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ददरौल, तिलहर और जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में संशय बरकरार
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शाहजहांपुर/जलालाबाद। भाजपा ने शनिवार को कटरा, नगर और पुवायां (सुरक्षित) सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। अभी तिलहर, ददरौल और जलालाबाद में टिकट को लेकर संशय बना हुआ है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी की ओर से टिकट की घोषणा के बाद भाजपा इन सीटों पर अपने पत्ते खोलेगी। शेष सीटों पर 20 जनवरी तक टिकट की घोषणा की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि टिकट न मिलने से मायूस दावेदारों को पार्टी ने सरकार बनने पर समायोजित करने का आश्वासन दिया है।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नगर, कटरा, ददरौल, पुवायां और तिलहर सीट पर जीत हासिल की थी। केवल जलालाबाद सीट पर सपा के शरदवीर सिंह ने जीत दर्ज कराई थी। टिकट की घोषणा से पहले तिलहर से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा ने सपा का दामन थाम लिया। उनका सपा के टिकट से तिलहर से लड़ना तय माना जा रहा है। रोशनलाल के दल बदलने के बाद अब भाजपा की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी तिलहर से मजबूत दावेदार उतारना चाहती है। दावेदार की दमदारी परखने के लिए भाजपा का इस सीट पर टिकट की घोषणा में देरी हो रही है। वहीं ददरौल सीट पर सिटिंग विधायक मानवेंद्र सिंह के टिकट पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इस सीट पर कई अन्य दावेदारों ने भी आवेदन कर रखे हैं। सपा से टिकट मांग रहे एक दावेदार के भाजपा में शामिल होने की चर्चा भी चल रही है।
वहीं भाजपा द्वारा जलालाबाद सीट से प्रत्याशी घोषित न किए जाने से टिकट को लेकर पहले से ही बनी असमंजस की स्थिति और गहरा गई है। हालांकि सपा के भी प्रत्याशी चयन पर संदेह के बादल मंडरा रहे है, परंतु शनिवार को जारी भाजपा की सूची में यहां का प्रत्याशी फाइनल हो जाने से काफी हद तक चुनावी तस्वीर साफ हो जाने की उम्मीद जताई जा रही थी। भाजपा सदस्य पूर्व विधायक नीरज कुशवाहा ने सपा का दामन थाम लिया था। माना जा रहा है कि उनका सपा से टिकट हो सकता है। ऐसे में वर्तमान विधायक शरदवीर सिंह के खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। समर्थक भी मायूस नजर आ रहे हैं। टिकट न मिलने पर विधायक शरदवीर सिंह किसी अन्य पार्टी से किस्मत आजमाएंगे या बिना चुनाव लड़े विरोधियों का गणित बिगाड़ेंगे, इसको लेकर अटकल लगाई जा रही है। हालांकि सही तस्वीर सपा के आधिकारिक घोषणा के बाद साफ होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा के भी जलालाबाद सीट से लड़ने की चर्चाएं चलती रहीं।
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चेतराम को टिकट, कई को हाथ लगी मायूसी
पुवायां। वर्तमान विधायक चेतराम को भाजपा ने फिर से प्रत्याशी बनाया है, इससे अन्य दावेदारों को मायूसी हाथ लगी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज के पुत्र उत्कर्ष राज कुछ दिनों से पुवायां विधानसभा क्षेत्र में काफी सक्रिय थे और गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहे थे। कृष्णाराज भी पिछले महीने कई बार पुवायां क्षेत्र में समर्थकों से मिली। इससे कयास लगने लगे थे कि पार्टी उत्कर्ष राज को चुनाव मैदान में उतार सकती है। कृष्णाराज के समर्थक भी काफी उत्साहित थे। इसके अलावा एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार की पत्नी पूर्व विधायक शकुंतला देवी भी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर भाजपा की नीतियों का प्रचार कर रही थीं।
उनको भी पुवायां से टिकट मिलने की उम्मीद थी। ददरौल की पूर्व ब्लाक प्रमुख क्षमा वर्मा भी क्षेत्र में काफी सक्रिय थीं और पार्टी से टिकट के लिए आवेदन कर रखा था। वह भी लोगों से वोट की अपील कर रही थीं, लेकिन शनिवार को पार्टी ने सारे कयासों पर विराम लगाते हुए चेतराम पासी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे दूसरे दावेदार मायूस हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार टिकट की मांग कर रहे सभी नेताओं को आगे समायोजित करने की बात कहते हुए चेतराम को पूरे मनोयोग से चुनाव लड़ाने के निर्देश दिए हैं।
तीन जिला पंचायत सदस्यों सहित मुन्ना सिंह ने छोड़ी भाजपा
जैतीपुर। कटरा विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा नेता मुन्ना सिंह नवादा ने टिकट न मिलने पर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। मुन्ना सिंह के साथ उनके बेटे जिला पंचायत सदस्य आदित्य प्रताप सिंह, भतीजे अभिषेक प्रताप सिंह और अरुण प्रताप सिंह ने भाजपा की सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा नेता मुन्ना सिंह ने टिकट न मिलने पर अपने दो भतीजों और बेटे को निर्दलीय चुनाव लड़वाया था। इस पर पार्टी ने उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। तीनों के जीत जाने पर भाजपा ने मुन्ना सिंह को पार्टी में वापस ले लिया था।
मुन्ना सिंह कटरा विधानसभा में कई बार रैलियां कर चुके थे। शनिवार को वीर विक्रम सिंह के टिकट की घोषणा होने पर उन्होंने नाराजगी में प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया। मुन्ना सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने समस्त परिवार सहित भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। अब वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
