात नेपाली हाथियों ने गांव निहालपुर में फिर से पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। धान की बड़े क्षेत्रफल में खड़ी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। शुक्रवार रात हाथियों का झुंड फिर से निहालपुर आ पहुंचा और सर्वजीत सिंह, जसविंदर सिंह की पत्नी बलविंदर कौर, रंजीत सिंह, हीरा सिंह आदि किसानों की धान की फसल को रौंद डाला।
हाथियों ने कई जगह दांतों से गड्ढे भी कर दिए। शनिवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे और नुकसान को देखा। आरोप है कि सूचना के बाद भी वन विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। एक वॉचर के पहुंचने पर किसान आक्रोशित हो गए और वन अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजा न मिलने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। अमन सिंह, जसविंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, दलजीत सिंह, बलवीर सिंह, गुलजार सिंह आदि मौजूद रहे।
जनपद लखीमपुर में फसलों को काफी नुकसान करने के बाद नेपाली हाथियों का झुंड अब खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में डेरा डाले है। 27 और 28 सितंबर की रात हाथियों के झुंड ने गांव कुभिया माफी के पास जंगल के किनारे धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था। 30 सितंबर की रात हाथियों का झुंड कोचर फार्म के पास गांव निहालपुर क्षेत्र में आ पहुंचा था। हाथियों ने जंगल के किनारे हीरा सिंह के खेत में नलकूप पर तोड़फोड़ कर दी थी।
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किसानों ने दी सूचना, नहीं पहुंचे वनकर्मियों
किसानों ने हाथियों से हुए नुकसान की सूचना वनकर्मियों को देकर मुआवजे की मांग की है। किसान सर्वजीत सिंह, रंजीत सिंह आदि ने बताया कि हाथियों से हुए नुकसान की वन विभाग भारपाई करने के साथ ही हाथियों को नेपाल के जंगलों की ओर खदेड़ने की व्यवस्था करे। सूचना पर पहुंचे वन वाचर रामू शुक्ला ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। लेकिन दोपहर तक कोई भी नहीं पहुंचा था, इससे किसानों में रोष है।
मेरे पास मात्र डेढ़ एकड़ धान की फसल थी। इससे कर्जा भी चुकाना था। कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। हाथियों ने सारी फसल नष्ट कर दी है। अब क्या करें कोई फरियाद नही सुन रहा।
बलविंदर कौर,पत्नी जसविंदर सिंह, निहालपुर खुटार
वन विभाग के कर्मचारी जो पटाखे आदि दे गए थे उनमें से एक भी नही चला। क्या पटाखे चलाने और हाथियों को खदेड़ने की जिम्मेदारी किसानों की है। विभाग के लोगों का क्या काम है।
दलजीत सिंह, किसान,कोचर फार्म
कर्मचारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही हैं। मुआवजे के लिए किसान प्रकिया के तहत आवेदन करें। मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
डीएस यादव, रेंजर खुटार
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हाथियों ने कई जगह दांतों से गड्ढे भी कर दिए। शनिवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे और नुकसान को देखा। आरोप है कि सूचना के बाद भी वन विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। एक वॉचर के पहुंचने पर किसान आक्रोशित हो गए और वन अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजा न मिलने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। अमन सिंह, जसविंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, दलजीत सिंह, बलवीर सिंह, गुलजार सिंह आदि मौजूद रहे।
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जनपद लखीमपुर में फसलों को काफी नुकसान करने के बाद नेपाली हाथियों का झुंड अब खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में डेरा डाले है। 27 और 28 सितंबर की रात हाथियों के झुंड ने गांव कुभिया माफी के पास जंगल के किनारे धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था। 30 सितंबर की रात हाथियों का झुंड कोचर फार्म के पास गांव निहालपुर क्षेत्र में आ पहुंचा था। हाथियों ने जंगल के किनारे हीरा सिंह के खेत में नलकूप पर तोड़फोड़ कर दी थी।
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किसानों ने दी सूचना, नहीं पहुंचे वनकर्मियों
किसानों ने हाथियों से हुए नुकसान की सूचना वनकर्मियों को देकर मुआवजे की मांग की है। किसान सर्वजीत सिंह, रंजीत सिंह आदि ने बताया कि हाथियों से हुए नुकसान की वन विभाग भारपाई करने के साथ ही हाथियों को नेपाल के जंगलों की ओर खदेड़ने की व्यवस्था करे। सूचना पर पहुंचे वन वाचर रामू शुक्ला ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। लेकिन दोपहर तक कोई भी नहीं पहुंचा था, इससे किसानों में रोष है।
मेरे पास मात्र डेढ़ एकड़ धान की फसल थी। इससे कर्जा भी चुकाना था। कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। हाथियों ने सारी फसल नष्ट कर दी है। अब क्या करें कोई फरियाद नही सुन रहा।
बलविंदर कौर,पत्नी जसविंदर सिंह, निहालपुर खुटार
वन विभाग के कर्मचारी जो पटाखे आदि दे गए थे उनमें से एक भी नही चला। क्या पटाखे चलाने और हाथियों को खदेड़ने की जिम्मेदारी किसानों की है। विभाग के लोगों का क्या काम है।
दलजीत सिंह, किसान,कोचर फार्म
कर्मचारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही हैं। मुआवजे के लिए किसान प्रकिया के तहत आवेदन करें। मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
डीएस यादव, रेंजर खुटार