गंगा में उफान बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण रास्ते हुए जलमग्न
सार
साथ ही जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग का चौरा गांव के पास करीब एक किमी हिस्सा दो से तीन फुट पानी में डूब गया है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि सोमवार को नरौरा बैराज से पानी की निकासी करीब नौ हजार क्यूसेक कम होने से मंगलवार दोपहर से गंगा के जलस्तर में कमी आ सकती है लेकिन खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से पानी की मात्रा करीब 12 हजार क्यूसेक बढ़ जाने से तीन दिन से सिमट रही रामगंगा में फिर उफान आ सकता है। बीते दिन की तुलना में गर्रा 45 सेमी बढ़कर 145.20 मीटर पर बह रही है, जबकि खन्नौत का जलस्तर पांच सेमी घटकर 142.55 मीटर हो गया है।
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