फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   E-buses are stuck in chaos... timings and stoppages are uncertain

Shahjahanpur News: अव्यवस्था के जाम में फंसा ई-बसों का संचालन...समय और स्टॉपेज अनिश्चित

Sun, 12 Oct 2025 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
E-buses are stuck in chaos... timings and stoppages are uncertain
केरूगंज में ई-बस के सामने खड़ी कार। संवाद
शाहजहांपुर। नगरीय क्षेत्र में चल रहीं ई-बसों का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। बसों के आने-जाने का समय निश्चित न होने और स्टॉपेज स्पष्ट न होने के कारण यात्री ऑटो, ई-रिक्शा का सफर पसंद करते हैं। वातानुकूलित और आरामदायक होने के बावजूद ई-बसों में पर्याप्त यात्री उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अतिक्रमण और जाम के कारण समय भी ज्यादा लगता है।
विज्ञापन

नगर निगम क्षेत्र में शाहजहांपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एससीटीएसएल) की 23 बसें हैं। इनमें से 22 बसें चल रहीं हैं जबकि एक खराब है। पूरे प्रदेश में ई-बसों को केवल नगरीय क्षेत्र में चलाया जा रहा है लेकिन शाहजहांपुर में ग्रामीण क्षेत्र तक बसों को चलाया जा रहा है। पूर्व में डीएम के निर्देश पर छह बसों को नियमित तौर पर केवल रोडवेज बस स्टैंड से बरेली मोड़ तक चलाने की व्यवस्था शुरू की गई थी।
विज्ञापन

यह व्यवस्था भी सुचारु ढंग से नहीं चल पा रही है। इसमें सबसे बड़ी बाधा ई-बसों के आने-जाने का समय निर्धारित न होना और स्टॉपेज का निर्धारण न होना है। यात्रियों को अंदाजा ही नहीं होता कि बस का कितनी देर इंतजार करना है। हर तीन सौ-चार सौ मीटर की दूरी पर स्टॉपेज बनाने का दावा है लेकिन लोगों को पता नहीं चल पाता। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

--
भैंसों के निकलने से लग रहा जाम
शहर में भैंसों के असमय निकलने और उसकी वजह से जाम लगने के कारण ई-बसों के ड्राइवर और कंडक्टर भी परेशान हैं। एक कंडक्टर ने बताया कि गाय और भैंसें बस संचालन में सबसे बड़ी बाधा हैं। इसकी वजह से बसों को जगह-जगह रोकना पड़ जाता है। इसके अलावा रूट पर ई-रिक्शा की भरमार है जिसके कारण यात्री कम मिलते हैं और जाम भी लगता है। हाल ही में जब देहात क्षेत्र में संचालन रोक कर केवल नगरीय क्षेत्र में सभी बसों को चलाया गया था तो आमदनी ठप हो गई थी। पहले जहां सवा लाख रुपये तक प्रतिदिन प्राप्त हो रहे थे तो नगरीय क्षेत्र में चलाने पर दिन में केवल चार हजार से 45 सौ रुपये ही मिल पाए थे। यही वजह है कि दोबारा से ग्रामीण क्षेत्र में बसों का संचालन करना पड़ा है। वर्तमान में आठ बसें नगरीय क्षेत्र में और 14 ग्रामीण क्षेत्र में चल रहीं हैं।
---
प्रशासन नए रूटों पर कर रहा विचार
नगरीय क्षेत्र में ई-बसों का संचालन रोडवेज बस स्टैंड से केरूगंज होते हुए बरेली मोड़ और केरूगंज से हरदोई बाइपास से होते हुए रोजा तक हो रहा है। इसके अलावा निगोही, पुवायां और जलालाबाद रूट पर ई-बसें चलाई जा रहीं हैं। नगरीय क्षेत्र में छह रूट पर बसें चलाई जानीं थीं लेकिन सिर्फ दो रूट संचालित हो रहे हैं। बरेली मोड़ से ईदगाह मार्ग पर अतिक्रमण की भरमार है। डीएम के सख्त रुख के बाद यहां से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया लेकिन लोगों के विरोध के बाद ठंडा पड़ गया। प्रशासन अन्य नए रूट पर भी विचार कर रहा है। स्मार्ट रोड बनने के बाद मघई टोला से नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला रूट भी शामिल किया जाएगा।
--
स्टॉपेज और समयसीमा निर्धारित करने पर चल रहा मंथन
एससीटीएसएल के मैनेजर हुमायूं लारी ने बताया कि स्टॉपेज को ठीक से बनाने और हर 15 मिनट पर यात्रियों को बसें उपलब्ध कराने के लिए मंथन चल रहा है। नगर निगम के अधिकारियों से भी वार्ता की गई है। अतिक्रमण हटेगा और ई-रिक्शों के मनमाने संचालन पर रोक लगेगी तो समय पर लोगों को बस उपलब्ध हो जाएगी।

--
ई-बसों के समुचित संचालन के लिए निर्देशित किया जाएगा। ई-बसें समय से चलाईं जाएंगी। अतिक्रमण हटाने और जाम की समस्या के निराकरण के लिए भी निर्देश दिए जाएंगे। नए रूट के निर्धारण पर विचार चल रहा है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

केरूगंज में ई-बस के सामने खड़ी कार। संवाद

केरूगंज में ई-बस के सामने खड़ी कार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed