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हाईटेंशन लाइन से बैंड की ठेली छूने से दो युवकों की मौत
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पोस्टमार्टम हाउस पर हादसे के बारे में जानकारी देते मृतक सोनू के रिश्तेदार।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
मीरानपुर कटरा। मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के कुसक गांव से बरात चढ़ाकर लौट रही बैंड टीम के साथ हादसा हो गया। बुधवार रात 12 बजे कुसक और हुलासनगरा के बीच कच्चे रास्ते पर 11 हजार केवीए की लाइन से बैंड का साउंड छू जाने से बरेली जिले के थाना फतेहगंजपूर्वी के गांव अत्तू नगला निवासी 19 वर्षीय सोनू व यहीं की लेखपाल कॉलोनी का 20 विशाल की करंट से मौत हो गई। जबकि पांच मजदूर झुलस गए। पुलिस ने करंट से झुलसने वालों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां सचिन की हालत गंभीर बनी हुई है।
कुसक गांव में बुधवार शाम को शादी आई थी। बारात में फतेहगंज का अनस बैंड बुक किया गया था। धूमधाम से बरात चढ़ाई गईं। बैंड टीम खाना खाने के बाद रात 12 बजे वापस लौट रही थी। कुसक गांव और हुलासनगरा क्रासिंग के बीच कच्चे रास्ते पर बैंड की ठेली को मजदूर धक्का लगाकर ले जा रहे थे। तभी नीचे लटक रही 11 केवी की लाइन बैंड के ऊपर लगे साउंड सिस्टम से छू गई। बैंड ठेली में करंट प्रभावित होते ही धक्का लगा रहे सोनू व विशाल, फतेहगंज के दुर्वेश 18 पुत्र धर्मपाल, निखिल 14 पुत्र बाबूराम, मनोज 18 व सचिन 14 पुत्र राधेश्याम व मोहम्मद आसिफ 18 पुत्र कदीर बुरी तरह से झुलस गए।
करंट से सात मजदूरों के झुलसने के बाद टीम के अन्य सदस्य दहशत में आ गए। इस बीच पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा। जहां से सभी को रात में राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। डाक्टरों ने सोनू और विशाल को मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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बेटे के सिर पर सेहरा बंधा देखने का सपना टूटा गया
-फतेहगंज की लेखपाल कालोनी के विशाल की 17 फरवरी को थी शादी
-विवाह को धूमधाम से करने के लिए दिन-रात मेहनत में जुटा था विशाल
शाहजहांपुर। फतेहगंज पूर्वी की लेखपाल कालोनी निवासी रामशंकर का भरा-पूरा परिवार है। उनके चार बेटे थे। बड़े बेटे की शादी होने के बाद दूसरे नंबर के विशाल की शादी के लिए रामशंकर और उनकी मां ने सपना संजो रखा था। लेकिन बुधवार रात में हुए हादसे के बाद पूरे परिवार पर वज्रपात हो गया। उनका सपना एक झटके में टूटकर चकनाचूर हो गया।
बुजुर्ग हो चुके रामशंकर परिवार की गाड़ी खींचने के लिए इस उम्र में भी मैदान में डटे हैं। वह ठेली चलाते हैं। दूसरे नंबर का बेटा विशाल भी काफी मेहनती था। वह दिन में ठेली चलाता था। रात में बारात में बैंड की टीम के साथ जाता था। विशाल की उम्र 20 साल हो चुकी थी, लिहाजा रामशंकर ने उसकी शादी तय कर दी थी। 17 फरवरी को उसकी बारात जानी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। दुल्हन के लिए सुर्ख रंग का जोड़ा भी खरीदा जा चुका था। विशाल दिन और रात मेहनत में इसलिए डटा था कि उसकी शादी में रुपयों के अभाव में कुछ कमी नहीं रह जाए। बेटे की शादी का सपना देख रहे रामशंकर की बुधवार रात दुनिया उजड़ गई। बेटे भी बिलख पड़े। मां तो सुध-बुध खो बैठी।
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बुजुर्ग मां का सहारा था सोनू
-फतेहगंज के अत्तू नगला का सोनू अपनी बुजुर्ग मां माला देवी का इकलौता सहारा था। भगवान ने उसे भी माला देवी से छीन लिया। सोनू के पिता राजाराम कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में मां माला देवी के अलावा बहन नन्हीं देवी थी। बहन की शादी होने के बाद सोनू ही मां की देखभाल करता था। सोनू मानसिक रूप से मंदित था। फिर भी मां का सहारा बना हुआ था। बेटे की मौत के बाद मालादेवी बेसहारा हो गई।
हादसे के बाद बिजली लाइन ठीक कराई
-करीब दो महीने से हाईटेंशन तार जमीन की ओर झूल रहे थे। गांव के लोगों ने कई बार बिजली विभाग को सूचना दी, परन्तु विभाग ने संज्ञान नहीं लिया। हुलासनगरा गांव के प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की। तार सही करने के लिए कोई आया नहीं। बुधवार रात हादसा होने के बाद तारों को सही करा दिया गया।
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कुसक गांव में बुधवार शाम को शादी आई थी। बारात में फतेहगंज का अनस बैंड बुक किया गया था। धूमधाम से बरात चढ़ाई गईं। बैंड टीम खाना खाने के बाद रात 12 बजे वापस लौट रही थी। कुसक गांव और हुलासनगरा क्रासिंग के बीच कच्चे रास्ते पर बैंड की ठेली को मजदूर धक्का लगाकर ले जा रहे थे। तभी नीचे लटक रही 11 केवी की लाइन बैंड के ऊपर लगे साउंड सिस्टम से छू गई। बैंड ठेली में करंट प्रभावित होते ही धक्का लगा रहे सोनू व विशाल, फतेहगंज के दुर्वेश 18 पुत्र धर्मपाल, निखिल 14 पुत्र बाबूराम, मनोज 18 व सचिन 14 पुत्र राधेश्याम व मोहम्मद आसिफ 18 पुत्र कदीर बुरी तरह से झुलस गए।
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करंट से सात मजदूरों के झुलसने के बाद टीम के अन्य सदस्य दहशत में आ गए। इस बीच पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा। जहां से सभी को रात में राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। डाक्टरों ने सोनू और विशाल को मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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बेटे के सिर पर सेहरा बंधा देखने का सपना टूटा गया
-फतेहगंज की लेखपाल कालोनी के विशाल की 17 फरवरी को थी शादी
-विवाह को धूमधाम से करने के लिए दिन-रात मेहनत में जुटा था विशाल
शाहजहांपुर। फतेहगंज पूर्वी की लेखपाल कालोनी निवासी रामशंकर का भरा-पूरा परिवार है। उनके चार बेटे थे। बड़े बेटे की शादी होने के बाद दूसरे नंबर के विशाल की शादी के लिए रामशंकर और उनकी मां ने सपना संजो रखा था। लेकिन बुधवार रात में हुए हादसे के बाद पूरे परिवार पर वज्रपात हो गया। उनका सपना एक झटके में टूटकर चकनाचूर हो गया।
बुजुर्ग हो चुके रामशंकर परिवार की गाड़ी खींचने के लिए इस उम्र में भी मैदान में डटे हैं। वह ठेली चलाते हैं। दूसरे नंबर का बेटा विशाल भी काफी मेहनती था। वह दिन में ठेली चलाता था। रात में बारात में बैंड की टीम के साथ जाता था। विशाल की उम्र 20 साल हो चुकी थी, लिहाजा रामशंकर ने उसकी शादी तय कर दी थी। 17 फरवरी को उसकी बारात जानी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। दुल्हन के लिए सुर्ख रंग का जोड़ा भी खरीदा जा चुका था। विशाल दिन और रात मेहनत में इसलिए डटा था कि उसकी शादी में रुपयों के अभाव में कुछ कमी नहीं रह जाए। बेटे की शादी का सपना देख रहे रामशंकर की बुधवार रात दुनिया उजड़ गई। बेटे भी बिलख पड़े। मां तो सुध-बुध खो बैठी।
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बुजुर्ग मां का सहारा था सोनू
-फतेहगंज के अत्तू नगला का सोनू अपनी बुजुर्ग मां माला देवी का इकलौता सहारा था। भगवान ने उसे भी माला देवी से छीन लिया। सोनू के पिता राजाराम कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में मां माला देवी के अलावा बहन नन्हीं देवी थी। बहन की शादी होने के बाद सोनू ही मां की देखभाल करता था। सोनू मानसिक रूप से मंदित था। फिर भी मां का सहारा बना हुआ था। बेटे की मौत के बाद मालादेवी बेसहारा हो गई।
हादसे के बाद बिजली लाइन ठीक कराई
-करीब दो महीने से हाईटेंशन तार जमीन की ओर झूल रहे थे। गांव के लोगों ने कई बार बिजली विभाग को सूचना दी, परन्तु विभाग ने संज्ञान नहीं लिया। हुलासनगरा गांव के प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की। तार सही करने के लिए कोई आया नहीं। बुधवार रात हादसा होने के बाद तारों को सही करा दिया गया।