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UP: बुखार का खौफ... इस गांव के पास से भी गुजरने से डर रहे लोग; 10 दिन में आठ ग्रामीणों की हो चुकी है मौत

Sun, 29 Oct 2023 04:44 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 29 Oct 2023 04:44 PM IST
सार

तीन हजार आबादी के अभायन गांव में पिछले 15 दिनों से बुखार फैला हुआ है। इस गांव में बीते 10 दिनों में आठ ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। बुखार का खौफ इस कदर है कि पड़ोसी गांव के लोग अभायन के पास से गुजरने से बच रहे हैं। 

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Eight villagers died due to fever in Abhayan village of Shahjahanpur
अभायन गांव में फैला बुखार का प्रकोप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर के कांट ब्लॉक का अभायन गांव बुखार की चपेट में है। दस दिन में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग अभी भी बीमार हैं। इस गांव में बुखार का प्रकोप आसपास के छह गांवों में लोगों को डराने लगा है। संक्रमण से बचने के लिए वे अभायन के पास से गुजरने से परहेज करने लगे हैं। आलम यह है कि इसके लिए वे चार-पांच किलोमीटर की अधिक दूरी तय कर रहे हैं। 

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कांट कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित तीन हजार आबादी के अभायन गांव में पिछले 15 दिनों से बुखार फैला हुआ है। गांव में बुखार से नसीम बेगम (50) पत्नी कल्लू, ब्रजेश (18) पुत्र लाखन, उर्मिला (40) पत्नी ताराचंद, सुशीला (70), प्रेमपाल (60),  श्यामलाल (80), कप्तान (50) और प्रतिपाल (45) की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव में बबलू, जाफरीन, मिथिलेश, मोनू, अनलेश, संजीव, विजपाल, दिनेश, सुधीर, राजवीर, मुन्ना समेत 50 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं।  
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आसपास के बहलोलपुर, आलियापुर, नानकपुर, बरनावा, महमदपुर आजमाबाद आदि गांवों के लोग अभायन में बीमारी फैलने से डरे हुए हैं। इसी वजह से उस गांव से गुजरने में दूसरे गांवों के ग्रामीण कतराते हैं। ग्रामीणों को भले ही तीन-चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़े लेकिन इस गांव के रास्ते से होकर कांट नहीं जाते और आते हैं। 

बच्चे नहीं जा रहे स्कूल
बुखार फैलने के बाद लोग अपने बच्चों को भी इस गांव के प्राथमिक विद्यालय में नहीं भेज रहे। स्कूल में 253 बच्चों का नामांकन हैं, लेकिन कुछ दिनों से महज 10-12 बच्चे ही पहुंच रहे हैं। शिक्षक शादाब ने बताया कि हमने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा भी है लेकिन अभिभावक तैयार नहीं होते।   

40 साल पहले हुई थी सौ से अधिक मौत
करीब 40 साल पहले अभायन गांव में बीमारी से सौ के करीब लोगों की मृत्यु हो गई थी। तब से यह गांव अक्सर बीमारियों की चपेट में रहता है। इस बार फिर लोगों के जहन में बुखार का डर बैठ गया है। 

बेटे को  स्कूल नहीं भेज रहे 
गांव महमदपुर आजमाबाद के विश्वरूप मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा कांट स्थित जीआईसी में पढ़ता है। स्कूल जाने का रास्ता अभायन गांव से होकर गुजरता है। वहां से गुजरने पर बीमारी लगने के डर से बेटे को कुछ दिन तक स्कूल जाने से मना किया है। 
 

चक्कर लगाकर जा रहे कांट
महमदपुर आजमाबाद के संत कुमार ने बताया कि क्षेत्र में अफवाह है कि अभायन गांव से गुजरने से बीमारी लग रही है। इसलिए वहां से गुजरने की बजाय कुछ किलोमीटर का चक्कर लगाकर ननकापुर होते हुए कांट जाते हैं। क्षेत्र में बहुत बुखार फैला हुआ है। 

लग रहे स्वास्थ्य शिविर 
कांट के सीएचसी अधीक्षक डॉ. जफर सैफी ने बताया कि क्षेत्र में अभायन, रावतपुर, गुरथना गांव हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किए गए हैं। इनमें गुरथना में स्थिति नियंत्रण में है। रावतपुर में भी थोड़ा सुधार हुआ है। अब पूरा फोकस अभायन गांव में किया गया है। मेडिकल कैंप में 102 मरीजों को दवा दी गई थी। इनमें करीब 50 मरीज बुखार के थे। 
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