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Shahjahanpur News: खीरी और पीलीभीत को बाढ़ से बचाने और बाढ़ पीड़ितों को बसाने की मांग
Tue, 27 May 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 27 May 2025 12:08 AM IST
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डीएम खीरी व पीलीभीत को ज्ञापन भेजकर दोनों जिलों को बाढ़ से बचाने, बाढ़ पीड़ितों को बसाने व क्षतिपूर्ति दिलाए जाने, हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने चार सूत्री ज्ञापन में कहा कि नेपाल सरकार ने भारत की 150 क्यूसिक मीटर जल प्रवाह की क्षमता वाली छोटी नहर में आठ नदियों के प्राकृतिक बहाव को कंचनपुर अंचल में साइफन डालकर शारदा नदी (महाकाली) में सीधा बहाव कर दिया था। इससे जिला पीलीभीत व खीरी में वर्ष 1988 से तबाही हो रही है। पहले यह पानी शारदा नदी में आठ नदियों बुझेला, चौधर, सुनवरा ,राधा, स्याली, पथरिया बन्द, बनारा, राधिका प्राकृतिक प्रवाह नेपाल राष्ट्र के वेटलैंड क्षेत्र जिलों में जाता था।
ज्ञापन में मांग की गई कि नेपाल से आ रहे अतिरिक्त पानी का सर्वे किया जाए। नेपाल राष्ट्र के बमनी बंधा से प्रवाह रोकने के लिए भारतीय क्षेत्र में बंधे का निर्माण किया जाए। मानसून अवधि में शारदा बैराज, सुहेली बैराज, घाघरा बैराज, निघासन आदि के गेट पूरी तरह से खुले रखे जाएं। इससे नेपाल राष्ट्र की पहाड़ी नदियों से एकत्र हो रही सिल्ट बालू एकत्रित न होकर बह जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेशों का न मानने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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बारिश से पहले प्रत्येक क्षेत्र पंचायत में चार-पांच सरकारी मोबाइल अस्पताल व आपदा बाढ़ पीड़ितों के जल जीवन की सुरक्षा व्यवस्था, भोजन व स्वच्छ जल आदि की व्यवस्था की जाए।
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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने चार सूत्री ज्ञापन में कहा कि नेपाल सरकार ने भारत की 150 क्यूसिक मीटर जल प्रवाह की क्षमता वाली छोटी नहर में आठ नदियों के प्राकृतिक बहाव को कंचनपुर अंचल में साइफन डालकर शारदा नदी (महाकाली) में सीधा बहाव कर दिया था। इससे जिला पीलीभीत व खीरी में वर्ष 1988 से तबाही हो रही है। पहले यह पानी शारदा नदी में आठ नदियों बुझेला, चौधर, सुनवरा ,राधा, स्याली, पथरिया बन्द, बनारा, राधिका प्राकृतिक प्रवाह नेपाल राष्ट्र के वेटलैंड क्षेत्र जिलों में जाता था।
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ज्ञापन में मांग की गई कि नेपाल से आ रहे अतिरिक्त पानी का सर्वे किया जाए। नेपाल राष्ट्र के बमनी बंधा से प्रवाह रोकने के लिए भारतीय क्षेत्र में बंधे का निर्माण किया जाए। मानसून अवधि में शारदा बैराज, सुहेली बैराज, घाघरा बैराज, निघासन आदि के गेट पूरी तरह से खुले रखे जाएं। इससे नेपाल राष्ट्र की पहाड़ी नदियों से एकत्र हो रही सिल्ट बालू एकत्रित न होकर बह जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेशों का न मानने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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बारिश से पहले प्रत्येक क्षेत्र पंचायत में चार-पांच सरकारी मोबाइल अस्पताल व आपदा बाढ़ पीड़ितों के जल जीवन की सुरक्षा व्यवस्था, भोजन व स्वच्छ जल आदि की व्यवस्था की जाए।