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कॉलोनाइजर के झांसे में न आएं, नदियों के किनारे मकान मत बनाएं

Thu, 02 Jun 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2022 12:42 AM IST
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Do not fall in the trap of colonizer, do not build houses on the banks of rivers
शाहजहांपुर के लोधीपुर क्षेत्र में खन्नौत नदी के किनारे शाहजहांपुर के लोधीपुर क्षेत्र में खन्नौ? - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदियों के बीच बसे शहर की आबादी तेजी से बढ़ने के कारण पुराने रिहाइशी क्षेत्र संकुचित हुए तो लोगों ने फ्लड जोन (बाढ़ग्रस्त क्षेत्र) घोषित किए जा चुके क्षेत्र मेें पक्के मकान और व्यावसायिक भवन बनाने शुरू कर दिए। नदी उफनाने पर बस्तियां जलमग्न हो जाती हैं। इसके बावजूद लोग सस्ते भूखंडों के लालच में मकान-दुकान बनवा रहे हैं।
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लोधीपुर में पट रहा तालाब, खन्नौत पुल तक प्लॉटिंग
मोहल्ला लोधीपुर खन्नौत से काफी फासले और ऊंचाई पर बसा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों इसका विस्तार नदी के सड़क और रेलवे पुल तक हो रहा है। देखा-देखी तमाम लोग यहां पर मकान बना रहे हैं या बनवा चुके हैं। क्षेत्र के व्यापारी नेता अनीस खां ने अवैध कब्जों के खिलाफ कई साल तक आवाज भी उठाई, लेकिन सिसटम की बेहाली के कारण उनकी एक नहीं सुनी गई।
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खन्नौत के किनारे बन गईं कॉलोनियां
करीब ढाई दशक पहले इंदिरानगर कॉलोनी फ्लड जोन के मानकों को अनदेखा करके खन्नौ नदी के बिल्कुल किनारे तटबंध के पास विकसित हो गई। इसी कॉलोनी में कई माननीयों के आवास बने हैं। इसलिए कॉलोनी की वैधता को लेकर सरकारी सिस्टम भी कोई सवाल खड़े नहीं करता। एक दशक पहले खन्नौत में आई बाढ़ के दौरान कालोनी के तमाम मकान कई दिन तक पानी से घिरे रहे। अब इसी कॉलोनी के आसपास के तटीय इलाकों मेें भी धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं।
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जियाखेल इलाके में विकसित हुआ बाला तिराही
गर्रा फाटक के नजदीक जियाखेल इलाके मेें घनी आबादी वाला बाला तिराही मोहल्ला नदी की तलहटी में होने के कारण गत एक दशक से बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। अब चूंकि, आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसलिए मोहल्ला धीरे-धीरे नदी तट की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि नए मकानों के लिए वहां कोई जगह नहीं बची है। इसी तरह बिसरात रोड पर बंका घाट से हनुमतधाम तक खन्नौत के तटीय क्षेत्र की जमीनें मकानों से घिर चुकी हैं। कई जगहें मिट्टी से पाटकर वहां भू माफिया कब्जा कर वहां मकानों के साथ व्यवसायिक भवन बना चुके हैं।
प्लॉट खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
- जहां तक संभव हो मकान बनाने को ऐसी जगह का चयन करें जो नदी तट से पर्याप्त दूरी और ऊंचाई पर हो।
- जमीन का विक्रय पत्र (बैनामा) पंजीकृत कराने से पहले राजस्व विभाग (तहसील कार्यालय) से संपर्क करके जमीन की श्रेणी अवश्य पता करें कि वह कृषि कार्य के लिए है अथवा आवासीय उपयोग के लिए अनुमन्य है।

- कॉलोनाइजर से प्लाटिंग का स्वीकृत कराया गया नक्शा अवश्य मांगें। यदि कॉलोनाइजर नक्शा न दिखाए तो उससे प्लॉट न खरीदें।
कॉलोनाइजर अपने लाभ के लिए नियम विरुद्ध तरीके से नदियों के किनारे प्लाटिंग करा रहे हैं। विनियमित क्षेत्र कार्यालय शहर के सभी क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर नजर रखने को लगातार सर्वे करा रहा है। गत चार माह के दौरान कई लोगों को आरबीओ एक्ट 1958 की धारा-10 के तहत नोटिस देकर प्लॉटिंग और उनके निर्माण कार्य रोके जा चुके हैं। -देवेंद्र प्रताप सिंह, नियत प्राधिकारी (विनियमित क्षेत्र)/सिटी मजिस्ट्रेट
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