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15 करोड़ रुपये बकाया बिजली राजस्व दबाए बैठे सरकारी विभाग

Wed, 02 Sep 2020 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2020 01:51 AM IST
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electricity bill
शाहजहांपुर। बिजली राजस्व की वसूली के लिए पावर कॉरपोरेशन के अभियंता दस हजार रुपये तक बकाया वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के साथ उन पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं, लेकिन उन सरकारी महकमों पर शिकंजा कसने की अभी तक कोई योजना नहीं बनाई, जो लाखों रुपये की बत्ती फूंकने के बावजूद बिलों की अदायगी नहीं कर रहे। पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, रेलवे, दूरसंचार आदि कई विभागों पर करीब सात करोड़ रुपये बिजली राजस्व लंबे समय से बकाया है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुड़े महानगर के अन्य विभाग शामिल कर लिए जाएं तो उनसे करीब 15 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं। पुराने देनदारों को शामिल करने पर यह धनराशि बढ़कर 80 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
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नियमित भुगतान करने वाले उपभोक्ता सिर्फ 50 फीसदी
महानगर में घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणियों के करीब 1.5 लाख उपभोक्ता हैं और वे हर माह करीब 13 से 14 करोड़ की बिजली फूंक रहे हैं, लेकिन उनमें बमुश्किल 50 फीसदी उपभोक्ता बिलों का हर माह नियमित भुगतान करते हैं। तमाम ऐसे भी उपभोक्ता हैं, जो ज्यादा बिल भुगतान से बचने के लिए कम रीडिंग का बिल निकलवाते हैं और शेष यूनिट उनके मीटर मेें स्टोर रहते हैं। चार-छह माह बाद मीटर की वास्तविक रीडिंग की गणना करने पर बिल हजारों-लाखों में निकलता है तो उनके हाथ-पांव फूल जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार महानगर में एक लाख रुपये और इससे अधिक धनराशि के 100 से अधिक बकायेदार उपभोक्ता हैं, जबकि आठ हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं, जिन पर दस हजार रुपये और इससे अधिक धनराशि कई माह से बकाया है।
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नगरपालिका से पहले भी हो चुका विवाद
महानगर की नगरपालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा मिलने से पहले तत्कालीन चेयरमैन तनवीर खां के कार्यकाल में भी बकाया बिजली राजस्व की वसूली को लेकर पावर कॉरपोरेशन के अफसरों से विवाद हो चुका है। उस वक्त तत्कालीन एक्सईएन सिटी विवेक पटेल ने करीब 90 लाख रुपये का बकाया बिल भुगतान के लिए नगरपालिका को जारी कराया, लेकिन उसकी अदायगी करने के बजाय चेयरमैन ने बहादुरगंज और गोविंदगंज उपकेंद्र पर भवन कर और जलकर मद में लाखों रुपये की देनदारी के बिल जारी करा दिए। बाद मेें प्रशासनिक अधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन को स्ट्रीट लाइट का बिल भुगतान करा दिया, लेकिन बिजली उपकेंद्रों और दफ्तरों पर बकाया दोनों टैक्सों का भुगतान लंबित है। बिजली अभियंताओं के अनुसार नगर निगम के कार्यालयों पर 2.25 करोड़ रुपये बकाया चढ़ा है।
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कनेक्शन कटा तो सीवीओ ने चुकाई देनदारी
दो साल पहले बेरी पुलिस चौकी के पास स्थित सदर के पशु अस्पताल पर बकाया करीब 5.25 लाख रुपये बिजली बिल जमा करने को पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन ने तत्कालीन सीवीओ से पत्राचार किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पशु अस्पताल परिसर का कनेक्शन कटा तो विभाग में हड़कंप मच गया क्योंकि अस्पताल परिसर की लैब में कृत्रिम गर्भाधान को रखे सीमेन और पशु वैक्सीन की कोल्ड चेन टूटने का खतरा पैदा हो गया। बाद में अगले दिन बिल जमा होने पर वहां का कनेक्शन जोड़ा गया।
कई विभागों के सरकारी कार्यालय लाखों के देनदार
विकास भवन समेत जिले के अन्य कई सरकारी कार्यालयों पर भी लाखों के बिजली बिल बकाया हैं जहां जवाबदेह अधिकारी बैठते हैं। मसलन, निर्वाचन कार्यालय, रोजा रेलवे साइडिंग कार्यालय, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रोजा मंडी समिति के सचिव कार्यालय, रोजा टेलीफोन एक्सचेंज, विकास भवन केे कार्यालय, तहसीलदार सदर कार्यालय और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन कार्यालय पर लाखों रुपये बिजली राजस्व की देनदारी चढ़ी है।

रेलवे, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, दूरसंचार आदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कई विभागों के कनेक्शन जनहित को ध्यान में नहीं काटने के सरकार के निर्देश हैं। अन्य विभागों के अधिकारियों को लगातार पत्र भेजकर बकाया बिल जमा करने के लिए कहा जा रहा है। अन्यथा की स्थिति मेें उनके कनेक्शन काटकर आरसी जारी कराई जाएंगी। सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटर लगाने की योजना है जिससे कि उनसे बकाया वसूली का झंझट हमेशा को खत्म हो सके।
- प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), पावर कॉरपोरेशन
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