{"_id":"644d71935c5116dcff0eca37","slug":"daughter-in-law-contesting-elections-father-in-laws-reputation-is-at-stake-shahjahanpur-news-c-4-1-140813-2023-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: चुनाव बहुएं लड़ रहीं... प्रतिष्ठा ससुर की दांव पर लगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: चुनाव बहुएं लड़ रहीं... प्रतिष्ठा ससुर की दांव पर लगी
Sun, 30 Apr 2023 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 30 Apr 2023 01:05 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षित ज्यादातर सीटों पर अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए स्थानीय राजनीति में दखल रखने वाले लोगों ने अपनी बहुओं को मैदान में उतारा है। चुनावी प्रबंधन अपने हाथ में ही रखा है। महापौर की सपा प्रत्याशी माला राठौर के ससुर सर्वेश राठौर राजनीति में हैं। अल्हागंज नगर पंचायत से भाजपा प्रत्याशी शिवानी के ससुर अनिल गुप्ता भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन हैं। कांट नगर पंचायत में सपा प्रत्याशी रीना सुहेल के ससुर इदरीश खां कई बार चेयरमैन रह चुके हैं। यानी प्रत्याशियों के ससुर तो राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन उनके पतियों का राजनीति से कोई खास वास्ता नहीं है।
महापौर की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। इस सीट से भाजपा ने अर्चना वर्मा को मैदान में उतारा है। उनके ससुर राममूर्ति सिंह वर्मा सपा के कद्दावर नेता थे। वह कई बार सांसद और विधायक रहे। हालांकि अर्चना वर्मा खुद भी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके पति राजेश वर्मा 2022 में ददरौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। सपा प्रत्याशी माला राठौर पहली बार चुनाव लड़ रहीं हैं। उनके ससुर सर्वेश राठौर सपा में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। माला का पूरा चुनाव प्रबंधन सर्वेश राठौर ही संभाले हैं।
कांट नगर पंचायत अध्यक्ष पद इस बार महिला के लिए आरक्षित है। सपा प्रत्याशी रीना के ससुर इदरीस खां कई बार कांट नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। 2017 में उन्होंने अपनी पत्नी सुरैया बेगम को चुनाव लड़ाया था। वह नगर पंचायत अध्यक्ष भी बन गईं थीं लेकिन बाद में उनका निधन हो गया। इस बार इदरीस ने अपने बेटे सुहेल की पत्नी रीना को चुनाव मैदान में उतारा है। अल्हागंज नगर पंचायत अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। यहां से भाजपा ने शिवानी को टिकट दिया है। शिवानी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता की बहू हैं। अनिल गुप्ता की पत्नी चंद्रेश गुप्ता भी चेयरमैन रह चुकी हैं। प्रत्याशी भले ही शिवानी हों लेकिन चुनाव की पूरी जिम्मेदारी अनिल गुप्ता संभाले हैं।
विज्ञापन
कटरा नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने सोनम गुप्ता को टिकट दिया है। ओबीसी के लिए आरक्षित इस सीट पर सोनम गुप्ता का चुनाव मैनेजमेंट उनके ससुर सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता के हाथ में हैं। सुरेंद्र भाजपा में लगभग 30 साल से हैं। वह नगर पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
विज्ञापन
महापौर की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। इस सीट से भाजपा ने अर्चना वर्मा को मैदान में उतारा है। उनके ससुर राममूर्ति सिंह वर्मा सपा के कद्दावर नेता थे। वह कई बार सांसद और विधायक रहे। हालांकि अर्चना वर्मा खुद भी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके पति राजेश वर्मा 2022 में ददरौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। सपा प्रत्याशी माला राठौर पहली बार चुनाव लड़ रहीं हैं। उनके ससुर सर्वेश राठौर सपा में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। माला का पूरा चुनाव प्रबंधन सर्वेश राठौर ही संभाले हैं।
विज्ञापन
कांट नगर पंचायत अध्यक्ष पद इस बार महिला के लिए आरक्षित है। सपा प्रत्याशी रीना के ससुर इदरीस खां कई बार कांट नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। 2017 में उन्होंने अपनी पत्नी सुरैया बेगम को चुनाव लड़ाया था। वह नगर पंचायत अध्यक्ष भी बन गईं थीं लेकिन बाद में उनका निधन हो गया। इस बार इदरीस ने अपने बेटे सुहेल की पत्नी रीना को चुनाव मैदान में उतारा है। अल्हागंज नगर पंचायत अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। यहां से भाजपा ने शिवानी को टिकट दिया है। शिवानी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता की बहू हैं। अनिल गुप्ता की पत्नी चंद्रेश गुप्ता भी चेयरमैन रह चुकी हैं। प्रत्याशी भले ही शिवानी हों लेकिन चुनाव की पूरी जिम्मेदारी अनिल गुप्ता संभाले हैं।
विज्ञापन
कटरा नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने सोनम गुप्ता को टिकट दिया है। ओबीसी के लिए आरक्षित इस सीट पर सोनम गुप्ता का चुनाव मैनेजमेंट उनके ससुर सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता के हाथ में हैं। सुरेंद्र भाजपा में लगभग 30 साल से हैं। वह नगर पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं।