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बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर डीएम-एसपी को मिलीं अनियमितताएं
शाहजहांपुर, ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:35 PM IST
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बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर डीएम-एसपी को मिलीं अनियमितताएं
- फोटो : अमर उजाला
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कलान और मिर्जापुर के केंद्रों पर दोनों अधिकारियों के पहुंचने से मचा हड़कंप
कहीं फर्नीचर नहीं तो कहीं मेजें नहीं, उत्तर पुस्तिकाएं भी मिलीं अधिक
प्राइवेट शिक्षक ड्यूटी करते मिले, गंदगी का साम्राज्य में मिला
जेडी ने भी केंद्रों पर मारा छापा, संकलन केंद्र में देखा कापियों का रख-रखाव
सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने भी जिले में दौड़ाईं गाड़ियां
नकल कराते पकड़ा एक अभिभावक पुलिस को सौंपा गया
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दृढ़ संकल्पित डीएम और एसपी ने सोमवार को कलान-मिर्जापुर के केंद्रों पर छापामारी की। इस दौरान दोनों अधिकारियों को केंद्रों पर अनियमितताएं मिलीं, जिस पर केंद्र व्यवस्थापकों को फटकार लगाते हुए डीआईओएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) ने भी इन्हीं क्षेत्रों के केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में बनाए गए संकलन केंद्र का भी जेडी ने निरीक्षण कर उत्तरपुस्तिकाओं के बंडलों का रख-रखाव देखा। इसके अलावा पूरे जिले में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों ने केंद्रों का निरीक्षण किया, जिससे सभी केंद्रों पर हड़कंप मचा रहा।
डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह ने कलान के मकरंद सिंह कन्या इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। पता करने पर केंद्र व्यवस्थापिका दीप्ति यादव ने फर्नीचर बनने की बात की, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानाचार्यों ने लिखित रूप से फर्नीचर उपलब्ध होने की बात की थी। उन्होंने डीआईओएस से ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा यहां सीटिंग प्लान में भी गड़बड़ी पाई गई। एक कक्ष निरीक्षक के रूप में प्राइवेट स्कूल की एक शिक्षिका डियूटी करते डीएम को मिली, जिस पर डीएम ने खंड शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने प्राइवेट शिक्षिका को किस आधार पर डियूटी के लिए भेजा और उसका परिचय पत्र बनाया। इतना ही नहीं इस केंद्र के गेट पर उपले सुखाए जा रहे थे, जिस पर डीएम ने नाराजगी जतातेे हुए तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए।
इसी तरह मकरंद सिंह इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां बाउंड्री बाल नहीं थी, दोनों विद्यालयों के बीच की दीवार की खिड़कियां खुली थीं। यहां डीएम ने उत्तरपुस्तिकाओं और प्रश्नपत्रों का रख-रखाव भी देखा। डीएम-एसपी ने दोदराम सिंह इंटर कॉलेज में भी अनियमितताएं पकड़ीं। इस केंद्र पर कक्षा संख्या सात, आठ और नौ के ऊपर टेंट लगाया गया था, किराए की कुर्सियों पर परीक्षार्थी बैठे थे, जबकि उनके पास मेजें नहीं थीं। बिना छत के इन कमरों में अंधेरा था, गेट समेत किसी भी स्थान पर स्कूल का नाम अंकित नहीं था, विद्यालय के पीछे की ओर एक दरवाजा लगा था, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं थे, पीछे की ओर बाउंड्री भी नहीं बनी थी। उत्तर पुस्तिकाओं की गिनती करने पर पता चला कि यहां हाईस्कूल की चार और इंटरमीडिएट की तीन कापियां अधिक हैं। डीएम ने कहा कि ऐसे विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने के पात्र नहीं हैं, तो उन्हें केंद्र क्यों बनाया गया। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
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निरीक्षण के दौरान एसपी केबी सिंह ने सभी थानाध्यक्षों और सीओ को निर्देश दिए कि वह परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहें। इधर, एडीएम वित्त एवं राजस्व/सुपर जोनल मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार ने जलालाबाद और कलान के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया, इस दौरान उन्हें भी केंद्रों पर बड़ी अनियमितताएं मिलीं। राम सहाय मेमोरियल इंटर कॉलेज नरसुइया में मिर्जापुर निवासी विनय अपनी भांजी को नकल कराने के लिए परीक्षा कक्ष में घुस आया था, एडीएम ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
तिलहर केंद्र पर पकड़ा फर्जी परीक्षार्थी
तिलहर के एलबीजेपी इंटर कॉलेज केंद्र पर एक व्यक्ति किसी मित्र अथवा रिश्तेदार के एवज में परीक्षा देने आया था, जिसेे प्रधानाचार्य ने फोटो का मिलान करते समय पकड़ लिया। पूछतांछ के दौरान वह शौचालय जाने के बहाने भागने में सफल रहा। डीएम कर्ण सिंह चौहान ने कहा कि सभी परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक प्रवेश पत्र और परिचय पत्र के साथ आधार कार्ड, पैनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र भी साथ रखें, साथ ही परिचय पत्र लेमिनेशन कराकर उसे गले में डालकर आएं। साथ ही अधिक जेबों वाले वस्त्र पहनकर केंद्रों पर न पहुंचें।
