UP News: शाहजहांपुर में ददरौल से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन, सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
शाहजहांपुर के ददरौल से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह का निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार थे। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार हो रहा था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
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शाहजहांपुर के ददरौल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह (70) का शुक्रवार सुबह दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को पैतृक गांव ढकिया परवेजपुर में दोपहर एक बजे होगा। देर शाम उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से उनके घर पहुंचेगा।
छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत करने वाले मानवेंद्र करीब 15 वर्ष कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का भी चुनाव जीता था। मानवेंद्र 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे। ददरौल विधानसभा से जीत दर्ज की। वर्ष 2022 में लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीता।
पिछले कुछ समय से वह लिवर की बीमारी से ग्रसित थे। काफी कमजोर होने के चलते क्षेत्र में भी सक्रिय नहीं थे। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के काफी करीबी मानवेंद्र सिंह का दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा था। शुक्रवार सुबह आठ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलने पर सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के नेताओं ने भी शोक जताया है।
सौम्य और विनम्र स्वभाव था मानवेंद्र सिंह की पहचान
हर वर्ग के लोगों के बीच मानवेंद्र सिंह अपने सौम्य स्वभाव और बेदाग छवि के चलते लोकप्रियता रखते थे। उनके निधन के बाद जिले की राजनीति के एक युग का अवसान हो गया। शाम को उनका पार्थिव शरीर कैंट स्थित डाकबंगला आवास पर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
चार जनवरी 1959 को जन्मे मानवेंद्र सिंह ने राजनीति की शुरुआत छात्र संघ से की थी। वर्ष 1977-78 में वह एसएस कॉलेज के छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित बताते हैं कि जिला परिषद का सदस्य चुने जाने के बाद छोटे बाबा जयेंद्र प्रसाद चेयरमैन चुने गए थे।
उनके इस्तीफा देने के बाद 1991-92 में मानवेंद्र सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी उत्तीर्ण मानवेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री के सलाहकार रहे जितेंद्र प्रसाद उर्फ बाबा साहब का सानिध्य पाकर राजनीति में मजबूत पकड़ बना ली थी। मानवेंद्र लगातार करीब 15 वर्ष तक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे। शहरी और ग्रामीण इलाके में उनकी मजबूत पकड़ थी।
उनके विनम्र स्वभाव के चलते दूर-दूर के लोग उनसे जुड़े थे। मानवेंद्र ने भाजपा के सिंबल पर दो बार चुनाव जीतने के बाद भी सत्ता के अहम को हावी नहीं होने दिया। वह अपने घर के बरामदे में आम लोगों के लिए हर समय उपलब्ध रहते थे। वह अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी, बेटे अरविंद सिंह, विमल सिंह, अनुज सिंह व बेटी मंजू सिंह को छोड़ गए हैं।
एसएस कॉलेज से छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले मानवेंद्र सिंह का 1989 में स्वामी चिन्मयानंद के शाहजहांपुर आने पर उनसे काफी लगाव हो गया था। वर्तमान में वह एसएस कॉलेज और एसएस लॉ कॉलेज प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष भी थे। उनके निधन की खबर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल की सभी संस्थाओं में शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी गई।
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि मानवेंद्र का उनसे सदैव आत्मीय रिश्ता रहा है। उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है। शोकसभा में समिति के सचिव डॉ.अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रो. आरके आजाद, डॉ. आलोक सिंह, लॉ कालेज के प्राचार्य डॉ. जेएस ओझा, एसएसएमवी के सचिव अशोक अग्रवाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
2022 में दूसरी बार चुनाव जीते मानवेंद्र सिंह की अप्रैल से तबीयत खराब थी। पहले उन्हें लखनऊ के अस्पताल में दिखाया गया फिर पीजीआई में डॉक्टर ने उन्हें लिवर की समस्या बताई थी तभी से उनका दिल्ली में उनका उपचार शुरू किया गया था। डॉक्टर की सलाह पर लोगों से दूरी बनाते हुए मोबाइल फोन पर संपर्क में रहते थे। बीमारी के चलते वह काफी कमजोर हो गए थे। दस दिन पहले उनकी फिर से तबीयत बिगड़ी तो दिल्ली में भर्ती कराया गया था जहां उनका निधन हो गया।
सीएम ने जताया दुख, जितिन ने बताया पारिवारिक रिश्ता
विधायक के निधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने सोशल साइट पर अपने और अपने पिता के साथ मानवेंद्र सिंह का फोटो शेयर करते हुए लिखा कि उनसे उनके परिवार का अटूट रिश्ता रहा। वह हर समय उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी शोक जताया है।
आधी उम्र कांग्रेस के विभिन्न पदों पर रहने वाले मानवेंद्र सिंह ने वर्ष 2017 में अचानक सभी को भाजपा में जाने के निर्णय से चौंका दिया था। उसी समय पुवायां विधायक चेतराम और तिलहर से विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस भी भाजपा में आ गए थे। पार्टी बदलते ही उनकी किस्मत चमक गई और ददरौल से भारी मतों से जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
घर पर शोक जताने पहुंचे नेता व अधिकारी
मानवेंद्र सिंह की पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने के लिए कैंट स्थित उनके आवास पर राजनीतिक व प्रशासनिक शख्सियत पहुंच गईं। डीसीबी अध्यक्ष डीपीएस राठौर, भाजपा नेता कौशल मिश्रा, विनीत मिश्रा, भूपेंद्र सिंह भन्नू, डीएम उमेश प्रताप सिंह, सीडीओ एसबी सिंह, एसपी सिटी सुधीर जायसवाल आदि लोग पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।