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‘शोषण और सामंती व्यवस्था के खिलाफ थे प्रेमचंद’
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एसपी कॉलेज में कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाते शिक्षक । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। सरदार पटेल हिन्दू इंटर कॉलेज में मुंशी प्रेमचंद की 141वीं जयंती पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में पंचशील सोशल वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि प्रेमचंद शोषण एवं सामंतवादी सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ थे। उनकी कहानियों में दर्शाई गई समस्याएं समाज में आज भी हैं।
एसपी कॉलेज के प्रधानाचार्य महेश चंद्र भास्कर ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने दहेज, अनमेल विवाह, पराधीनता, लगान, छूआछूत, जाति भेद, विधवा विवाह, आधुनिकता, स्त्री-पुरुष असमानता आदि सभी प्रमुख समस्याओं पर अपनी लेखनी चलाई। वाणिज्य प्रवक्ता संजय कपूर ने कहा कि प्रेमचंद मानवतावादी और मार्क्सवादी उच्च विचारों के लेखक थे, जिन्होंने गांव गरीब के दु:ख- दर्द को उजागर किया।
गोष्ठी में प्रवक्ता ज्वाला प्रसाद, एके श्रीवास्तव, अनिल कुमार, प्रदीप राठौर, श्रवण कुमार, विशाल चंद्र, कमलेश कुमार, कृष्ण कुमार, सुरेश कुमार, शहजाद खान, सच्चिदानंद गुप्ता, मोहम्मद आदिल, अर्पित शर्मा, कमल किशोर आदि ने भी विचार व्यक्त किये। गोष्ठी की अध्यक्षता अरविंद सिंह यादव ने तथा संचालन केके सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय में शिक्षकों द्वारा पौधरोपण किया गया। सुंदर लाल, राजपाल आदि उपस्थित रहे। संवाद
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एसपी कॉलेज के प्रधानाचार्य महेश चंद्र भास्कर ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने दहेज, अनमेल विवाह, पराधीनता, लगान, छूआछूत, जाति भेद, विधवा विवाह, आधुनिकता, स्त्री-पुरुष असमानता आदि सभी प्रमुख समस्याओं पर अपनी लेखनी चलाई। वाणिज्य प्रवक्ता संजय कपूर ने कहा कि प्रेमचंद मानवतावादी और मार्क्सवादी उच्च विचारों के लेखक थे, जिन्होंने गांव गरीब के दु:ख- दर्द को उजागर किया।
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गोष्ठी में प्रवक्ता ज्वाला प्रसाद, एके श्रीवास्तव, अनिल कुमार, प्रदीप राठौर, श्रवण कुमार, विशाल चंद्र, कमलेश कुमार, कृष्ण कुमार, सुरेश कुमार, शहजाद खान, सच्चिदानंद गुप्ता, मोहम्मद आदिल, अर्पित शर्मा, कमल किशोर आदि ने भी विचार व्यक्त किये। गोष्ठी की अध्यक्षता अरविंद सिंह यादव ने तथा संचालन केके सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय में शिक्षकों द्वारा पौधरोपण किया गया। सुंदर लाल, राजपाल आदि उपस्थित रहे। संवाद
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