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ई-रिक्शाः सड़कों पर दौड़ रहे कई सैकड़ा, रजिस्ट्रेशन सिर्फ सौ का
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ई - रिक्शा
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नगर निगम सीमा क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने के लिए उनके संचालकों को अब नगर निगम में तय फीस जमाकर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए 500 रुपये वार्षिक फीस तय की गई है। पंजीकरण की प्रक्रिया को शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक हो गया है, लेकिन अब तक सिर्फ 100 ई-रिक्शा स्वामियों ने अपना रजिस्ट्रेशन नगर निगम में करवाया है। जबकि शहर में सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शे चलते है। वहीं ई-रिक्शों के लिए न तो कोई रूट निर्धारित है और न ही स्टैंड बनाए गए हैं।
अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में चलने वाले ई-रिक्शों को पंजीकरण नगर निगम कार्यालय में होना चाहिए। इस शासनादेश को अनुपालन अब शहर में चलने वाले सभी ई-रिक्शा मालिकों से करवाया जाएगा। शहर में ऐसे कई ई-रिक्शा हैं, जोकि बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं। जिन पर रोक लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
बताया कि अब तक 100 ई-रिक्शा स्वामियों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन को नगर निगम कार्यालय में शिविर लगाया है। जिस पर आकर ई-रिक्शा मालिक पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क के रूप में 500 रुपये वार्षिक जमा करना होगा। बताया कि एआरटीओ कार्यालय पंजीकृत ई-रिक्शा के स्वामियों को भी नगर निगम में संचालन शुल्क 500 रुपये वार्षिक जमा करना होगा।
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एनओसी का कोई आदेश नहीं और न ही तय किए रूट
अपर नगर आयुत एसके सिंह ने बताया कि नगर निगम से एनओसी लेकर ही एआरटीओ में ई-रिक्शा का पंजीकरण कराने का कोई आदेश नहीं है। ई-रिक्शा संचालन के लिए नगर निगम की ओर से कोई रूट भी तय नहीं किया है। आने वाले समय में एआरटीओ के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
नहीं कोई ई-रिक्शा स्टैंड, खड़े होने से लगता जाम
नगर निगम की ओर से शहर में संचालन के लिए ई-रिक्शा के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाए जाए। इससे ई-रिक्शा निर्धारित स्थान से ही सवारियों को लाने-ले-जाने का काम करें। ऐसा नहीं होने के कारण ही शहर में ई-रिक्शा संचालन से जाम की समस्या बनी रहती है।
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अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में चलने वाले ई-रिक्शों को पंजीकरण नगर निगम कार्यालय में होना चाहिए। इस शासनादेश को अनुपालन अब शहर में चलने वाले सभी ई-रिक्शा मालिकों से करवाया जाएगा। शहर में ऐसे कई ई-रिक्शा हैं, जोकि बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं। जिन पर रोक लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
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बताया कि अब तक 100 ई-रिक्शा स्वामियों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन को नगर निगम कार्यालय में शिविर लगाया है। जिस पर आकर ई-रिक्शा मालिक पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क के रूप में 500 रुपये वार्षिक जमा करना होगा। बताया कि एआरटीओ कार्यालय पंजीकृत ई-रिक्शा के स्वामियों को भी नगर निगम में संचालन शुल्क 500 रुपये वार्षिक जमा करना होगा।
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एनओसी का कोई आदेश नहीं और न ही तय किए रूट
अपर नगर आयुत एसके सिंह ने बताया कि नगर निगम से एनओसी लेकर ही एआरटीओ में ई-रिक्शा का पंजीकरण कराने का कोई आदेश नहीं है। ई-रिक्शा संचालन के लिए नगर निगम की ओर से कोई रूट भी तय नहीं किया है। आने वाले समय में एआरटीओ के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
नहीं कोई ई-रिक्शा स्टैंड, खड़े होने से लगता जाम
नगर निगम की ओर से शहर में संचालन के लिए ई-रिक्शा के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाए जाए। इससे ई-रिक्शा निर्धारित स्थान से ही सवारियों को लाने-ले-जाने का काम करें। ऐसा नहीं होने के कारण ही शहर में ई-रिक्शा संचालन से जाम की समस्या बनी रहती है।