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Shahjahanpur News: ओसीएफ एस्टेट में धू-धूकर जला रावण का अहंकार, पुतला दहन होते ही गूंजे जय श्रीराम के नारे
Mon, 14 Oct 2024 12:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Updated Mon, 14 Oct 2024 12:09 PM IST
सार
शाहजहांपुर के ओसीएफ रामलीला में रविवार रात रावण वध लीला का मंचन हुआ। मंचन के बाद पुतला दहन किया गया। इस मौके पर जमकर आतिशबाजी हुई।
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रावण दहन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहजहांपुर के ओसीएफ एस्टेट की रामलीला में रविवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद रामलीला मैदान में रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों को दहन हुआ। लीला व पुतलों का दहन देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी। इस बीच जयश्रीराम के उद्घोष लगे।
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मंचन समिति के कलाकारों ने राम-रावण युद्ध का मंचन किया, जिसको देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। युद्ध के दौरान कलाकारों के संवादों ने लोगों को काफी प्रभावित किया। भगवान श्रीराम द्वारा लंकापति रावण पर किए जा रहे बाणों के प्रहारों का कोई असर न होता देख विभीषण ने इसका कारण राम को बताया। इसके बाद रामजी ने रावण की नाभि को लक्ष्य बनाकर तीर चलाया।
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रावण वध होते ही गूंजे जय श्रीराम के नारे
तीर लगते ही रावण की नाभि का अमृत सूख गया और वह भूमि पर गिर पड़ा। रावण के भूमि पर गिरते ही श्रीराम की जय-जयकार होने लगी। श्रीराम द्वारा अपने अनुज लक्ष्मण को रावण से शिक्षा लेने के लिए भेजा गया। अपने अंतिम उपदेश के साथ रावण संसार से विदा लेता है।
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मंचन में रोहित सक्सेना ने राम, देवेंद्र पाल ने लक्ष्मण देवेंद्र, सीता के रूप में रानी मिश्रा, रावण की भूमिका अंकित सक्सेना, मंदोदरी का किरदार शिवी गुप्ता, हनुमान के रोल मोहित कन्नौजिया ने निभाया।
सुभाष, संदीप आर्य, अंकित अवस्थी, अरशद आजाद आदि कलाकारों ने रामलीला को सजीव बनाया। इस मौके पर मंचन सचिव देवेश दिक्षित, सहायक निदेशक सुहेल मोहम्मद, महेंद्र दीक्षित, राम मोहन अग्निहोत्री, रोहित सक्सेना, सतीश सक्सेना आदि मौजूद रहे।
गणेश पूजन के साथ कांट में रामलीला मेला शुरू
श्री रामलीला समिति की ओर से रविवार को मेला मैदान पर गणेश पूजन के साथ 17 दिवसीय रामलीला मेला का शुभारंभ हो गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राममुरारी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नगर में रामलीला का 75वां आयोजन हाेगा। मेला 29 अक्तूबर तक चलेगा। रोजाना अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक रामलीला का मंचन होगा।
प्रतिदिन रात नौ बजे से धार्मिक नाटकों का मंचन होगा। सोमवार को दोपहर दो बजे रामलीला मैदान से शिवजी की बरात शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करते हुए देर रात मेला मैदान पर समाप्त होगी। गणेश पूजन में श्री रामलीला समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचन्द्र मिश्रा, संजीव मिश्रा, गोविंद पांडेय मौजूद थे।
श्री रामलीला समिति की ओर से रविवार को मेला मैदान पर गणेश पूजन के साथ 17 दिवसीय रामलीला मेला का शुभारंभ हो गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राममुरारी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नगर में रामलीला का 75वां आयोजन हाेगा। मेला 29 अक्तूबर तक चलेगा। रोजाना अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक रामलीला का मंचन होगा।
प्रतिदिन रात नौ बजे से धार्मिक नाटकों का मंचन होगा। सोमवार को दोपहर दो बजे रामलीला मैदान से शिवजी की बरात शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करते हुए देर रात मेला मैदान पर समाप्त होगी। गणेश पूजन में श्री रामलीला समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचन्द्र मिश्रा, संजीव मिश्रा, गोविंद पांडेय मौजूद थे।
पुवायां में भी मंचन
पुवायां के रामलीला मेले में रविवार को श्रीराम और रावण के बीच महासंग्राम लीला का मंचन किया गया। मंचन में दिखाया गया कि रावण की सेना पर वानर सेना टूट पड़ी। श्रीराम और रावण के बीच अनेक संवाद होने के साथ युद्ध हुआ।
श्रीराम ने बार-बार रावण के सिरों को धड़ से अलग किया, लेकिन एक सिर कटते ही दूसरा सिर प्रकट होता रहा। तब विभीषण ने श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। इसलिए उसकी नाभि पर प्रहार करें। तब श्रीराम ने इकत्तीस तीर छोड़े, जिनसे दस सिर, बीस भुजा कट गई और एक तीर रावण की नाभि पर लगा।
पुवायां के रामलीला मेले में रविवार को श्रीराम और रावण के बीच महासंग्राम लीला का मंचन किया गया। मंचन में दिखाया गया कि रावण की सेना पर वानर सेना टूट पड़ी। श्रीराम और रावण के बीच अनेक संवाद होने के साथ युद्ध हुआ।
श्रीराम ने बार-बार रावण के सिरों को धड़ से अलग किया, लेकिन एक सिर कटते ही दूसरा सिर प्रकट होता रहा। तब विभीषण ने श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। इसलिए उसकी नाभि पर प्रहार करें। तब श्रीराम ने इकत्तीस तीर छोड़े, जिनसे दस सिर, बीस भुजा कट गई और एक तीर रावण की नाभि पर लगा।
खुटार में बालि वध का मंचन
खुटार क्षेत्र के रामलीला मेले में रविवार को श्रीराम और सुग्रीव मित्रता तथा बालि वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज करते हुए रिष्यमूक पर्वत पर पहुंचते हैं। यहां सुग्रीव बालि के डर से छिप कर रह रहे हैं।
सुग्रीव के कहने पर भगवान हनुमान ब्राह्मण के वेश में भगवान राम से मिलकर उनका परिचय पूछते हैं और इसके बाद सुग्रीव से मिलवाते हैं। सुग्रीव बताते हैं कि उनके भाई ने गलतफहमी के चलते राजपाट और पत्नी को छीन लिया है। भगवान राम सुग्रीव को बालि से युद्ध करने भेजते हैं और छिपकर बाण मारकर बालि का वध कर देते हैं।
खुटार क्षेत्र के रामलीला मेले में रविवार को श्रीराम और सुग्रीव मित्रता तथा बालि वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज करते हुए रिष्यमूक पर्वत पर पहुंचते हैं। यहां सुग्रीव बालि के डर से छिप कर रह रहे हैं।
सुग्रीव के कहने पर भगवान हनुमान ब्राह्मण के वेश में भगवान राम से मिलकर उनका परिचय पूछते हैं और इसके बाद सुग्रीव से मिलवाते हैं। सुग्रीव बताते हैं कि उनके भाई ने गलतफहमी के चलते राजपाट और पत्नी को छीन लिया है। भगवान राम सुग्रीव को बालि से युद्ध करने भेजते हैं और छिपकर बाण मारकर बालि का वध कर देते हैं।