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4.50 अरब के बजट से बिजली नेटवर्क में दौड़ेगा ‘करंट’
सार
शहर के लोधीपुर और सरायकाइयां इलाके में तीन वर्ष पूर्व 33 केवी के दो नए सब स्टेशन चालू हुए हैं लेकिन वहां कनेक्शन बढ़ने से ओवरलोडिंग बरकरार है। अवर अभियंताओं के अनुसार लाइन फाल्ट की समस्या दूर करने को नई लाइनें डाली जानी चाहिए, लेकिन स्टोर में बजट की कमी से तार, क्लैंप, इंसुलेटर आदि चीजें समय से नहीं मिल पातीं।इन स्थानों पर 33 केवी के नए उपकेंद्र प्रस्तावितशहर के पास अटसलिया और बरतारा में औद्योगिक आस्थान के लिए 33 केवी क्षमता के नए उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। जन प्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर बनाई करीब 4.50 अरब रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए लखनऊ पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय जा चुकी है।
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विस्तार
शाहजहांपुर। विद्युत निगम के अभियंताओं ने जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये की कार्य योजना बनाई है। रिवैंप स्कीम (पुनरुद्घार योजना) के तहत 33 केवी क्षमता के नए बिजली उपकेंद्रों की स्थापना के साथ पुराने उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि, हाईटेंशन लाइनों का नवीनीकरण, बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने आदि कार्य शामिल हैं। हालांकि यह काम तभी हो सकेंगे, जब पावर कॉरपोरेशन से बजट स्वीकृत होगा।
बमुश्किल तीन वर्ष पहले जिले की बिजली आपूर्ति मेें सुधार के लिए 3.02 अरब रुपये के बजट से तमाम कार्य कराए गए थे। शहर के लोधीपुर और सरायकाइयां इलाके में तीन वर्ष पूर्व 33 केवी के दो नए सब स्टेशन चालू हुए हैं लेकिन वहां कनेक्शन बढ़ने से ओवरलोडिंग बरकरार है। बिजलीपुरा, स्टेशन रोड, एमनजई जलालनगर, हुसैनपुरा, हयातपुरा, ककरा कलां, लाला तेली बजरिया, ककरा खुर्द, मदराखेल, तिलहर जई, अहमदपुर रेती, रेती की नई बस्ती, किला, बंगश आदि मोहल्लों के लोग ओवरलोडिंग से आए दिन जर्जर तार टूटने से लोग परेशान हैं। जर्जर लाइनों से लाइनलास होने के साथ बिजली चोरी भी ओवरलोडिंग बढ़ा रही है। अवर अभियंताओं के अनुसार लाइन फाल्ट की समस्या दूर करने को नई लाइनें डाली जानी चाहिए, लेकिन स्टोर में बजट की कमी से तार, क्लैंप, इंसुलेटर आदि चीजें समय से नहीं मिल पातीं।
इन स्थानों पर 33 केवी के नए उपकेंद्र प्रस्तावित
शहर के पास अटसलिया और बरतारा में औद्योगिक आस्थान के लिए 33 केवी क्षमता के नए उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। इसी कार्य योजना में जमौर में यूपीएसआईडीसी परिसर सहित गढ़िया रंगीन, देवकली, मुड़िया कुर्मियात, बरी खास, सुजावलपुर, परौर और खजुरी में भी उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। खास यह है कि परौर में नए उपकेंद्र के निर्माण को भूमि चयन हो चुका है लेकिन प्रस्ताव दो वर्ष से पावर कॉरपोरेशन निदेशालय में लंबित है।
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स्मार्ट मीटर लगाने को चलेगा विशेष अभियान
कार्य योजना में बिजली चोरी रोकने को ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाने का प्रस्ताव है। जिले में करीब 3.40 लाख उपभोक्ता हैं, जिन्हें 43 बिजली उपकेंद्रों के 255 फीडरों से बिजली दी जा रही है। इनमें 15 फीसदी फीडर ऐसे हैं, जिन पर लाइन लास 50 प्रतिशत से ज्यादा हो रहा है। ऐसे सभी फीडरों वाले कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर पहले लगाने की योजना है।
पुराने उपकेंद्रों की बढ़ाई जाएगी क्षमता
शहर समेत जिले में विभिन्न श्रेणियों के 35 ऐसे उपकेंद्र चिह्नित किए गए हैं जहां ओवरलोडिंग से अक्सर बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इन उपकेंद्रों के यार्डों में पहले से लगे पांच और दस एमवीए के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और खुले तारों वाली 11 केवी की हाईटेंशन लाइनों को बंच केबल लाइन में बदला जाना है।
