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‘महारथी’ का मंचन देखकर दर्शक हुए भावुक
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शाहजहांपुर के गांधी भवन में महारथी नाटक मंचन का एक दृश्य । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। गांधी भवन प्रेक्षाग्रह में रविवार रात महाभारत के पात्र कर्ण के जीवन पर आधारित ‘महारथी’ नाटक का मंचन किया गया। रंगकर्मियों के सशक्त अभिनय ने कई बार भावपूूर्ण दृश्यों में दर्शकों की आंखों को नम कर दिया।
अनुभूति सेवा समिति की ओर से नाटक ‘महारथी’ का शानदार मंचन किया गया। महाभारत काल के एक पात्र कर्ण के जीवन को प्रेक्षाग्रह के मंच पर जीवित किया। कर्ण और कृष्ण के संवाद को सुनकर जहां दर्शकों ने तालियां बजाकर अभिनंदन किया तो वहीं कुंती और कर्ण के बीच बातचीत के दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया। विभांशु वैभव द्वारा लिखित नाटक ‘महारथी’ का निर्देशन मनोज मंजुल ने किया। नाट्य मंचन से पूर्ण मुख्य अतिथि सर्वेश चंद्र मिश्रा (धांधू) ने नारियल तोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नाटक में मुख्य भूमिका का निर्वाह कर रहे रमन वाजपेयी ने कर्ण के रूप में सबसे ज्यादा वाहवाही लूटी। कृष्ण बने शिवम गंगवार और दुर्योधन की भूमिका में करन कुमार ने दर्शकों को अभिनय से मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला पात्रों में कुंती बनी रीना राठौर, वृशाली बनी अतिथि दीक्षित और द्रोपदी की भूमिका में शालू ने दर्शकों को प्रभावित किया।
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अन्य पात्रों में अर्जुन (अर्पित शुक्ला), द्रोणाचार्य (मोहित कन्नौजिया), धृतराष्ट्र (अंकुल सिंह), विदुर (कपिल), भीष्म (विशाल), पंचाल नरेश (कुमार कार्तिकेय), सुदामन (रूद्रयश), कृपाचार्य (कमलेश), राजा (शिवा राणा), सखी की भुमिका में नैना और कशिश ने अभिनय की छाप छोड़ी। प्रकाश व्यवस्था-सोनू सक्सेेना, संगीत-पारस दीक्षित, रूपसज्जा-सुनील गुप्ता की थी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेश मिश्र ने किया।
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अनुभूति सेवा समिति की ओर से नाटक ‘महारथी’ का शानदार मंचन किया गया। महाभारत काल के एक पात्र कर्ण के जीवन को प्रेक्षाग्रह के मंच पर जीवित किया। कर्ण और कृष्ण के संवाद को सुनकर जहां दर्शकों ने तालियां बजाकर अभिनंदन किया तो वहीं कुंती और कर्ण के बीच बातचीत के दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया। विभांशु वैभव द्वारा लिखित नाटक ‘महारथी’ का निर्देशन मनोज मंजुल ने किया। नाट्य मंचन से पूर्ण मुख्य अतिथि सर्वेश चंद्र मिश्रा (धांधू) ने नारियल तोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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नाटक में मुख्य भूमिका का निर्वाह कर रहे रमन वाजपेयी ने कर्ण के रूप में सबसे ज्यादा वाहवाही लूटी। कृष्ण बने शिवम गंगवार और दुर्योधन की भूमिका में करन कुमार ने दर्शकों को अभिनय से मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला पात्रों में कुंती बनी रीना राठौर, वृशाली बनी अतिथि दीक्षित और द्रोपदी की भूमिका में शालू ने दर्शकों को प्रभावित किया।
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अन्य पात्रों में अर्जुन (अर्पित शुक्ला), द्रोणाचार्य (मोहित कन्नौजिया), धृतराष्ट्र (अंकुल सिंह), विदुर (कपिल), भीष्म (विशाल), पंचाल नरेश (कुमार कार्तिकेय), सुदामन (रूद्रयश), कृपाचार्य (कमलेश), राजा (शिवा राणा), सखी की भुमिका में नैना और कशिश ने अभिनय की छाप छोड़ी। प्रकाश व्यवस्था-सोनू सक्सेेना, संगीत-पारस दीक्षित, रूपसज्जा-सुनील गुप्ता की थी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेश मिश्र ने किया।