कहीं फर्नीचर नहीं तो कहीं मेजें नहीं, उत्तर पुस्तिकाएं भी मिलीं अधिक
प्राइवेट शिक्षक ड्यूटी करते मिले, गंदगी का साम्राज्य में मिला
जेडी ने भी केंद्रों पर मारा छापा, संकलन केंद्र में देखा कापियों का रख-रखाव
सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने भी जिले में दौड़ाईं गाड़ियां
नकल कराते पकड़ा एक अभिभावक पुलिस को सौंपा गया
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दृढ़ संकल्पित डीएम और एसपी ने सोमवार को कलान-मिर्जापुर के केंद्रों पर छापामारी की। इस दौरान दोनों अधिकारियों को केंद्रों पर अनियमितताएं मिलीं, जिस पर केंद्र व्यवस्थापकों को फटकार लगाते हुए डीआईओएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इधर, संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) ने भी इन्हीं क्षेत्रों के केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में बनाए गए संकलन केंद्र का भी जेडी ने निरीक्षण कर उत्तरपुस्तिकाओं के बंडलों का रख-रखाव देखा। इसके अलावा पूरे जिले में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों ने केंद्रों का निरीक्षण किया, जिससे सभी केंद्रों पर हड़कंप मचा रहा।
डीएम कर्ण सिंह चौहान और एसपी केबी सिंह ने कलान के मकरंद सिंह कन्या इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। पता करने पर केंद्र व्यवस्थापिका दीप्ति यादव ने फर्नीचर बनने की बात की, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानाचार्यों ने लिखित रूप से फर्नीचर उपलब्ध होने की बात की थी। उन्होंने डीआईओएस से ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा यहां सीटिंग प्लान में भी गड़बड़ी पाई गई। एक कक्ष निरीक्षक के रूप में प्राइवेट स्कूल की एक शिक्षिका डियूटी करते डीएम को मिली, जिस पर डीएम ने खंड शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने प्राइवेट शिक्षिका को किस आधार पर डियूटी के लिए भेजा और उसका परिचय पत्र बनाया। इतना ही नहीं इस केंद्र के गेट पर उपले सुखाए जा रहे थे, जिस पर डीएम ने नाराजगी जतातेे हुए तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए।
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इसी तरह मकरंद सिंह इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां बाउंड्री बाल नहीं थी, दोनों विद्यालयों के बीच की दीवार की खिड़कियां खुली थीं। यहां डीएम ने उत्तरपुस्तिकाओं और प्रश्नपत्रों का रख-रखाव भी देखा। डीएम-एसपी ने दोदराम सिंह इंटर कॉलेज में भी अनियमितताएं पकड़ीं। इस केंद्र पर कक्षा संख्या सात, आठ और नौ के ऊपर टेंट लगाया गया था, किराए की कुर्सियों पर परीक्षार्थी बैठे थे, जबकि उनके पास मेजें नहीं थीं। बिना छत के इन कमरों में अंधेरा था, गेट समेत किसी भी स्थान पर स्कूल का नाम अंकित नहीं था, विद्यालय के पीछे की ओर एक दरवाजा लगा था, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं थे, पीछे की ओर बाउंड्री भी नहीं बनी थी। उत्तर पुस्तिकाओं की गिनती करने पर पता चला कि यहां हाईस्कूल की चार और इंटरमीडिएट की तीन कापियां अधिक हैं। डीएम ने कहा कि ऐसे विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने के पात्र नहीं हैं, तो उन्हें केंद्र क्यों बनाया गया। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
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निरीक्षण के दौरान एसपी केबी सिंह ने सभी थानाध्यक्षों और सीओ को निर्देश दिए कि वह परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहें। इधर, एडीएम वित्त एवं राजस्व/सुपर जोनल मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार ने जलालाबाद और कलान के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया, इस दौरान उन्हें भी केंद्रों पर बड़ी अनियमितताएं मिलीं। राम सहाय मेमोरियल इंटर कॉलेज नरसुइया में मिर्जापुर निवासी विनय अपनी भांजी को नकल कराने के लिए परीक्षा कक्ष में घुस आया था, एडीएम ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
तिलहर केंद्र पर पकड़ा फर्जी परीक्षार्थी
तिलहर के एलबीजेपी इंटर कॉलेज केंद्र पर एक व्यक्ति किसी मित्र अथवा रिश्तेदार के एवज में परीक्षा देने आया था, जिसेे प्रधानाचार्य ने फोटो का मिलान करते समय पकड़ लिया। पूछतांछ के दौरान वह शौचालय जाने के बहाने भागने में सफल रहा। डीएम कर्ण सिंह चौहान ने कहा कि सभी परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक प्रवेश पत्र और परिचय पत्र के साथ आधार कार्ड, पैनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र भी साथ रखें, साथ ही परिचय पत्र लेमिनेशन कराकर उसे गले में डालकर आएं। साथ ही अधिक जेबों वाले वस्त्र पहनकर केंद्रों पर न पहुंचें।