'अम्मा खाना खाया या नहीं': डीएम ने वृद्धा को अपने ऑफिस में कराया नाश्ता, कलक्ट्रेट सभागार में सुनीं समस्याएं
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने खुद एक-एक फरियादी के पास जाकर समस्या जानी। एक बुजुर्ग महिला से डीएम ने भोजन-पानी मिलने के बारे में पूछा। जवाब न में मिलने पर उन्होंने कहा कि ऑफिस में उनके लिए चाय-पानी का इंतजाम किया गया है।
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शाहजहांपुर में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलक्ट्रेट में जनसुनवाई की परंपरागत व्यवस्था बदल दी है। नई व्यवस्था के तहत डीएम ने अपने कक्ष में बैठकर समस्याएं सुनने की जगह सभागार में लोगों को बैठाकर समस्या सुननी शुरू कर दी हैं। गुरुवार को डीएम ने लोगों की समस्याएं सुनकर उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
आमतौर पर कलक्ट्रेट में डीएम अपने कक्ष में बैठकर एक-एक फरियादी को अंदर बुलाकर समस्याएं सुनते हैं। लोगों को बाहर सर्दी-गर्मी में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। डीएम ने लोगों की समस्या के मद्देनजर व्यवस्था में परिवर्तन किया है। गुरुवार को उन्होंने लोगों को वातानुकूलित सभागार कक्ष में सम्मानजनक ढंग से बैठाया। उनके लिए पीने के पानी की व्यवस्था कराई।
बुजुर्ग महिला से भोजन-पानी के बारे में पूछा
डीएम ने खुद एक-एक फरियादी के पास जाकर समस्या जानी। एक बुजुर्ग महिला से डीएम ने भोजन-पानी मिलने के बारे में पूछा। जवाब न में मिलने पर उन्होंने कहा कि ऑफिस में उनके लिए चाय-पानी का इंतजाम किया गया है। इस दौरान डीएम ने लोगों के मांगपत्र लेकर अपने अधीनस्थों को दिए और सीधा संबंधित अधिकारी को फोन कर समस्या के जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में 54 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। अधिकतर मामले ग्रामीण क्षेत्र के थे। इनमें पुलिस और राजस्व विभाग के सर्वाधिक मामले थे। डीएम ने बताया कि अपनी समस्या लेकर कलक्ट्रेट पहुंचने वाले लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था लागू की गई है।