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दस्तक अभियान : बुखार के 1027 मरीज, तीन में मलेरिया की पुष्टि
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शाहजहांपुर। जिले में संचालित दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर बुखार, मलेरिया, टीबी, फाइलेरिया समेत अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की तलाश की। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों की संयुक्त टीमों ने सर्वे के दौरान 1027 बुखार के मरीजों को चिह्नित किया, जबकि इसमें तीन में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
एक जुलाई से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हुआ था। 11 जुलाई से दस्तक अभियान में 2954 टीमों ने गांवों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे किया। टीमों ने लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की सलाह भी दी।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि अभियान के दौरान जिले में 1027 बुखार के मरीज मिले। जांच में तीन मरीजों में मलेरिया, पांच में क्षय रोग व 27 फाइलेरिया रोगियों की पहचान की गई। वहीं, छह कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उपचार एवं पोषण देखभाल के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा गया।
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बताया कि अभियान के दौरान मिलने वाले सभी मरीजों की निगरानी की जा रही है। जांच, दवा एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार या अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। संवाद
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एक जुलाई से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हुआ था। 11 जुलाई से दस्तक अभियान में 2954 टीमों ने गांवों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे किया। टीमों ने लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की सलाह भी दी।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि अभियान के दौरान जिले में 1027 बुखार के मरीज मिले। जांच में तीन मरीजों में मलेरिया, पांच में क्षय रोग व 27 फाइलेरिया रोगियों की पहचान की गई। वहीं, छह कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उपचार एवं पोषण देखभाल के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा गया।
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बताया कि अभियान के दौरान मिलने वाले सभी मरीजों की निगरानी की जा रही है। जांच, दवा एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार या अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। संवाद