{"_id":"57ee78a54f1c1bc01c57509a","slug":"crumble-in-four-days-the-basi-road-bridge","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन में ही उखड़ गई भैंसी पुल की रोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिन में ही उखड़ गई भैंसी पुल की रोड
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
चार दिन में ही उखड़ गई भैंसी पुल की रोड
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
खुटार-पुवायां मार्ग पर भैंसी नदी पुल की मरम्मत में घटिया सामग्री लगाए जाने की पोल खुलने लगी है। चार दिन पूर्व पुल पर बनाई गई रोड उखड़ गई है, वहीं पटलों के ऊपर और रोड के नीचे बिछी लोहे की चादर का एक हिस्सा ऊपर उभर आया है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।
बताते चलें कि अगस्त में 34 लाख रुपये की लागत से भैंसी पुल की मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के समय ही विधायक शकुंतला देवी ने पुल मरम्मत में घटिया सामग्री लगाए जाने की बात कहते हुए कार्य रुकवा दिया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने विधायक से मिलकर स्टीमेट के अनुसार कार्य होने की बात कही थी, इसके बाद मरम्मत का कार्य करा दिया गया। भाकियू और भाजपा नेता राजवीर सिंह ने भी पुल मरम्मत में घटिया सामग्री लगाए जाने का आरोप लगाया था। सितंबर के दूसरे हफ्ते में पुल को आवागमन के लिए खोला गया था। चार दिन पूर्व पुल पर पड़े लकड़ी के पटलों और लोहे की चादर के ऊपर कोलतार रोड बना दी गई, जबकि नीचे ठोस सपोर्ट नहीं होने के कारण रोड उखड़ ही जानी थी। यही हुआ भी। चार दिन बाद ही रोड पूरी तरह से उखड़ गई है। रोड के बीच का हिस्सा काफी उभर आया है और कार आदि छोटे वाहनों के चैंबर से टकरा रहा है, इससे वाहन चालक बेहद परेशान हैं।
बताते चलें कि अगस्त में 34 लाख रुपये की लागत से भैंसी पुल की मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के समय ही विधायक शकुंतला देवी ने पुल मरम्मत में घटिया सामग्री लगाए जाने की बात कहते हुए कार्य रुकवा दिया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने विधायक से मिलकर स्टीमेट के अनुसार कार्य होने की बात कही थी, इसके बाद मरम्मत का कार्य करा दिया गया। भाकियू और भाजपा नेता राजवीर सिंह ने भी पुल मरम्मत में घटिया सामग्री लगाए जाने का आरोप लगाया था। सितंबर के दूसरे हफ्ते में पुल को आवागमन के लिए खोला गया था। चार दिन पूर्व पुल पर पड़े लकड़ी के पटलों और लोहे की चादर के ऊपर कोलतार रोड बना दी गई, जबकि नीचे ठोस सपोर्ट नहीं होने के कारण रोड उखड़ ही जानी थी। यही हुआ भी। चार दिन बाद ही रोड पूरी तरह से उखड़ गई है। रोड के बीच का हिस्सा काफी उभर आया है और कार आदि छोटे वाहनों के चैंबर से टकरा रहा है, इससे वाहन चालक बेहद परेशान हैं।
विज्ञापन