{"_id":"62018636d11c5328f9137d0d","slug":"election-for-development-by-vikram-shah-ju-dev-shahjahanpur-news-bly4748081158","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजा विक्रम शाह जू देव विकास कराने से लिए लड़ गए थे विधायक का चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजा विक्रम शाह जू देव विकास कराने से लिए लड़ गए थे विधायक का चुनाव
विज्ञापन
राजा विक्रमशाह जू देव का फाइल फोटो
- फोटो : POWAYAN
खुटार (शाहजहांपुर)। अब राजनीति में आने वाले तमाम लोग स्वार्थ और रुतबे के लिए आते हैं, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। लोग राजनीति को समाज सेवा समझते थे और यही भावना लेकर राजनीति में आते थे। खुटार स्टेट के राजा और पुवायां-निगोही सीट से पूर्व निर्दलीय विधायक स्व. विक्रमशाह जू देव भी क्षेत्र में विकास कार्य कराने का सपना लेकर राजनीति में सच्चाई और सेवा भावना के पक्षधर थे। उनका मानना था कि सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा मतदान करना चाहिए।
19 दिसंबर 1927 को जन्मे राजा विक्रम शाह 1954 में जब शिक्षा पूरी कर खुटार लौटे तो जमींदारी समाप्त हो चुकी थी। लखनऊ से बीए एलएलबी तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी उन्होंने खेती को अपनाया। उस समय पुवायां क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ था। अक्सर लोग राजा साहब के पास क्षेत्र के विकास में पिछड़े होने की शिकायत लेकर पहुंचते थे। इस पर राजा विक्रम शाह ने विकास कराने का संकल्प लेकर 1962 में पुवायां-निगोही सीट से विधानसभा का चुनाव निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
विक्रम शाह जू देव चुनाव जीत कर विधायक बने तो मतदाता उनसे विकास कार्य कराने की बजाय असलहों का लाइसेंस दिलाने और थाने से लोगों को छुड़ाने के लिए आने लगे। उन्होंने लोगों से विकास कार्यों की सूची देने को कहा तो लोगों ने बंदूक के लाइसेंस को तरजीह दी। क्षुब्ध राजा विक्रम शाह ने समर्थकों से कह दिया कि अब वह कभी कोई चुनाव ही नहीं लड़ेंगे। कार्यकाल पूरा होने के बाद राजा साहब ने राजनीति से संन्यास ले लिया, लेकिन राजनीति में उनका बड़ा दखल बना रहा।
विज्ञापन
शिक्षा के पक्षधर थे राजा साहब
चुनाव जीतने के बाद राजा विक्रम शाह जू देव ने खुटार को बिजली उप केंद्र की सौगात, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा खुलवाने, क्षेत्र में तमाम सड़कें बनवाने सहित तमाम विकास कार्य उन्होंने कराए। किसानों को खाद की समस्या को देखते हुए उन्होंने खुटार के मोहल्ला रायटोला में बड़ा खाद गोदाम भी खुलवाया था। राजा साहब ने विधानसभा में लोगों को शिक्षित करने के लिए स्कूल, कॉलेज खोले जाने का मामला भी कई बार उठाया। राजा साहब लोगों को बच्चों को उच्च शिक्षित, खेलों पर ज्यादा ध्यान देने और प्रेम व्यवहार से रहने की शिक्षा भी देते थे।
राजनीति का केंद्र बनी रही पूर्वी गढ़ी
