{"_id":"66905c90a56a68ef4708c554","slug":"due-to-the-negligence-of-the-administration-houses-were-built-in-the-riverbeds-now-peoples-lives-are-in-danger-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-122606-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: प्रशासन की अनदेखी से नदियों की तलहटी में बन गए मकान, अब खतरे में लोगों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: प्रशासन की अनदेखी से नदियों की तलहटी में बन गए मकान, अब खतरे में लोगों की जान
विज्ञापन
लोधीपुर में खन्नौत नदी के किनारे बने अवैध मकान। संवाद
शाहजहांपुर। नियम के हिसाब से नदी के तट से 200 मीटर दोनों तरफ मकान बनाना वर्जित है। इसके बावजूद बाढ़ क्षेत्र में लोगों ने मकानों का निर्माण करा लिया और प्रशासन देखता रह गया। पिछले वर्ष प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र में बने मकानों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन वह कागजों में सिमट कर रह गया। अब बाढ़ का पानी मकानों में घुसकर लोगों के लिए आफत बन गया है।
लोधीपुर मोहल्ले में खन्नौत नदी किनारे बाढ़ क्षेत्र में सैकड़ों मकानों का निर्माण हो गया है। लोगों को गुमराह कर खेती की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी गई। बगैर नक्शा पास कराए मकानों का निर्माण हो गया। जब मकान बन रहे थे तो प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मकान बनकर तैयार हो गए तो अधिकारियों ने बाढ़ क्षेत्र में अभियान चलाकर कुछ मकानों को चिह्नित किया। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यही हाल गर्रा नदी के पास हुआ। यहां भी नदी के मुहाने तक मकान बने हुए हैं। बाढ़ क्षेत्र में बने अधिकतर मकान अब डूब गए हैं। क्षेत्र की गलियों में पानी इतना भर गया है यहां पर नाव चलाकर लोगों को घरों से बाहर निकाला जा रहा है। बाढ़ इतनी भयावह है कि मकान ढहने का खतरा बना हुआ है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कई मकान दरक सकते हैं।
विज्ञापन
-
विनियमित क्षेत्र अधिकारियों की लापरवाही
विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बाढ़ क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दें। इसके बावजूद मकान तो बने ही, साथ में तमाम मैरिज लॉन, प्रतिष्ठान भी बन गए हैं। विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मकान बनवाते समय अगर लोगों को सचेत किया जाता या आसपास नोटिस बोर्ड लगाए जाते तो शायद इतनी संख्या में मकान न बनते।
-
बाढ़ क्षेत्र में जो भी मकान बने हैं, उनको चिह्नित किया गया है। बाढ़ के निपटने के बाद इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
विज्ञापन
लोधीपुर मोहल्ले में खन्नौत नदी किनारे बाढ़ क्षेत्र में सैकड़ों मकानों का निर्माण हो गया है। लोगों को गुमराह कर खेती की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी गई। बगैर नक्शा पास कराए मकानों का निर्माण हो गया। जब मकान बन रहे थे तो प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मकान बनकर तैयार हो गए तो अधिकारियों ने बाढ़ क्षेत्र में अभियान चलाकर कुछ मकानों को चिह्नित किया। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
यही हाल गर्रा नदी के पास हुआ। यहां भी नदी के मुहाने तक मकान बने हुए हैं। बाढ़ क्षेत्र में बने अधिकतर मकान अब डूब गए हैं। क्षेत्र की गलियों में पानी इतना भर गया है यहां पर नाव चलाकर लोगों को घरों से बाहर निकाला जा रहा है। बाढ़ इतनी भयावह है कि मकान ढहने का खतरा बना हुआ है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कई मकान दरक सकते हैं।
विज्ञापन
-
विनियमित क्षेत्र अधिकारियों की लापरवाही
विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बाढ़ क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दें। इसके बावजूद मकान तो बने ही, साथ में तमाम मैरिज लॉन, प्रतिष्ठान भी बन गए हैं। विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मकान बनवाते समय अगर लोगों को सचेत किया जाता या आसपास नोटिस बोर्ड लगाए जाते तो शायद इतनी संख्या में मकान न बनते।
-
बाढ़ क्षेत्र में जो भी मकान बने हैं, उनको चिह्नित किया गया है। बाढ़ के निपटने के बाद इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट