{"_id":"616334cc8ebc3eab0676032f","slug":"durga-mahotsav-shahjahanpur-news-bly4624867129","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से शुरू होगा दुर्गोत्सव, तैयारियां पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से शुरू होगा दुर्गोत्सव, तैयारियां पूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। नवरात्रों में दुर्गा महोत्सव मनाए जाने की परंपरा है। सोमवार से खिरनीबाग स्थित काली बाड़ी मंदिर और रामचरन लाल धर्मशाला में दुर्गोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। इसको लेकर रविवार को तैयारियां की गई। श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से रामचरन लाल धर्मशाला में 11 से 15 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के लिए दुर्गा मां के साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, सरस्वती की प्रतिमाएं रविवार को आ गईं।
इन्हें धर्मशाला स्थित पंडाल में स्थापित कर दिया है। समिति के मुख्य संरक्षक हरीशरण वाजपेयी ने बताया कि धर्मशाला में दुर्गा पूजा का 25वां वर्ष है। मां दुर्गा की स्थापना षष्ठी पूजन 11 अक्तूबर को शाम 5 बजे से शुरू होगी। पूजन के लिए नैमिषारण्य के आचार्य यहां आ चुके हैं।
माता का पूजन प्रतिदिन सुबह व शाम, आरती पूजन एवं प्रसाद वितरण के साथ होगा। 14 अक्तूबर को हवन पूजन, कन्या भोज व भंडारा का प्रसाद बांटा जाएगा। 15 को सुबह 9:30 बजे विजय दशमी पूजन 10 बजे सिंदूरोत्सव व दोपहर 12 बजे से शोभायात्रा निकाला जाएगी। कार्यक्रम में अनूप एकेडमी आर्ट के बैनर तले नृत्य शिरोमणि अवार्ड का आयोजन भी होगा।
विज्ञापन
काली बाड़ी मंदिर में श्रीश्री दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से सार्वजनिक दुर्गोत्सव का आयोजन होगा। कमेटी के अध्यक्ष हेमंत डे ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमाएं मंगा ली गई हैं। 11 से 15 अक्टूबर तक पूजा व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 15 को शोभायात्रा के निकालकर देवी मां की प्रतिमा का विसर्जन खन्नौत नदी में किया जाएगा।
खिरनीबाग में रामलीला व मेला का आयोजन किया जा रहा है। अब सोमवार से कालीबाड़ी मंदिर और रामचरन लाल धर्मशाला में दुर्गोत्सव मनाया जाएगा। रविवार को दिनभर दुर्गोत्सव की तैयारियां चली। देवी मां की प्रतिमाएं मंगा ली गई हैं।
विज्ञापन
इन्हें धर्मशाला स्थित पंडाल में स्थापित कर दिया है। समिति के मुख्य संरक्षक हरीशरण वाजपेयी ने बताया कि धर्मशाला में दुर्गा पूजा का 25वां वर्ष है। मां दुर्गा की स्थापना षष्ठी पूजन 11 अक्तूबर को शाम 5 बजे से शुरू होगी। पूजन के लिए नैमिषारण्य के आचार्य यहां आ चुके हैं।
विज्ञापन
माता का पूजन प्रतिदिन सुबह व शाम, आरती पूजन एवं प्रसाद वितरण के साथ होगा। 14 अक्तूबर को हवन पूजन, कन्या भोज व भंडारा का प्रसाद बांटा जाएगा। 15 को सुबह 9:30 बजे विजय दशमी पूजन 10 बजे सिंदूरोत्सव व दोपहर 12 बजे से शोभायात्रा निकाला जाएगी। कार्यक्रम में अनूप एकेडमी आर्ट के बैनर तले नृत्य शिरोमणि अवार्ड का आयोजन भी होगा।
विज्ञापन
काली बाड़ी मंदिर में श्रीश्री दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से सार्वजनिक दुर्गोत्सव का आयोजन होगा। कमेटी के अध्यक्ष हेमंत डे ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमाएं मंगा ली गई हैं। 11 से 15 अक्टूबर तक पूजा व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 15 को शोभायात्रा के निकालकर देवी मां की प्रतिमा का विसर्जन खन्नौत नदी में किया जाएगा।
खिरनीबाग में रामलीला व मेला का आयोजन किया जा रहा है। अब सोमवार से कालीबाड़ी मंदिर और रामचरन लाल धर्मशाला में दुर्गोत्सव मनाया जाएगा। रविवार को दिनभर दुर्गोत्सव की तैयारियां चली। देवी मां की प्रतिमाएं मंगा ली गई हैं।