{"_id":"617ee17c9c6a2547a56255da","slug":"dengu-shahjahanpur-news-bly464802128","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैतीपुर में डेंगू से महिला की मौत, तीन दिन से आ रहा था बुखार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैतीपुर में डेंगू से महिला की मौत, तीन दिन से आ रहा था बुखार
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रीता का फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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जैतीपुर। डेंगू जानलेवा हो चुका है। जैतीपुर की एक महिला की मीरानपुर कटरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। उसकी प्लेटलेट्स भी काफी घट गई थीं। जैतीपुर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। हाल ही में हुई बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से मच्छरों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार की समस्या बढ़ रही है।
अली अकबरपुर नवादा में तीन दिन से बुखार से पीड़ित महिला रीता (38) की डेंगू के चलते रविवार सुबह 10:30 बजे मीरानपुर कटरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। पति राजेश ने बताया कि उनकी पत्नी को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। पहले खैरपुर के एक निजी डॉक्टर से दवा ली। आराम न मिलने पर मीरानपुर कटरा में एक निजी डॉक्टर को दिखाया। उसने जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। सुबह इलाज के लिए डॉक्टर के पास कटरा ले गया। वहीं उसकी मौत हो गई। उसकी बेटी चांदनी की अगले महीने शादी होने वाली थी।
महिला की मौत से बेटा केशव, सचिन का रो-रोकर बुरा हाल है। जैतीपुर चिकित्सा अधिकारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि डेंगू से महिला की मौत की जानकारी मिली है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। क्षेत्र में किसी व्यक्ति को बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो वह तत्काल सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराए। झोलाछाप के इलाज से बचें। वहीं सपा के मदनापुर ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह की बुजुर्ग मां कुसुमा देवी की तीन दिन पहले बरेली के एक अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई थी। अल्हागंज के मोहल्ला बगिया रोड निवासी ब्रजेश कुमार की डेंगू से फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई थी।
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बरतें सावधानी
डेंगू का मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। इसलिए अपने घर के फ्रिज के पीछे की ट्रे, मिनी प्लांट का पानी, पानी की टंकी, गमलों का पानी, घर की छतों पर पड़े जूते, टायर, पाइप, नारियल के खोल और बर्तनों में भी डेंगू का लार्वा पनप सकता है। इसलिए इन सभी को साफ़ रखें। यदि स्वस्थ व्यक्ति को डेंगू मच्छर काटता है तो उसके शरीर में डेंगू के वायरस प्रवेश कर जाते है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति को कोई मच्छर काटकर दूसरे व्यक्ति को काटता है तो संक्रमण मच्छर और व्यक्ति दोनों में फैलता है। डेंगू मच्छर और अन्य मच्छर से बचने के लिए सबसे सरल उपाय एक ही है। फुल कपड़े पहनें जैसे पैंट, शर्ट, मोजे का उपयोग करे। अपने घर के परिसर को हमेशा साफ रखें ताकि मच्छर पनपने न पाए।
मच्छरदानी का करें इस्तेमाल
मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग किया जाता है। मच्छर के काटने से बचने के लिए नेट वाली मच्छरदानी का उपयोग कर सकते हैं। कई लोगों के अनुसार मच्छरदानी पर मच्छर बैठकर काट लेते है। ऐसे में आप मेडीकेडिट मच्छरदानी का उपयोग करें। उस पर मच्छर नहीं बैठेंगे। मच्छरदानी केवल मच्छरों को नहीं बल्कि अन्य कीड़ों को रोकने का काम करती है। इसके अलावा मच्छरों को घर से बाहर भगाने के लिए क्वाइल या अन्य उत्पाद इस्तेमाल कर सकते हैं।
शनिवार को मिले 41 नए मरीज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना पांच सौ से ज्यादा जांचें बुखार के रोगियों की हो रही हैं। शनिवार को हुई जांच में 41 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। 352 जांच की गईं थीं। वहीं 130 मरीज मलेरिया के निकले।
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अली अकबरपुर नवादा में तीन दिन से बुखार से पीड़ित महिला रीता (38) की डेंगू के चलते रविवार सुबह 10:30 बजे मीरानपुर कटरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। पति राजेश ने बताया कि उनकी पत्नी को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। पहले खैरपुर के एक निजी डॉक्टर से दवा ली। आराम न मिलने पर मीरानपुर कटरा में एक निजी डॉक्टर को दिखाया। उसने जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। सुबह इलाज के लिए डॉक्टर के पास कटरा ले गया। वहीं उसकी मौत हो गई। उसकी बेटी चांदनी की अगले महीने शादी होने वाली थी।
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महिला की मौत से बेटा केशव, सचिन का रो-रोकर बुरा हाल है। जैतीपुर चिकित्सा अधिकारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि डेंगू से महिला की मौत की जानकारी मिली है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। क्षेत्र में किसी व्यक्ति को बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो वह तत्काल सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराए। झोलाछाप के इलाज से बचें। वहीं सपा के मदनापुर ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह की बुजुर्ग मां कुसुमा देवी की तीन दिन पहले बरेली के एक अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई थी। अल्हागंज के मोहल्ला बगिया रोड निवासी ब्रजेश कुमार की डेंगू से फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई थी।
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बरतें सावधानी
डेंगू का मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। इसलिए अपने घर के फ्रिज के पीछे की ट्रे, मिनी प्लांट का पानी, पानी की टंकी, गमलों का पानी, घर की छतों पर पड़े जूते, टायर, पाइप, नारियल के खोल और बर्तनों में भी डेंगू का लार्वा पनप सकता है। इसलिए इन सभी को साफ़ रखें। यदि स्वस्थ व्यक्ति को डेंगू मच्छर काटता है तो उसके शरीर में डेंगू के वायरस प्रवेश कर जाते है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति को कोई मच्छर काटकर दूसरे व्यक्ति को काटता है तो संक्रमण मच्छर और व्यक्ति दोनों में फैलता है। डेंगू मच्छर और अन्य मच्छर से बचने के लिए सबसे सरल उपाय एक ही है। फुल कपड़े पहनें जैसे पैंट, शर्ट, मोजे का उपयोग करे। अपने घर के परिसर को हमेशा साफ रखें ताकि मच्छर पनपने न पाए।
मच्छरदानी का करें इस्तेमाल
मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग किया जाता है। मच्छर के काटने से बचने के लिए नेट वाली मच्छरदानी का उपयोग कर सकते हैं। कई लोगों के अनुसार मच्छरदानी पर मच्छर बैठकर काट लेते है। ऐसे में आप मेडीकेडिट मच्छरदानी का उपयोग करें। उस पर मच्छर नहीं बैठेंगे। मच्छरदानी केवल मच्छरों को नहीं बल्कि अन्य कीड़ों को रोकने का काम करती है। इसके अलावा मच्छरों को घर से बाहर भगाने के लिए क्वाइल या अन्य उत्पाद इस्तेमाल कर सकते हैं।
शनिवार को मिले 41 नए मरीज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना पांच सौ से ज्यादा जांचें बुखार के रोगियों की हो रही हैं। शनिवार को हुई जांच में 41 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। 352 जांच की गईं थीं। वहीं 130 मरीज मलेरिया के निकले।