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दाल में जानलेवा रंग और बर्फी में घातक वर्क
शाहजहांपुर
Updated Sat, 07 Oct 2017 07:37 PM IST
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फेस्टिवल सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच
दाल में जानलेवा रंग और बर्फी में घातक वर्क
शाहजहांपुर। मुनाफे के लालच में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। अनाज, मिठाई, दूध सभी में मिलावट हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। मिलावट खोरों ने न सिर्फ बर्फी में घातक वर्क लगाया बल्कि अरहर और उर्द की दाल में चमक लाने के लिए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया। कलान में एक दूध डेरी पर दूध में कास्टिक सोडा का इस्तेमाल होना भी पाया गया है।
चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर 2017 तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले भर में छापामारी कर खाद्य पदार्थों के कुल 113 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें दूध, नमकीन, दाल, मिठाई आदि के नमूने शामिल थे। इनकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। कुल 66 खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल हो गए। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें 59 नमूने अद्योमानक पाए गए, जबकि सात नमूने स्वास्थ्य के लिए घातक निकले। प्रशासन हर बार त्योहार के मौके पर दिखाने के लिए कार्रवाई करता है फिर कुछ दिन बाद मामला शांत हो जाता है। लेकिन लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बंद नहीं होता।
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शाहजहांपुर। मुनाफे के लालच में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। अनाज, मिठाई, दूध सभी में मिलावट हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। मिलावट खोरों ने न सिर्फ बर्फी में घातक वर्क लगाया बल्कि अरहर और उर्द की दाल में चमक लाने के लिए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया। कलान में एक दूध डेरी पर दूध में कास्टिक सोडा का इस्तेमाल होना भी पाया गया है।
चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर 2017 तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले भर में छापामारी कर खाद्य पदार्थों के कुल 113 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें दूध, नमकीन, दाल, मिठाई आदि के नमूने शामिल थे। इनकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। कुल 66 खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल हो गए। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें 59 नमूने अद्योमानक पाए गए, जबकि सात नमूने स्वास्थ्य के लिए घातक निकले। प्रशासन हर बार त्योहार के मौके पर दिखाने के लिए कार्रवाई करता है फिर कुछ दिन बाद मामला शांत हो जाता है। लेकिन लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बंद नहीं होता।
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