विक्रम शाह जू देव के राजनीति से सन्यास लेने के बाद भी राजभवन (पूर्वी गढ़ी) राजनीति का केंद्र बना रहा। पीलीभीत, खीरी और शाहजहांपुर संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी गढ़ी से ही प्रचार का शुभारंभ करते थे। कुंवर जितेंद्र प्रसाद ( बाबा साहब), मेनका गांधी सहित कई बड़े नेता गढ़ी आकर राजा साहब से चुनाव के संबंध में विचार विमर्श करते थे। राजा साहब का मानना था कि मतदाताओं को उच्च शिक्षित और ईमानदार प्रत्याशी को ही चुनना चाहिए। बाद मेें राजनीति में आई गिरावट से वह काफी दुखी थे। उनका कहना था कि राजनीति दिन व दिन विषैली होती जा रही है। राजनीति सेवा, ईमानदारी और सच्चाई से की जानी चाहिए। विकास के प्रति जागरूक राजा साहब का कहना था कि विकास के रास्ते से ही देश और समाज का भला हो सकता है।
विज्ञापन
19 दिसंबर 1927 को जन्मे राजा विक्रम शाह 1954 में जब शिक्षा पूरी कर खुटार लौटे तो जमींदारी समाप्त हो चुकी थी। लखनऊ से बीए एलएलबी तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी उन्होंने खेती को अपनाया। उस समय पुवायां क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ था। अक्सर लोग राजा साहब के पास क्षेत्र के विकास में पिछड़े होने की शिकायत लेकर पहुंचते थे। इस पर राजा विक्रम शाह ने विकास कराने का संकल्प लेकर 1962 में पुवायां-निगोही सीट से विधानसभा का चुनाव निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
विज्ञापन
विक्रम शाह जू देव चुनाव जीत कर विधायक बने तो मतदाता उनसे विकास कार्य कराने की बजाय असलहों का लाइसेंस दिलाने और थाने से लोगों को छुड़ाने के लिए आने लगे। उन्होंने लोगों से विकास कार्यों की सूची देने को कहा तो लोगों ने बंदूक के लाइसेंस को तरजीह दी। क्षुब्ध राजा विक्रम शाह ने समर्थकों से कह दिया कि अब वह कभी कोई चुनाव ही नहीं लड़ेंगे। कार्यकाल पूरा होने के बाद राजा साहब ने राजनीति से संन्यास ले लिया, लेकिन राजनीति में उनका बड़ा दखल बना रहा।
विज्ञापन
शिक्षा के पक्षधर थे राजा साहब
चुनाव जीतने के बाद राजा विक्रम शाह जू देव ने खुटार को बिजली उप केंद्र की सौगात, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा खुलवाने, क्षेत्र में तमाम सड़कें बनवाने सहित तमाम विकास कार्य उन्होंने कराए। किसानों को खाद की समस्या को देखते हुए उन्होंने खुटार के मोहल्ला रायटोला में बड़ा खाद गोदाम भी खुलवाया था। राजा साहब ने विधानसभा में लोगों को शिक्षित करने के लिए स्कूल, कॉलेज खोले जाने का मामला भी कई बार उठाया। राजा साहब लोगों को बच्चों को उच्च शिक्षित, खेलों पर ज्यादा ध्यान देने और प्रेम व्यवहार से रहने की शिक्षा भी देते थे।
राजनीति का केंद्र बनी रही पूर्वी गढ़ी
विक्रम शाह जू देव के राजनीति से सन्यास लेने के बाद भी राजभवन (पूर्वी गढ़ी) राजनीति का केंद्र बना रहा। पीलीभीत, खीरी और शाहजहांपुर संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी गढ़ी से ही प्रचार का शुभारंभ करते थे। कुंवर जितेंद्र प्रसाद ( बाबा साहब), मेनका गांधी सहित कई बड़े नेता गढ़ी आकर राजा साहब से चुनाव के संबंध में विचार विमर्श करते थे। राजा साहब का मानना था कि मतदाताओं को उच्च शिक्षित और ईमानदार प्रत्याशी को ही चुनना चाहिए। बाद मेें राजनीति में आई गिरावट से वह काफी दुखी थे। उनका कहना था कि राजनीति दिन व दिन विषैली होती जा रही है। राजनीति सेवा, ईमानदारी और सच्चाई से की जानी चाहिए। विकास के प्रति जागरूक राजा साहब का कहना था कि विकास के रास्ते से ही देश और समाज का भला हो सकता है।