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Shahjahanpur News: सांप पकड़ने वाले दिव्यांग को नागिन ने डसा, देसी उपचार के फेर में गई जान
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सांप के साथ खेलते उमेश गौतम। स्रोत: वीडियो ग्रैब
देवकली (शाहजहांपुर)। बंडा क्षेत्र के गांव ब्रह्मपुर झांझरिया निवासी सांप पकड़ने वाले उमेश गौतम (40) की नागिन के डसने से मौत हो गई। वह एक पैर से दिव्यांग थे। परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर पड़री चांदूपुर गांव में सांप पकड़ने गए उमेश ने पहले शराब पी और इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े को पकड़कर बोरी में बंद कर लिया। खेत में दोनों को छोड़ने के दौरान नागिन ने उनकी अंगुली में कई बार डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पहले देसी उपचार कराने ले गए। उपचार में देरी से उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे उमेश पड़री चांदूपुर गांव में सांप पकड़ने गए थे। वहां से नाग-नागिन का जोड़ा पकड़कर बोरी में बंद कर लिया। बाद में खेत में छोड़ने पहुंचे। नाग बोरी से निकलकर भाग गया, जबकि नागिन ने उमेश की अंगुली में डस लिया। शराब के नशे में होने के कारण उन्हें सर्पदंश का तत्काल एहसास नहीं हुआ। घर पहुंचने पर हालत बिगड़ने लगी।
बहन निर्मला उन्हें सुनासीर नाथ स्थित देसी उपचार करने वाले के पास ले गईं। वहां उपचार के साथ अंधविश्वास के चलते तंत्र-मंत्र भी किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें वापस गांव ले आए। इसके बाद झोलाछाप के पास ले गए, जिसने नब्ज देखकर मृत घोषित कर दिया। परिजन उन्हें करीब साढ़े तीन बजे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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उमेश की मौत से मां रामवती और छोटे भाई अभिषेक का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी मौत के बाद घर में बोरी में रखे कई सांपों को खेतों में छोड़ दिया गया है।
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बहन को दे दी थी जमीन
ग्रामीणों के अनुसार, उमेश के हिस्से में आई कुछ जमीन उन्होंने अपनी बहन निर्मला को दे दी थी। इसके बाद भाइयों में नाराजगी भी बताई जाती थी। सर्पदंश के बाद निर्मला ही उन्हें उपचार के लिए लेकर गईं।
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नागों से डरने के बजाय उनसे खेलते थे उमेश
नागों से उमेश को डर नहीं लगता था। नाग पकड़ने के बाद वह उनके साथ खिलवाड़ करते थे। नागों को शरीर पर लपेटने और नाग के फन को जीभ के पास ले जाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। ग्रामीणों के अनुसार, दूर-दराज से लोग नाग पकड़वाने के लिए उमेश को बुलाते थे। वह एक नाग पकड़ने के करीब दो हजार रुपये लेते थे और पकड़े गए नागों को बोरी में बंद कर घर ले आते थे।
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सर्पदंश पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल जाएं
एसीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि नाग के डसने पर झाड़-फूंक के फेर में नहीं पड़ना चाहिए। मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराना चाहिए। घबराने से स्थिति बिगड़ सकती है। जिस अंग पर नाग ने काटा है, उसे स्थिर रखें। जख्म पर चीरा न लगाएं और न ही जहर चूसने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि जहरीले सांपों में कोबरा, करैत और पिटवाइपर प्रमुख हैं।
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पहले भी हुईं सर्पदंश से मौतें- 3 सितंबर : खुटार क्षेत्र के चठिया गांव में छह वर्षीय नेहा की सांप के डसने से मौत हुई थी।
- 8 सितंबर : पुवायां के महमदपुर सैजनिया निवासी 22 वर्षीय संजय कुमार की सर्पदंश से राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हुई।
- 18 सितंबर : जलालाबाद के याकूबपुर तिराहे के पास फर्रुखाबाद हाईवे किनारे रह रही घुमंतू समाज की 27 वर्षीय किरन की सर्पदंश से मौत हुई थी।
- 23 जून : निगोही के प्रेमनगर गांव में अरविंद की गर्भवती पत्नी पूनम की सांप के डसने से मौत हुई थी।
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परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे उमेश पड़री चांदूपुर गांव में सांप पकड़ने गए थे। वहां से नाग-नागिन का जोड़ा पकड़कर बोरी में बंद कर लिया। बाद में खेत में छोड़ने पहुंचे। नाग बोरी से निकलकर भाग गया, जबकि नागिन ने उमेश की अंगुली में डस लिया। शराब के नशे में होने के कारण उन्हें सर्पदंश का तत्काल एहसास नहीं हुआ। घर पहुंचने पर हालत बिगड़ने लगी।
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बहन निर्मला उन्हें सुनासीर नाथ स्थित देसी उपचार करने वाले के पास ले गईं। वहां उपचार के साथ अंधविश्वास के चलते तंत्र-मंत्र भी किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें वापस गांव ले आए। इसके बाद झोलाछाप के पास ले गए, जिसने नब्ज देखकर मृत घोषित कर दिया। परिजन उन्हें करीब साढ़े तीन बजे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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उमेश की मौत से मां रामवती और छोटे भाई अभिषेक का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी मौत के बाद घर में बोरी में रखे कई सांपों को खेतों में छोड़ दिया गया है।
बहन को दे दी थी जमीन
ग्रामीणों के अनुसार, उमेश के हिस्से में आई कुछ जमीन उन्होंने अपनी बहन निर्मला को दे दी थी। इसके बाद भाइयों में नाराजगी भी बताई जाती थी। सर्पदंश के बाद निर्मला ही उन्हें उपचार के लिए लेकर गईं।
नागों से डरने के बजाय उनसे खेलते थे उमेश
नागों से उमेश को डर नहीं लगता था। नाग पकड़ने के बाद वह उनके साथ खिलवाड़ करते थे। नागों को शरीर पर लपेटने और नाग के फन को जीभ के पास ले जाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। ग्रामीणों के अनुसार, दूर-दराज से लोग नाग पकड़वाने के लिए उमेश को बुलाते थे। वह एक नाग पकड़ने के करीब दो हजार रुपये लेते थे और पकड़े गए नागों को बोरी में बंद कर घर ले आते थे।
सर्पदंश पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल जाएं
एसीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि नाग के डसने पर झाड़-फूंक के फेर में नहीं पड़ना चाहिए। मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराना चाहिए। घबराने से स्थिति बिगड़ सकती है। जिस अंग पर नाग ने काटा है, उसे स्थिर रखें। जख्म पर चीरा न लगाएं और न ही जहर चूसने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि जहरीले सांपों में कोबरा, करैत और पिटवाइपर प्रमुख हैं।
पहले भी हुईं सर्पदंश से मौतें- 3 सितंबर : खुटार क्षेत्र के चठिया गांव में छह वर्षीय नेहा की सांप के डसने से मौत हुई थी।
- 8 सितंबर : पुवायां के महमदपुर सैजनिया निवासी 22 वर्षीय संजय कुमार की सर्पदंश से राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हुई।
- 18 सितंबर : जलालाबाद के याकूबपुर तिराहे के पास फर्रुखाबाद हाईवे किनारे रह रही घुमंतू समाज की 27 वर्षीय किरन की सर्पदंश से मौत हुई थी।
- 23 जून : निगोही के प्रेमनगर गांव में अरविंद की गर्भवती पत्नी पूनम की सांप के डसने से मौत हुई थी।