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मतदाता सूची से नाम गायब होने पर धरने पर बैठे ग्रामीण, पुलिस ने खदेड़ा
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शाहजहांपुर। मदनापुर ब्लॉॅक की ग्राम पंचायत लहसडी में पूर्व प्रधान समेत तीन परिवारों के 69 वोट मतदाता सूची से गायब होने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान पूर्वाह्न करीब 11:00 बजे तक मतदान नहीं हो सका। सूचना मिलने पर कोतवाल जसवीर सिंह मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए और मतदान केंद्र के पास बैठे ग्रामीणों को खदेड़ दिया। इसके बाद मतदान शुरू हुआ।
ग्राम पंचायत लहसडी तहसील जलालाबाद में आती है। इस ग्राम पंचायत से जुड़े गांव भुड़िया ताल्लुके पेहना में रह रहे पूर्व प्रधान धर्म सिंह, अगरवीर सिंह तथा ओमवीर के परिवारों के 69 वोट सूची से गायब हो गए। धर्म सिंह का आरोप है कि जब वह बूथ पर वोट डालने पहुंचे, तब उन्हें वोट कटने की जानकारी हुई। इसके बाद शेष दो परिवारों के भी वोट मतदाता सूची में न होने से अन्य गांव वाले भड़क गए। इन परिवारों का आरोप था कि साजिश के तहत उन लोगों के वोट कटवा दिए गए।
ग्रामीणों के अनुसार नामांकन कराने के दौरान जो सूची आई थी, उसमें उन सभी के वोट थे। वोट कटने से नाराज कई ग्रामीण मतदान केंद्र के समीप धरना देकर बैठ गए और 69 वोट डलवाए जाने की मांग करने लगे। उसे पहले अन्य लोगों को वोट नहीं डालने दिया गया।
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सूचना मिलने पर एसडीएम सौरभ भट्ट के निर्देश पर वहां पुलिस फोर्स पहुंच गया और मतदान केंद्र के समीप बैठे ग्रामीणों को खदेड़ दिया। इसके बाद वोट डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि वोट न होने पर तय अवधि में दावा आपत्ति दिए जाने थे, जो नहीं दिए गए। मतदाता सूची से जो नाम गायब हुए हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। ग्रामीण समझाने पर मान गए और मतदान शुरू करवा दिया गया।
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ग्राम पंचायत लहसडी तहसील जलालाबाद में आती है। इस ग्राम पंचायत से जुड़े गांव भुड़िया ताल्लुके पेहना में रह रहे पूर्व प्रधान धर्म सिंह, अगरवीर सिंह तथा ओमवीर के परिवारों के 69 वोट सूची से गायब हो गए। धर्म सिंह का आरोप है कि जब वह बूथ पर वोट डालने पहुंचे, तब उन्हें वोट कटने की जानकारी हुई। इसके बाद शेष दो परिवारों के भी वोट मतदाता सूची में न होने से अन्य गांव वाले भड़क गए। इन परिवारों का आरोप था कि साजिश के तहत उन लोगों के वोट कटवा दिए गए।
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ग्रामीणों के अनुसार नामांकन कराने के दौरान जो सूची आई थी, उसमें उन सभी के वोट थे। वोट कटने से नाराज कई ग्रामीण मतदान केंद्र के समीप धरना देकर बैठ गए और 69 वोट डलवाए जाने की मांग करने लगे। उसे पहले अन्य लोगों को वोट नहीं डालने दिया गया।
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सूचना मिलने पर एसडीएम सौरभ भट्ट के निर्देश पर वहां पुलिस फोर्स पहुंच गया और मतदान केंद्र के समीप बैठे ग्रामीणों को खदेड़ दिया। इसके बाद वोट डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि वोट न होने पर तय अवधि में दावा आपत्ति दिए जाने थे, जो नहीं दिए गए। मतदाता सूची से जो नाम गायब हुए हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। ग्रामीण समझाने पर मान गए और मतदान शुरू करवा दिया गया।