जन प्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर बनाई करीब 4.50 अरब रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए लखनऊ पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय जा चुकी है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से प्रस्तावित कार्य शुरू हो जाएंगे। पहले चरण में जर्जर हाईटेंशन लाइनों को बदला जाएगा। नए उपकेंद्रों के लिए भूमि चयन का काम भी कराया जाएगा। - प्रीतम सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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बमुश्किल तीन वर्ष पहले जिले की बिजली आपूर्ति मेें सुधार के लिए 3.02 अरब रुपये के बजट से तमाम कार्य कराए गए थे। शहर के लोधीपुर और सरायकाइयां इलाके में तीन वर्ष पूर्व 33 केवी के दो नए सब स्टेशन चालू हुए हैं लेकिन वहां कनेक्शन बढ़ने से ओवरलोडिंग बरकरार है। बिजलीपुरा, स्टेशन रोड, एमनजई जलालनगर, हुसैनपुरा, हयातपुरा, ककरा कलां, लाला तेली बजरिया, ककरा खुर्द, मदराखेल, तिलहर जई, अहमदपुर रेती, रेती की नई बस्ती, किला, बंगश आदि मोहल्लों के लोग ओवरलोडिंग से आए दिन जर्जर तार टूटने से लोग परेशान हैं। जर्जर लाइनों से लाइनलास होने के साथ बिजली चोरी भी ओवरलोडिंग बढ़ा रही है। अवर अभियंताओं के अनुसार लाइन फाल्ट की समस्या दूर करने को नई लाइनें डाली जानी चाहिए, लेकिन स्टोर में बजट की कमी से तार, क्लैंप, इंसुलेटर आदि चीजें समय से नहीं मिल पातीं।
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इन स्थानों पर 33 केवी के नए उपकेंद्र प्रस्तावित
शहर के पास अटसलिया और बरतारा में औद्योगिक आस्थान के लिए 33 केवी क्षमता के नए उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। इसी कार्य योजना में जमौर में यूपीएसआईडीसी परिसर सहित गढ़िया रंगीन, देवकली, मुड़िया कुर्मियात, बरी खास, सुजावलपुर, परौर और खजुरी में भी उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। खास यह है कि परौर में नए उपकेंद्र के निर्माण को भूमि चयन हो चुका है लेकिन प्रस्ताव दो वर्ष से पावर कॉरपोरेशन निदेशालय में लंबित है।
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स्मार्ट मीटर लगाने को चलेगा विशेष अभियान
कार्य योजना में बिजली चोरी रोकने को ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाने का प्रस्ताव है। जिले में करीब 3.40 लाख उपभोक्ता हैं, जिन्हें 43 बिजली उपकेंद्रों के 255 फीडरों से बिजली दी जा रही है। इनमें 15 फीसदी फीडर ऐसे हैं, जिन पर लाइन लास 50 प्रतिशत से ज्यादा हो रहा है। ऐसे सभी फीडरों वाले कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर पहले लगाने की योजना है।
पुराने उपकेंद्रों की बढ़ाई जाएगी क्षमता
शहर समेत जिले में विभिन्न श्रेणियों के 35 ऐसे उपकेंद्र चिह्नित किए गए हैं जहां ओवरलोडिंग से अक्सर बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इन उपकेंद्रों के यार्डों में पहले से लगे पांच और दस एमवीए के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और खुले तारों वाली 11 केवी की हाईटेंशन लाइनों को बंच केबल लाइन में बदला जाना है।
जन प्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर बनाई करीब 4.50 अरब रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए लखनऊ पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय जा चुकी है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से प्रस्तावित कार्य शुरू हो जाएंगे। पहले चरण में जर्जर हाईटेंशन लाइनों को बदला जाएगा। नए उपकेंद्रों के लिए भूमि चयन का काम भी कराया जाएगा। - प्रीतम सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम