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वायरस की जांच के लिए डीएसएल-3 लैब तैयार...उद्घाटन का इंतजार
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शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बनी डीएसएल-थ्री लैब । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अब अपने जिले में ही वैक्सीन, वायरस की रिसर्च और महामारी की जांच आसानी से हो सकेगी। किसी भी महामारी के संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लेकर दिल्ली और लखनऊ तक की दौड़ नहीं लगाना पड़ेगी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयास से जिले के कांट रोड पर जिगनेरा के पास स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में डीएसएल-थ्री लैब का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।
जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बहुत सी सुविधाओं में इजाफा हुआ है। कोविड-19 के संक्रमण काल के दौरान डीएसएल-टू लैब बनाए जाने के बाद अब दायरा ज्यादा सशक्त करने के लिए डीएसएल-थ्री लैब का निर्माण कराया गया। उत्तर प्रदेश के केजीएमसी लखनऊ, बीआरडी गोरखपुर, मेडिकल कॉलेज कन्नौज की तरह जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में लैब बनाने का काम पूरा कर लिया गया।
लैब का बस उद्घाटन होना शेष है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार की मानें तो प्रयोगशाला में कोई भी वैक्सीन को तैयार कर सकेंगे। कोई भी वैक्सीन बनाने के लिए वायरस जनरेट कर सकते हैं। कोरोना, ट्यूबर कोरोसिक, मंकी पॉक्स समेत तमाम महामारी की जांच भी लैब में संभव हो सकेंगी।
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लैब की खास बातें
प्रयोगशाला में बायो सेफ्टी उच्च क्वालिटी का होगा। कोविड की जांच के दौरान संक्रमण से सेफ्टी रहेगी। लैब का तापमान गर्मी और सर्दी में एक समान रहेगा। सैंपल एक चैंबर से दूसरे चैंबर में ट्रांसफर करने की व्यवस्था रहेगी। बाहर की हवा अंदर नहीं जा सकेगी।
24 घंटे रहेगी बिजली की व्यवस्था
2.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लैब में बिजली की व्यवस्था 24 घंटे रहेगी। उसके लिए तीन केबल की अलग से लाइन डाली गई। जनरेटर की व्यवस्था भी की गई।
-डीएसएल-थ्री लैब को बनाने का काम पूरा कर लिया गया। वायरस और बैक्टीरिया छूने से जो संक्रमण होता है, उसकी जांच हो सकेगी। अभी तक महामारी के सैंपल जांच के लिए लखनऊ और दिल्ली भेजते थे। इससे अब निजात मिल सकेगी। लैब तैयार हो चुकी है, जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। - राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बहुत सी सुविधाओं में इजाफा हुआ है। कोविड-19 के संक्रमण काल के दौरान डीएसएल-टू लैब बनाए जाने के बाद अब दायरा ज्यादा सशक्त करने के लिए डीएसएल-थ्री लैब का निर्माण कराया गया। उत्तर प्रदेश के केजीएमसी लखनऊ, बीआरडी गोरखपुर, मेडिकल कॉलेज कन्नौज की तरह जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में लैब बनाने का काम पूरा कर लिया गया।
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लैब का बस उद्घाटन होना शेष है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार की मानें तो प्रयोगशाला में कोई भी वैक्सीन को तैयार कर सकेंगे। कोई भी वैक्सीन बनाने के लिए वायरस जनरेट कर सकते हैं। कोरोना, ट्यूबर कोरोसिक, मंकी पॉक्स समेत तमाम महामारी की जांच भी लैब में संभव हो सकेंगी।
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लैब की खास बातें
प्रयोगशाला में बायो सेफ्टी उच्च क्वालिटी का होगा। कोविड की जांच के दौरान संक्रमण से सेफ्टी रहेगी। लैब का तापमान गर्मी और सर्दी में एक समान रहेगा। सैंपल एक चैंबर से दूसरे चैंबर में ट्रांसफर करने की व्यवस्था रहेगी। बाहर की हवा अंदर नहीं जा सकेगी।
24 घंटे रहेगी बिजली की व्यवस्था
2.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लैब में बिजली की व्यवस्था 24 घंटे रहेगी। उसके लिए तीन केबल की अलग से लाइन डाली गई। जनरेटर की व्यवस्था भी की गई।
-डीएसएल-थ्री लैब को बनाने का काम पूरा कर लिया गया। वायरस और बैक्टीरिया छूने से जो संक्रमण होता है, उसकी जांच हो सकेगी। अभी तक महामारी के सैंपल जांच के लिए लखनऊ और दिल्ली भेजते थे। इससे अब निजात मिल सकेगी। लैब तैयार हो चुकी है, जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। - राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।