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शहर में दिवाली पर खर्च हो गई 40 लाख यूनिट बिजली
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शाहजहांपुर। आम दिनों की अपेक्षा दिवाली पर बिजली की खपत करीब 15 फीसदी बढ़ गई। बिजली अभियंताओं के अनुसार सितंबर व अक्तूबर में शहरी क्षेत्र में औसतन 27-28 मिलियन यूनिट बिजली खर्च हुई थी। मगर छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) और उसके अगले दिन बड़ी दिवाली की रात रोज की अपेक्षा औसतन दो मिलियन यानी 20 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली खर्च होने का अनुमान है। बिजली की मांग बढ़ने पर ओवरलोडिंग होने से शहर के कई इलाकों में ट्रिपिंग की समस्या हुई।
बिजली वितरण खंड द्वितीय (शहरी डिवीजन) में बिजली की न्यूनतम औसत मासिक खपत 14 से 15 मिलियन यूनिट है। फरवरी, मार्च में सर्दी होने से बिजली की मांग काफी घट जाती है। उस वक्त बिजली नेटवर्क में ज्यादा खराबियां भी नहीं होतीं। मगर गर्मी आने के साथ बिजली की मांग बढ़ जाती है। अभियंताओं के अनुसार सिर्फ जून में शहरी उपभोक्ताओं ने 24 मिलियन यूनिट बिजली जला डाली, जबकि अप्रैल और मई में बिजली की खपत 17 से 20 मिलियन यूनिट तक सीमित रही। बारिश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह से उमस बढ़ने पर अक्तूबर तक बिजली खपत बढ़कर 28 मिलियन यूनिट हो गई।
अभियंताओं के अनुसार दिवाली की तैयारी और खरीदारी के लिहाज से बिजली की मांग अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से एक-दो लाख यूनिट बढ़ रही थी, लेकिन धनतेरस से बिजली की सामान्य खपत में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पाई गई जो कि छोटी दिवाली की रात बढ़कर दस प्रतिशत से ज्यादा हो गई। बृहस्पतिवार शाम से घरों से लेकर बाजारों तक सजीं झालरें बिजली से दमकनी शुरू हुईं तो विभाग के मीटर भी तेजी से दौड़ने लगे।
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विद्युत निगम पारेषण खंड के अधिशासी अभियंता आरके उपाध्याय ने बताया कि इन दिनों शहरी क्षेत्र में सामान्य तौर पर रोजाना औसतन 160 मेगावाट बिजली खपत होती है, लेकिन दो दिन में 180-180 मेगावाट बिजली खर्च हुई। अधिशासी अभियंता (शहर) प्रशांत गुप्ता के अनुसार दिवाली पर बिजली की वास्तविक खपत का ब्योरा माह के अंत में प्राप्त हो सकेगा, लेकिन दो दिन में करीब चार मिलियन यूनिट बिजली जलाए जाने का अनुमान है।
दिवाली पर मुस्तैद रही केंद्रीय टीम
अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज के निर्देश पर अधिशासी अभियंता (शहर व ग्रामीण) ने 33 केवी उपकेंद्रों के उपखंड अभियंताओं और प्रभारी अवर अभियंताओं को उपकेंद्र स्तर पर टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों से समन्वय बनाने के लिए एसई ने केंद्रीय टीम गठित कर उसकी कमान परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता वीके जैन को सौंपी थी। इस व्यवस्था के कारण उपकेंद्रों की क्षेत्रीय टीमें फाल्ट ठीक करने में बहानेबाजी नहीं कर सकीं। एक्सईएन जैन के अनुसार निगोही रोड गदियाना और चौहनापुर फीडर से लाइन खराब होने की कुछ सूचनाएं प्राप्त हुईं, उनका तत्काल निराकरण करा दिया गया।
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बिजली वितरण खंड द्वितीय (शहरी डिवीजन) में बिजली की न्यूनतम औसत मासिक खपत 14 से 15 मिलियन यूनिट है। फरवरी, मार्च में सर्दी होने से बिजली की मांग काफी घट जाती है। उस वक्त बिजली नेटवर्क में ज्यादा खराबियां भी नहीं होतीं। मगर गर्मी आने के साथ बिजली की मांग बढ़ जाती है। अभियंताओं के अनुसार सिर्फ जून में शहरी उपभोक्ताओं ने 24 मिलियन यूनिट बिजली जला डाली, जबकि अप्रैल और मई में बिजली की खपत 17 से 20 मिलियन यूनिट तक सीमित रही। बारिश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह से उमस बढ़ने पर अक्तूबर तक बिजली खपत बढ़कर 28 मिलियन यूनिट हो गई।
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अभियंताओं के अनुसार दिवाली की तैयारी और खरीदारी के लिहाज से बिजली की मांग अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से एक-दो लाख यूनिट बढ़ रही थी, लेकिन धनतेरस से बिजली की सामान्य खपत में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पाई गई जो कि छोटी दिवाली की रात बढ़कर दस प्रतिशत से ज्यादा हो गई। बृहस्पतिवार शाम से घरों से लेकर बाजारों तक सजीं झालरें बिजली से दमकनी शुरू हुईं तो विभाग के मीटर भी तेजी से दौड़ने लगे।
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विद्युत निगम पारेषण खंड के अधिशासी अभियंता आरके उपाध्याय ने बताया कि इन दिनों शहरी क्षेत्र में सामान्य तौर पर रोजाना औसतन 160 मेगावाट बिजली खपत होती है, लेकिन दो दिन में 180-180 मेगावाट बिजली खर्च हुई। अधिशासी अभियंता (शहर) प्रशांत गुप्ता के अनुसार दिवाली पर बिजली की वास्तविक खपत का ब्योरा माह के अंत में प्राप्त हो सकेगा, लेकिन दो दिन में करीब चार मिलियन यूनिट बिजली जलाए जाने का अनुमान है।
दिवाली पर मुस्तैद रही केंद्रीय टीम
अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज के निर्देश पर अधिशासी अभियंता (शहर व ग्रामीण) ने 33 केवी उपकेंद्रों के उपखंड अभियंताओं और प्रभारी अवर अभियंताओं को उपकेंद्र स्तर पर टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों से समन्वय बनाने के लिए एसई ने केंद्रीय टीम गठित कर उसकी कमान परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता वीके जैन को सौंपी थी। इस व्यवस्था के कारण उपकेंद्रों की क्षेत्रीय टीमें फाल्ट ठीक करने में बहानेबाजी नहीं कर सकीं। एक्सईएन जैन के अनुसार निगोही रोड गदियाना और चौहनापुर फीडर से लाइन खराब होने की कुछ सूचनाएं प्राप्त हुईं, उनका तत्काल निराकरण करा दिया गया।