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गोगेपुर और महोटा में मिले 64 बुखार के मरीज, 34 में मलेरिया के लक्षण
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शाहजहांपुर/ जैतीपुर। गोगेपुर गांव में फैले बुखार से तमाम लोग बीमार हैं। वहां अब तक बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद शुक्रवार को जैतीपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. लईक अहमद ने स्वास्थ्य टीम के साथ गोगेपुर गांव जाकर मरीजों का चेकअप किया। टीम के मुताबिक जांच के दौरान 34 मरीज बुखार के मिले, मलेरिया के लक्षण मिलने के चलते इनका सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। वहीं पड़ोस के महोटा गांव में 30 मरीज बुखार के मिले।
जैतीपुर सीएचसी से स्वास्थ्य टीम दोपहर करीब 12 बजे गोगेपुर गांव पहुंची। वहां टीम ने घर-घर जाकर 84 लोगों की जांच की, जिनमें 34 मरीज बुखार के निकले। इन सभी का ब्लड सैंपल लिया गया, जिनकी मलेरिया की जांच कराई जाएगी। बाकी लोगों को सर्दी, जुकाम बताया गया। इसके बाद टीम ने वहीं पड़ोस के महोटा गांव जाकर 76 मरीजों का चेकअप किया। वहां 30 मरीज बुखार के निकले। इन सभी को वायरल बुखार है। सभी मरीजों का कोरोना टेस्ट भी किया गया। टीम में डॉ. अरुण यादव, एलटी जयनाथ देवेंद्र, डेंटल हाइजीनिस्ट सपना आदि रहे।
गोगेपुर आई स्वास्थ्य टीम ने लोगों की जांच की। मगर अभी और लोग बुखार से पीड़ित हैं। टीम ने जिन लोगों की जांच की सभी को दवा दी गई है। - अरविंद कुमार यादव, प्रधान पुत्र
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गोगेपुर, मोहटा गांवों में टीमों को भेजा गया था। गोगेपुर में 34 लोगों की मलेरिया की जांच को सैंपल लिया गया है। इनमें मलेरिया जैसे लक्षण प्रतीत हो रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कौन सा बुखार है। - डॉ. लईक अहमद, सीएचसी प्रभारी
ग्रामीण दवा को गिड़गिड़ाते रहे, स्वास्थ्य टीम कोराना जांच के सैंपल लेकर लौटी
शाहजहांपुर/ निगोही। कोरोना संक्रमण के बीच मलेरिया और वायरल बुखार ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग का फोकस सिर्र्फ कोरोना पर है। निगोही ब्लॉक क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव में करीब दो सौ लोग बुखार से पीड़ित हैं। शुकवार को वहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना की जांच के लिए 66 लोगों के सैंपल लिए। इस दौरान ग्रामीण बुखार की दवा के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
निगोही ब्लॉक क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव में पिछले दो सप्ताह से बुखार फैला है। वहां एक व्यक्ति की बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार पीड़ितों की संख्या दो सौ के करीब होगी। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार दोपहर ढकिया तिवारी गांव पहुंची। इसका पता लगने पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। मगर स्वास्थ्य टीम ने मात्र 66 लोगों की कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए। किटें खत्म होने की वजह से बाकी सौ से अधिक लोगों को बैरंग लौटा दिया गया। मगर मिन्नतें करने के बावजूद बुखार से पीड़ित मरीजों को कोई दवा नहीं दी गई।
ये हैं बुखार से पीड़ित
ढकिया तिवारी निवासी दिनेश ने बताया उनकी बेटी शिखा को तीन दिन से बुखार आ रहा है। गांव के डॉक्टर से दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा। बाबूराम की दो बेटियों वसुंधरा और फूलमाला को पांच दिन से ठंड देकर बुखार आ रहा हैं। गांव में दवा लेने के बावजूद बुखार नहीं उतरा। निगोही सीएचसी भी गए थे। वहां न दवा मिली, न ही जांच की गई। वहीं के पवन और 14 साल के मनसुख भी बुखार से पीड़ित हैं। इनके अलावा बबलू, चार साल की बबली, राजवीर, सुभाष, सतेंद्र, 60 वर्षीय वीरपाल, पांच साल की साध्या आदि को भी बुखार है।
बृहस्पतिवार शाम शाम निगोही सीएचसी से दो कर्मचारी आए थे। एक घंटे में 40 लोगों की जांच की। शुक्रवार को आई स्वास्थ्य टीम ने केवल 66 लोगों का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया। जांच किटें खत्म होने के कारण सौ से अधिक अधिक लोगों का सैंपल नहीं लिया जा सका। मगर जांच को आई टीम ने किसी को बुखार की एक गोली तक नहीं दी गई। गरीबों का इलाज कौन करेगा। - सुमित भदौरिया, प्रधान पुत्र