आलाकमान ने जिसे टिकट दिया है, पार्टी के सभी कार्यकर्ता-पदाधिकारी पूरे मनोयोग से उन्हें लड़ाकर जिताएंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर से बनानी है। पार्टी में किसी प्रकार का असंतोष नहीं है। - हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नगर, कटरा, ददरौल, पुवायां और तिलहर सीट पर जीत हासिल की थी। केवल जलालाबाद सीट पर सपा के शरदवीर सिंह ने जीत दर्ज कराई थी। टिकट की घोषणा से पहले तिलहर से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा ने सपा का दामन थाम लिया। उनका सपा के टिकट से तिलहर से लड़ना तय माना जा रहा है। रोशनलाल के दल बदलने के बाद अब भाजपा की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी तिलहर से मजबूत दावेदार उतारना चाहती है। दावेदार की दमदारी परखने के लिए भाजपा का इस सीट पर टिकट की घोषणा में देरी हो रही है। वहीं ददरौल सीट पर सिटिंग विधायक मानवेंद्र सिंह के टिकट पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इस सीट पर कई अन्य दावेदारों ने भी आवेदन कर रखे हैं। सपा से टिकट मांग रहे एक दावेदार के भाजपा में शामिल होने की चर्चा भी चल रही है।
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वहीं भाजपा द्वारा जलालाबाद सीट से प्रत्याशी घोषित न किए जाने से टिकट को लेकर पहले से ही बनी असमंजस की स्थिति और गहरा गई है। हालांकि सपा के भी प्रत्याशी चयन पर संदेह के बादल मंडरा रहे है, परंतु शनिवार को जारी भाजपा की सूची में यहां का प्रत्याशी फाइनल हो जाने से काफी हद तक चुनावी तस्वीर साफ हो जाने की उम्मीद जताई जा रही थी। भाजपा सदस्य पूर्व विधायक नीरज कुशवाहा ने सपा का दामन थाम लिया था। माना जा रहा है कि उनका सपा से टिकट हो सकता है। ऐसे में वर्तमान विधायक शरदवीर सिंह के खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। समर्थक भी मायूस नजर आ रहे हैं। टिकट न मिलने पर विधायक शरदवीर सिंह किसी अन्य पार्टी से किस्मत आजमाएंगे या बिना चुनाव लड़े विरोधियों का गणित बिगाड़ेंगे, इसको लेकर अटकल लगाई जा रही है। हालांकि सही तस्वीर सपा के आधिकारिक घोषणा के बाद साफ होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा के भी जलालाबाद सीट से लड़ने की चर्चाएं चलती रहीं।
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चेतराम को टिकट, कई को हाथ लगी मायूसी
पुवायां। वर्तमान विधायक चेतराम को भाजपा ने फिर से प्रत्याशी बनाया है, इससे अन्य दावेदारों को मायूसी हाथ लगी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज के पुत्र उत्कर्ष राज कुछ दिनों से पुवायां विधानसभा क्षेत्र में काफी सक्रिय थे और गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहे थे। कृष्णाराज भी पिछले महीने कई बार पुवायां क्षेत्र में समर्थकों से मिली। इससे कयास लगने लगे थे कि पार्टी उत्कर्ष राज को चुनाव मैदान में उतार सकती है। कृष्णाराज के समर्थक भी काफी उत्साहित थे। इसके अलावा एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार की पत्नी पूर्व विधायक शकुंतला देवी भी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर भाजपा की नीतियों का प्रचार कर रही थीं।
उनको भी पुवायां से टिकट मिलने की उम्मीद थी। ददरौल की पूर्व ब्लाक प्रमुख क्षमा वर्मा भी क्षेत्र में काफी सक्रिय थीं और पार्टी से टिकट के लिए आवेदन कर रखा था। वह भी लोगों से वोट की अपील कर रही थीं, लेकिन शनिवार को पार्टी ने सारे कयासों पर विराम लगाते हुए चेतराम पासी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे दूसरे दावेदार मायूस हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार टिकट की मांग कर रहे सभी नेताओं को आगे समायोजित करने की बात कहते हुए चेतराम को पूरे मनोयोग से चुनाव लड़ाने के निर्देश दिए हैं।
तीन जिला पंचायत सदस्यों सहित मुन्ना सिंह ने छोड़ी भाजपा
जैतीपुर। कटरा विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा नेता मुन्ना सिंह नवादा ने टिकट न मिलने पर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। मुन्ना सिंह के साथ उनके बेटे जिला पंचायत सदस्य आदित्य प्रताप सिंह, भतीजे अभिषेक प्रताप सिंह और अरुण प्रताप सिंह ने भाजपा की सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा नेता मुन्ना सिंह ने टिकट न मिलने पर अपने दो भतीजों और बेटे को निर्दलीय चुनाव लड़वाया था। इस पर पार्टी ने उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया था। तीनों के जीत जाने पर भाजपा ने मुन्ना सिंह को पार्टी में वापस ले लिया था।
मुन्ना सिंह कटरा विधानसभा में कई बार रैलियां कर चुके थे। शनिवार को वीर विक्रम सिंह के टिकट की घोषणा होने पर उन्होंने नाराजगी में प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया। मुन्ना सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने समस्त परिवार सहित भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। अब वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
आलाकमान ने जिसे टिकट दिया है, पार्टी के सभी कार्यकर्ता-पदाधिकारी पूरे मनोयोग से उन्हें लड़ाकर जिताएंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर से बनानी है। पार्टी में किसी प्रकार का असंतोष नहीं है। - हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा