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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज बंद होने से बढ़ीं दुश्वारियां, इलाज के लिए मरीज भटके
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राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
शाहजहांपुर। गर्रा नदी में आई बाढ़ का पानी राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में घुसने से सभी सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। भर्ती मरीजों को छुट्टी देकर वार्ड खाली करा दिए गए हैं। ऐसे में मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। आवास में रहने वाले कर्मचारी भी जलभराव से परेशान हैं। वहीं, हालात में सुधार होने के बाद सोमवार से ओपीडी शुरू कर दी जाएगी।
शनिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे एक गर्भवती महिला को लेकर उसके परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां भरा बाढ़ का पानी व व्यवस्थाओं को ठप देखकर गर्भवती महिला के परिजनों ने लोगों से जानकारी की।
इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को किसी प्राइवेट अस्पताल ले गए। रात 11 से 12 बजे के बीच तीन मरीज और पहुंचे, जो मेडिकल कॉलेज बंद देख लौट गए। रविवार की सुबह करीब 12 बजे गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के अमनेश कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्चे का पैर टूट गया था।
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उसका ऑपरेशन हुआ है। दवाई लेने के लिए आए हैं, लेकिन अस्पताल बंद है। इस बीच अस्पताल कर्मचारी ने पर्चा देख अमनेश से एक-दो दिन की दवा बाहर से लेने की बात कही। कहा कि एक-दो दिन में सब ठीक हो जाएगा। व्यवस्था शुरू होने पर मरीज को लाकर दिखा देना।
सिंधौली के मुनीश कुमार ने बताया कि बेटे को तीन-चार दिन से बुखार आ रहा है। स्थानीय डॉक्टर से दवा ली, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आज यहां आए तो बाढ़ के चलते अस्पताल बंद मिला है। भावलखेड़ा सीएचसी काफी दूर पड़ेगी, इसलिए मुनीश बच्चे को निजी अस्पताल ले गए। वहीं, रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते भावलखेड़ा सीएचसी पर अधिक मरीज नहीं पहुंचे।
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आज से शुरू हो सकती है ओपीडी, मिलेगी मरीजों को राहत
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर पानी से भरा हुआ है। पानी स्थिर होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने राहत की सांस ली है। प्राचार्य का कहना है कि गनीमत रही कि पानी अंदर प्रवेश नहीं किया है। संभव है कि सोमवार से ओपीडी की शुरुआत कर दी जाए। ट्रामा सेंटर के पास अधिक पानी होने से उसे बाद में शुरू किया जाएगा।
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नहर कटने से मेडिकल कॉलेज में घुसा पानी
मेडिकल कॉलेज के पास से निकली नहर के कटान के कारण पानी पीछे से मेडिकल कॉलेज में घुसा है। नहर के कटान को बंद करने के बाद ही राहत मिली है वरना पानी वार्ड के अंदर तक पहुंच जाता। रविवार को पंपों के जरिये नहर के पानी को नदी में भेजा जा रहा है ताकि आसपास के कॉलाेनीवासियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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शनिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे एक गर्भवती महिला को लेकर उसके परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां भरा बाढ़ का पानी व व्यवस्थाओं को ठप देखकर गर्भवती महिला के परिजनों ने लोगों से जानकारी की।
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इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को किसी प्राइवेट अस्पताल ले गए। रात 11 से 12 बजे के बीच तीन मरीज और पहुंचे, जो मेडिकल कॉलेज बंद देख लौट गए। रविवार की सुबह करीब 12 बजे गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के अमनेश कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्चे का पैर टूट गया था।
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उसका ऑपरेशन हुआ है। दवाई लेने के लिए आए हैं, लेकिन अस्पताल बंद है। इस बीच अस्पताल कर्मचारी ने पर्चा देख अमनेश से एक-दो दिन की दवा बाहर से लेने की बात कही। कहा कि एक-दो दिन में सब ठीक हो जाएगा। व्यवस्था शुरू होने पर मरीज को लाकर दिखा देना।
सिंधौली के मुनीश कुमार ने बताया कि बेटे को तीन-चार दिन से बुखार आ रहा है। स्थानीय डॉक्टर से दवा ली, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आज यहां आए तो बाढ़ के चलते अस्पताल बंद मिला है। भावलखेड़ा सीएचसी काफी दूर पड़ेगी, इसलिए मुनीश बच्चे को निजी अस्पताल ले गए। वहीं, रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते भावलखेड़ा सीएचसी पर अधिक मरीज नहीं पहुंचे।
आज से शुरू हो सकती है ओपीडी, मिलेगी मरीजों को राहत
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर पानी से भरा हुआ है। पानी स्थिर होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने राहत की सांस ली है। प्राचार्य का कहना है कि गनीमत रही कि पानी अंदर प्रवेश नहीं किया है। संभव है कि सोमवार से ओपीडी की शुरुआत कर दी जाए। ट्रामा सेंटर के पास अधिक पानी होने से उसे बाद में शुरू किया जाएगा।
नहर कटने से मेडिकल कॉलेज में घुसा पानी
मेडिकल कॉलेज के पास से निकली नहर के कटान के कारण पानी पीछे से मेडिकल कॉलेज में घुसा है। नहर के कटान को बंद करने के बाद ही राहत मिली है वरना पानी वार्ड के अंदर तक पहुंच जाता। रविवार को पंपों के जरिये नहर के पानी को नदी में भेजा जा रहा है ताकि आसपास के कॉलाेनीवासियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद

राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद