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Shahjahanpur News: उद्यमियों को झटका दे रही बिजली, बिलों में नहीं हो रहा संशोधन
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शाहजहांपुर। औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को बिजली के बिल झटका दे रहे है। बिलों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। उद्यमियों के अनुसार, उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठने के बाद बिजली निगम के अफसरों ने साफ्टवेयर की गलती बताई है।
जिले में करीब 70 से 80 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। 32 किलोवाॅट के कनेक्शन हैं। विद्युत निगम ने उद्यमियों के बिलाें को चार चरणों में बांटा है। शाम को पांच से 11 बजे के ग्रुप को पीक आवर मानते हुए आठ रुपये से ज्यादा प्रति यूनिट बिल रखा है। शेष चरणों में यूनिट का बिल कम रहता है।
आईआईए के पूर्व चैप्टर चेयरमैन गुरजीत सिंह मोगा ने बताया कि पिछले कई महीनों से बिजली के बिल पीक आवर्स वाले रेट से अधिकतर चरणों में लगकर आ रहे हैं। इसमें अधिक यूनिट बनने से बिजली का बिल बढ़ गया है। इस मुद्दे को उद्योग बंधु की बैठक में उठाया गया है।
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आईआईए के सचिव रोहित गोयल ने बताया कि प्रत्येक यूनिट में एक रुपये का फर्क आ रहा है। उपभोग के विपरीत बिल बन रहा है। उद्योग बंधु की बैठक में बिजली निगम के अफसरों ने साफ्टवेयर की गलती स्वीकार कर निगम को पत्राचार करने की बात कही है।
उद्यमी शुभम खन्ना ने बताया कि अफसरों ने बिल में संशोधन और धनराशि को समायोजित करने की बात कही है, लेकिन ऐसा संभव नजर नहीं आ रहा है। बिल में गड़बड़ी होने पर जमा नहीं करने पर कनेक्शन काट दिया जाता है।
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उद्यमियों के बिल गलत नहीं बन रहे हैं। साफ्टवेयर में भी दिक्कत नहीं है। किसी को दिक्कत है तो शिकायत करे। उसकी जांच कराएंगे।
- जागेश कुमार, एसई
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जिले में करीब 70 से 80 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। 32 किलोवाॅट के कनेक्शन हैं। विद्युत निगम ने उद्यमियों के बिलाें को चार चरणों में बांटा है। शाम को पांच से 11 बजे के ग्रुप को पीक आवर मानते हुए आठ रुपये से ज्यादा प्रति यूनिट बिल रखा है। शेष चरणों में यूनिट का बिल कम रहता है।
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आईआईए के पूर्व चैप्टर चेयरमैन गुरजीत सिंह मोगा ने बताया कि पिछले कई महीनों से बिजली के बिल पीक आवर्स वाले रेट से अधिकतर चरणों में लगकर आ रहे हैं। इसमें अधिक यूनिट बनने से बिजली का बिल बढ़ गया है। इस मुद्दे को उद्योग बंधु की बैठक में उठाया गया है।
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आईआईए के सचिव रोहित गोयल ने बताया कि प्रत्येक यूनिट में एक रुपये का फर्क आ रहा है। उपभोग के विपरीत बिल बन रहा है। उद्योग बंधु की बैठक में बिजली निगम के अफसरों ने साफ्टवेयर की गलती स्वीकार कर निगम को पत्राचार करने की बात कही है।
उद्यमी शुभम खन्ना ने बताया कि अफसरों ने बिल में संशोधन और धनराशि को समायोजित करने की बात कही है, लेकिन ऐसा संभव नजर नहीं आ रहा है। बिल में गड़बड़ी होने पर जमा नहीं करने पर कनेक्शन काट दिया जाता है।
उद्यमियों के बिल गलत नहीं बन रहे हैं। साफ्टवेयर में भी दिक्कत नहीं है। किसी को दिक्कत है तो शिकायत करे। उसकी जांच कराएंगे।
- जागेश कुमार, एसई