ढकिया तिवारी गांव गई टीम में फार्मासिस्ट न होने की वजह से दवा का वितरण नहीं किया जा सका। मरीज निगोही सीएचसी आकर औषधि लें। यहां ओपीडी जारी है। मरीज भी देखे जा रहे हैं। दवाएं भी दी जा रहीं हैं।
-डॉ. नितिन चौधरी, सीएचसी प्रभारी निगोही
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जैतीपुर सीएचसी से स्वास्थ्य टीम दोपहर करीब 12 बजे गोगेपुर गांव पहुंची। वहां टीम ने घर-घर जाकर 84 लोगों की जांच की, जिनमें 34 मरीज बुखार के निकले। इन सभी का ब्लड सैंपल लिया गया, जिनकी मलेरिया की जांच कराई जाएगी। बाकी लोगों को सर्दी, जुकाम बताया गया। इसके बाद टीम ने वहीं पड़ोस के महोटा गांव जाकर 76 मरीजों का चेकअप किया। वहां 30 मरीज बुखार के निकले। इन सभी को वायरल बुखार है। सभी मरीजों का कोरोना टेस्ट भी किया गया। टीम में डॉ. अरुण यादव, एलटी जयनाथ देवेंद्र, डेंटल हाइजीनिस्ट सपना आदि रहे।
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गोगेपुर आई स्वास्थ्य टीम ने लोगों की जांच की। मगर अभी और लोग बुखार से पीड़ित हैं। टीम ने जिन लोगों की जांच की सभी को दवा दी गई है। - अरविंद कुमार यादव, प्रधान पुत्र
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गोगेपुर, मोहटा गांवों में टीमों को भेजा गया था। गोगेपुर में 34 लोगों की मलेरिया की जांच को सैंपल लिया गया है। इनमें मलेरिया जैसे लक्षण प्रतीत हो रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कौन सा बुखार है। - डॉ. लईक अहमद, सीएचसी प्रभारी
ग्रामीण दवा को गिड़गिड़ाते रहे, स्वास्थ्य टीम कोराना जांच के सैंपल लेकर लौटी
शाहजहांपुर/ निगोही। कोरोना संक्रमण के बीच मलेरिया और वायरल बुखार ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग का फोकस सिर्र्फ कोरोना पर है। निगोही ब्लॉक क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव में करीब दो सौ लोग बुखार से पीड़ित हैं। शुकवार को वहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना की जांच के लिए 66 लोगों के सैंपल लिए। इस दौरान ग्रामीण बुखार की दवा के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
निगोही ब्लॉक क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव में पिछले दो सप्ताह से बुखार फैला है। वहां एक व्यक्ति की बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार पीड़ितों की संख्या दो सौ के करीब होगी। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार दोपहर ढकिया तिवारी गांव पहुंची। इसका पता लगने पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। मगर स्वास्थ्य टीम ने मात्र 66 लोगों की कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए। किटें खत्म होने की वजह से बाकी सौ से अधिक लोगों को बैरंग लौटा दिया गया। मगर मिन्नतें करने के बावजूद बुखार से पीड़ित मरीजों को कोई दवा नहीं दी गई।
ये हैं बुखार से पीड़ित
ढकिया तिवारी निवासी दिनेश ने बताया उनकी बेटी शिखा को तीन दिन से बुखार आ रहा है। गांव के डॉक्टर से दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा। बाबूराम की दो बेटियों वसुंधरा और फूलमाला को पांच दिन से ठंड देकर बुखार आ रहा हैं। गांव में दवा लेने के बावजूद बुखार नहीं उतरा। निगोही सीएचसी भी गए थे। वहां न दवा मिली, न ही जांच की गई। वहीं के पवन और 14 साल के मनसुख भी बुखार से पीड़ित हैं। इनके अलावा बबलू, चार साल की बबली, राजवीर, सुभाष, सतेंद्र, 60 वर्षीय वीरपाल, पांच साल की साध्या आदि को भी बुखार है।
बृहस्पतिवार शाम शाम निगोही सीएचसी से दो कर्मचारी आए थे। एक घंटे में 40 लोगों की जांच की। शुक्रवार को आई स्वास्थ्य टीम ने केवल 66 लोगों का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया। जांच किटें खत्म होने के कारण सौ से अधिक अधिक लोगों का सैंपल नहीं लिया जा सका। मगर जांच को आई टीम ने किसी को बुखार की एक गोली तक नहीं दी गई। गरीबों का इलाज कौन करेगा। - सुमित भदौरिया, प्रधान पुत्र
ढकिया तिवारी गांव गई टीम में फार्मासिस्ट न होने की वजह से दवा का वितरण नहीं किया जा सका। मरीज निगोही सीएचसी आकर औषधि लें। यहां ओपीडी जारी है। मरीज भी देखे जा रहे हैं। दवाएं भी दी जा रहीं हैं।
-डॉ. नितिन चौधरी, सीएचसी प्रभारी निगोही